NCERT Class 10 Science Chapter 1 Chemical Reactions and Equations in Hindi | रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Notes, MCQ व प्रश्न-उत्तर

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परिचय – यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

Class 10 Science Chapter 1 Chemical Reactions and Equations के NCERT Solutions आपको इस पेज पर सरल हिंदी में, किताब के क्रम से मिलेंगे। Class 10 Science Chapter 1 Chemical Reactions and Equations यानी रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण — यही अध्याय पूरे विज्ञान की नींव है, क्योंकि आगे अम्ल-क्षारक, धातु-अधातु और कार्बन के यौगिक, सब इसी पर टिके हैं।

सोचिए — दूध से दही बनना, लोहे में जंग लगना, खाना पकना, पटाखा फूटना… ये सब रासायनिक अभिक्रियाएँ ही तो हैं! इस अध्याय में हम सीखेंगे कि अभिक्रिया को पहचानें कैसे, समीकरण लिखें कैसे और उसे संतुलित करें कैसे।

Bihar Board (BSEB) Class 10 की परीक्षा में इस अध्याय से हर साल प्रश्न आते हैं — 1 अंक के वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न, 2 अंक के लघु उत्तरीय प्रश्न और समीकरण संतुलन व अभिक्रिया के प्रकार पर आधारित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी। अच्छी बात यह है कि यह अध्याय छोटा है और थोड़ी-सी समझ से पूरे अंक लाए जा सकते हैं।

📌 खास बात: समीकरण संतुलन Board का सबसे पसंदीदा प्रश्न है। हर साल कोई-न-कोई समीकरण संतुलित करने को ज़रूर आता है — इसलिए इस अध्याय की संतुलन विधि को रटने के बजाय समझकर सीखिए, अंक पक्के होंगे।

📋 अध्याय की जानकारी (Chapter Information)

Board Bihar Board (BSEB)
Textbook NCERT
Class 10
Subject Science (विज्ञान)
Chapter 1
Chapter Name Chemical Reactions and Equations (रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण)
कुल हल किए गए प्रश्न 28 (InText 8 + प्रश्नावली 20)

📚 इस Chapter में क्या-क्या है? (Topics)

  1. 1.1 रासायनिक समीकरण लिखना व संतुलन – शब्द समीकरण, सूत्र समीकरण, द्रव्यमान संरक्षण का नियम व संतुलन की विधि
  2. 1.2 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
    • 1.2.1 संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
    • 1.2.2 वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
    • 1.2.3 विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
    • 1.2.4 द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
    • 1.2.5 उपचयन एवं अपचयन (Oxidation and Reduction)
  3. ऊष्माक्षेपी व ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ – ऊष्मा निकलती है या ऊष्मा लगती है?
  4. 1.3 संक्षारण व विकृतगंधिता – जंग, चाँदी का काला पड़ना, चिप्स का खराब होना व उनकी रोकथाम
  5. पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (InText) – 8 प्रश्न, NCERT उदाहरण (Examples), प्रश्नावली के 20 प्रश्न
  6. Case Study, Quick Revision, Common Mistakes, Bihar Board Exam Tips, MCQ Quiz व FAQ

📊 Key Concepts – मुख्य परिभाषाएँ व नियम

पद / नियम अर्थ (एक लाइन में)
रासायनिक अभिक्रिया वह क्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थ बदलकर नए पदार्थ बनाते हैं, जिनके गुण मूल पदार्थों से बिल्कुल भिन्न होते हैं।
संतुलित समीकरण वह समीकरण जिसमें तीर (→) के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है — अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = उत्पादों का कुल द्रव्यमान।
संयोजन अभिक्रिया दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं।
वियोजन अभिक्रिया एक ही अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है।
विस्थापन अभिक्रिया अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से हटा (विस्थापित कर) देता है।
द्विविस्थापन अभिक्रिया दो यौगिकों के आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है और नए यौगिक बनते हैं।
उपचयन (Oxidation) किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन ग्रहण करना अथवा हाइड्रोजन त्यागना — उपचयन कहलाता है।
अपचयन (Reduction) किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन त्यागना अथवा हाइड्रोजन ग्रहण करना — अपचयन कहलाता है।
संक्षारण (Corrosion) धातु का वायु, नमी आदि से धीरे-धीरे खाए जाना / उसकी सतह का खराब होना — जैसे लोहे पर जंग।
विकृतगंधिता (Rancidity) वसा व तेलयुक्त खाद्य पदार्थों का उपचयन होकर स्वाद व गंध बदल जाना।

सबसे काम की बात: समीकरण संतुलित करते समय केवल गुणांक (सूत्र के आगे की संख्या) बदलें — सूत्र के अंदर की छोटी संख्या (जैसे H2O में 2) कभी न बदलें, वरना पदार्थ ही बदल जाएगा!

रासायनिक अभिक्रिया व समीकरण – शुरुआत कहाँ से होती है?

जब कोई पदार्थ किसी दूसरे पदार्थ से क्रिया करके, या अकेले ही बदलकर, बिल्कुल नए गुणों वाला पदार्थ बना ले — तो हम कहते हैं कि रासायनिक अभिक्रिया हुई।

अभिक्रिया हुई है या नहीं, यह कैसे पहचानें? इनमें से कोई एक बदलाव दिखे तो समझिए अभिक्रिया हुई है — अवस्था में परिवर्तन, रंग में परिवर्तन, गैस निकलना, तापमान में परिवर्तन, या अवक्षेप (ठोस पदार्थ) बनना।

मैग्नीशियम रिबन वाला उदाहरण

प्रयोगशाला में आपने मैग्नीशियम (Mg) का चमकदार रिबन जलाया होगा। वह हवा की ऑक्सीजन से क्रिया करके चमकदार सफ़ेद लौ के साथ जलता है और सफ़ेद राख जैसा पाउडर बनता है — यही मैग्नीशियम ऑक्साइड है।

पहले इसे शब्द समीकरण में लिखते हैं:

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड

अब शब्दों की जगह सूत्र लिख दें तो यही सूत्र समीकरण (रासायनिक समीकरण) बन जाता है:

2Mg + O2 → 2MgO

📌 याद रखें: तीर (→) के बाईं ओर लिखे पदार्थ अभिकारक (Reactants) और दाईं ओर बने पदार्थ उत्पाद (Products) कहलाते हैं। दो अभिकारकों के बीच “+” का अर्थ है “मिलकर क्रिया करते हैं” और दो उत्पादों के बीच “+” का अर्थ है “और”।

एक साँस में समझें — अभिक्रिया को शब्दों में लिखना शब्द समीकरण है और सूत्रों में लिखना ही रासायनिक समीकरण है।

समीकरण संतुलन – द्रव्यमान संरक्षण का नियम

ऊपर वाला समीकरण हमने सीधे संतुलित लिख दिया, पर हर समीकरण शुरू से संतुलित नहीं होता। सवाल है — संतुलन ज़रूरी क्यों है?

इसका उत्तर देता है द्रव्यमान संरक्षण का नियम — किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो पैदा होता है, न खत्म होता है। अर्थात अभिक्रिया से पहले जितने परमाणु थे, अभिक्रिया के बाद भी उतने ही रहेंगे; वे बस नए क्रम में जुड़ जाते हैं।

इसलिए हर संतुलित समीकरण में तीर के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर होनी चाहिए। जो समीकरण बिना संतुलन के केवल सूत्रों में लिखा हो, उसे ढाँचा समीकरण (Skeletal Equation) कहते हैं।

जाँच एवं त्रुटि (Hit-and-Trial) विधि – चरण-दर-चरण

संतुलन की सबसे आसान और Board में काम आने वाली विधि यही है। आइए उदाहरण से सीखें — मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल वाला समीकरण संतुलित करते हैं। ढाँचा समीकरण है:

Mg + HCl → MgCl2 + H2

चरण 1: दोनों ओर के परमाणु गिनिए। बाईं ओर: Mg = 1, H = 1, Cl = 1। दाईं ओर: Mg = 1, H = 2, Cl = 2। Mg संतुलित है, H और Cl असंतुलित हैं।

चरण 2: सबसे पहले उस तत्व से शुरुआत करें जो सबसे कम जगह आता हो। यहाँ Cl लें — दाईं ओर Cl = 2 है, इसलिए बाईं ओर HCl के आगे गुणांक 2 लगाएँ: Mg + 2HCl → MgCl2 + H2

चरण 3: फिर से गिनिए। बाईं ओर: Mg = 1, H = 2, Cl = 2। दाईं ओर: Mg = 1, H = 2, Cl = 2। अब H भी संतुलित हो गया।

चरण 4: सभी तत्व दोबारा जाँचिए — कोई असंतुलित न रह जाए।

चरण 5: अंत में गुणांकों को सबसे छोटे पूर्ण संख्याओं में रखें और अवस्था संकेत लिखें (यदि प्रश्न में माँगे गए हों)।

संतुलित समीकरण: Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)↑

एक और प्रसिद्ध उदाहरण देखिए — हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल बनना। ढाँचा समीकरण: H2 + O2 → H2O। गिनने पर बाईं ओर O = 2 और दाईं ओर O = 1 है। H2O के आगे 2 लगाने पर H दाईं ओर 4 हो जाता है, फिर बाईं ओर H2 के आगे 2 लगाएँ:

2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)

📌 ध्यान दें: संतुलन में कभी भी सूत्र न बदलें! O2 को संतुलित करने के लिए H2O को H2O2 लिखना गलत होगा — वह जल नहीं, हाइड्रोजन परॉक्साइड बन जाएगा। केवल आगे का गुणांक बदलें।

अवस्था संकेत – (s), (l), (g), (aq) का अर्थ

संकेत अर्थ उदाहरण
(s) ठोस (Solid) CaCO3(s) — चूना पत्थर
(l) द्रव (Liquid) H2O(l) — जल
(g) गैस (Gas) CO2(g) — कार्बन डाइऑक्साइड
(aq) जलीय विलयन (Aqueous) — जल में घुला हुआ NaOH(aq), HCl(aq)
↓ अवक्षेप बनता है (ठोस नीचे बैठता है) BaSO4↓
↑ गैस निकलती है H2↑

अभिक्रिया की शर्तें — जैसे ऊष्मा, दाब, उत्प्रेरक — तीर (→) के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं। जैसे CaCO3 →(ऊष्मा) CaO + CO2।

एक साँस में समझें — संतुलन का एक ही नियम है: दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर, और तरीका है केवल गुणांक बदलना।

अभिक्रियाओं के प्रकार – पाँच प्रकार, पक्की पहचान

अभिक्रियाएँ हज़ारों तरह की होती हैं, पर NCERT ने उन्हें पाँच मुख्य प्रकारों में बाँटा है। पहचान का तरीका बहुत सरल है — देखिए कि कितने अभिकारक हैं, कितने उत्पाद बने और कौन किसे हटा रहा है। चलिए एक-एक करके समझते हैं।

1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

जिस अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, वह संयोजन अभिक्रिया है। याद रखने का तरीका — “कई मिले, एक बना।”

CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
(बिना बुझा चूना + जल → बुझा चूना)

C(s) + O2(g) → CO2(g)
(कार्बन (कोयला) का दहन)

इसी प्रकार H2 + Cl2 → 2HCl भी संयोजन अभिक्रिया है।

2. वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

यह संयोजन की ठीक उलटी है — एक ही अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है। “एक टूटा, कई बने।” टूटने के लिए प्रायः ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा देनी पड़ती है।

CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)
(चूना पत्थर का ऊष्मा से वियोजन — सीमेंट उद्योग की प्रमुख अभिक्रिया)

2H2O(l) →(विद्युत) 2H2(g) + O2(g)
(जल का विद्युत अपघटन)

2AgCl(s) →(सूर्य का प्रकाश) 2Ag(s) + Cl2(g)
(सिल्वर क्लोराइड का प्रकाश से वियोजन — श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफ़ी में उपयोगी)

3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

जब अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से बाहर धकेल देता है और स्वयं उसकी जगह ले लेता है, तो वह विस्थापन अभिक्रिया है। यह वैसा ही है जैसे मज़बूत खिलाड़ी कमज़ोर को हटाकर टीम में जगह बना ले।

Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
(लोहा, कॉपर से अधिक क्रियाशील है — नीला रंग धीरे-धीरे हल्का हरा हो जाता है)

Zn(s) + H2SO4(aq) → ZnSO4(aq) + H2(g)↑
(जिंक, हाइड्रोजन को विस्थापित करता है — यह भी विस्थापन अभिक्रिया ही है)

📌 नोट: कम क्रियाशील तत्व कभी विस्थापन नहीं कर सकता। जैसे Cu + FeSO4 → कोई अभिक्रिया नहीं होगी, क्योंकि कॉपर लोहे से कम क्रियाशील है।

4. द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

जब दो यौगिकों के बीच आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है और दो नए यौगिक बनते हैं, तो वह द्विविस्थापन अभिक्रिया है। इसमें प्रायः अवक्षेप (जल में अघुलनशील ठोस) बनता है, इसलिए इन्हें अवक्षेपण अभिक्रियाएँ भी कहते हैं।

BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)
(सफ़ेद अवक्षेप — बेरियम सल्फ़ेट)

AgNO3(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s)↓ + NaNO3(aq)
(सफ़ेद अवक्षेप — सिल्वर क्लोराइड)

5. उपचयन एवं अपचयन (Oxidation and Reduction)

ऑक्सीजन के लेन-देन से समझिए — जिस पदार्थ को ऑक्सीजन मिलती है (या जो हाइड्रोजन खोता है), उसका उपचयन होता है; और जो पदार्थ ऑक्सीजन खोता है (या हाइड्रोजन पाता है), उसका अपचयन होता है।

प्रसिद्ध उदाहरण देखिए — कॉपर ऑक्साइड को हाइड्रोजन के साथ गरम करने पर:

CuO(s) + H2(g) →(ऊष्मा) Cu(s) + H2O(l)

इसमें CuO ऑक्सीजन खो रहा है, अतः CuO का अपचयन हुआ और वह Cu बना। वहीं H2 ऑक्सीजन पा रही है, अतः H2 का उपचयन हुआ और वह H2O बनी।

दूसरा उदाहरण:

ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g)

यहाँ ZnO ऑक्सीजन खोता है (अपचयन) और C ऑक्सीजन पाता है (उपचयन)।

📌 याद रखें: उपचयन और अपचयन हमेशा साथ-साथ होते हैं — एक पदार्थ ऑक्सीजन खोता है तभी दूसरा उसे पाता है। ऐसी युग्म अभिक्रिया को कभी-कभी रेडॉक्स (Redox) अभिक्रिया भी कहते हैं। जो पदार्थ दूसरे का उपचयन कराए, वह स्वयं अपचयित होता है।

एक साँस में समझें — संयोजन में जुड़ाव, वियोजन में टूटन, विस्थापन में जगह छीनना, द्विविस्थापन में अदला-बदली और उपचयन-अपचयन में ऑक्सीजन का लेन-देन होता है।

ऊष्माक्षेपी व ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ

हर अभिक्रिया में ऊर्जा का लेन-देन होता है। इसी आधार पर अभिक्रियाएँ दो प्रकार की होती हैं:

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): जिस अभिक्रिया में उत्पादों के साथ ऊष्मा भी निकलती (मुक्त होती) है, वह ऊष्माक्षेपी है। बर्तन गरम हो जाना इसकी सबसे आसान पहचान है। उदाहरण — सभी दहन अभिक्रियाएँ, श्वसन, बिना बुझे चूने में जल मिलाना।

CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊष्मा
(प्राकृतिक गैस / मीथेन का दहन)

C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा
(श्वसन — ग्लूकोज़ का उपचयन)

ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction): जिस अभिक्रिया के होने के लिए ऊष्मा (ऊर्जा) बाहर से लेनी पड़ती है, वह ऊष्माशोषी है। अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ इसी प्रकार की होती हैं — जैसे CaCO3 को गरम करना, जल का विद्युत अपघटन, प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनना।

📌 याद रखें: “क्षेपी” यानी बाहर फेंकना — ऊष्मा बाहर निकले तो ऊष्माक्षेपी; “शोषी” यानी सोखना — ऊष्मा सोखी जाए तो ऊष्माशोषी। शब्द से ही अर्थ याद रहेगा!

संक्षारण व विकृतगंधिता – रोज़ की ज़िंदगी की रसायन

संक्षारण (Corrosion)

जब कोई धातु अपने आस-पास की वायु, नमी, अम्ल आदि के संपर्क में आकर धीरे-धीरे ख़राब होने लगती है, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।

लोहे पर जंग: लोहे की वस्तु नम वायु में रखी रहे तो उस पर भूरे रंग की परत जम जाती है — यही जंग है। जंग वास्तव में जलयोजित फ़ेरिक ऑक्साइड होता है, जिसका सूत्र है:

जंग का सूत्र: Fe2O3·xH2O (यहाँ x जल के अणुओं की परिवर्ती संख्या है)

चाँदी का काला पड़ना: चाँदी के बर्तन व गहने समय के साथ काले पड़ जाते हैं, क्योंकि वायु की हाइड्रोजन सल्फ़ाइड (H2S) से क्रिया करके चाँदी की सतह पर सिल्वर सल्फ़ाइड (Ag2S) की काली परत बन जाती है।

ताँबे पर हरी परत: ताँबे के बर्तन नम वायु में लंबे समय तक रहें तो उनकी भूरी चमक जाती रहती है और क्षारकीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत जम जाती है।

संक्षारण से रोकथाम के उपाय:

  • पेंट करना — लोहे की वस्तु पर पेंट की परत वायु व नमी को धातु तक पहुँचने ही नहीं देती।
  • तेल या ग्रीस लगाना — औज़ारों व मशीनों के पुर्ज़ों पर यही तरीका चलता है।
  • यशदलेपन (Galvanization) — लोहे-इस्पात पर ज़िंक (जस्ते) की परत चढ़ाना; बाल्टी, टिन की छत इसी से सुरक्षित रहती हैं।
  • मिश्रधातु बनाना (Alloying) — जैसे स्टेनलेस स्टील में जंग नहीं लगती।
  • विद्युत लेपन (Electroplating) और उचित भंडारण भी संक्षारण रोकते हैं।

विकृतगंधिता (Rancidity)

वसा और तेलयुक्त खाद्य पदार्थ जब लंबे समय तक रखे रहते हैं, तो वायु की ऑक्सीजन से उनका उपचयन हो जाता है। इससे उनका स्वाद बिगड़ जाता है और अजीब-सी गंध आने लगती है — इसी को विकृतगंधिता कहते हैं। पुराने चिप्स का कड़वा-सा स्वाद आपने शायद अनुभव किया हो!

विकृतगंधिता रोकने के उपाय:

  • नाइट्रोजन गैस भरना (Nitrogen Flushing): चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है, जिससे ऑक्सीजन-रहित (निष्क्रिय) वातावरण बन जाता है और उपचयन रुक जाता है — चिप्स ताज़े व कुरकुरे रहते हैं।
  • प्रतिउपचायक (Antioxidants) मिलाना: ये पदार्थ स्वयं उपचयित होकर भोजन को उपचयन से बचाते हैं।
  • वायुरोधी (airtight) बर्तनों में रखना, ठंडी व अँधेरी जगह रखना और फ्रिज में रखना भी सहायक है।

एक साँस में समझें — संक्षारण धातु को ख़राब करता है और विकृतगंधिता भोजन को; दोनों की जड़ में उपचयन ही है।

📘 पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (InText Questions)

ये वे प्रश्न हैं जो NCERT किताब के अनुच्छेदों के बीच-बीच में दिए गए हैं। Board में ये प्रश्न वैसे-के-वैसे पूछ लिए जाते हैं, इसलिए इन्हें सबसे पहले तैयार कीजिए।

(क) अनुच्छेद 1.1 पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?

हल:

चरण 1: मैग्नीशियम बहुत क्रियाशील धातु है। वायु में रखा रहने पर वह ऑक्सीजन से क्रिया करके अपनी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की परत बना लेता है।

चरण 2: यह परत अंदर के मैग्नीशियम को वायु के संपर्क में आने से रोकती है, जिससे रिबन ठीक से जल नहीं पाता।

उत्तर: इसलिए जलाने से पहले रिबन को रेगमाल (sand paper) से रगड़कर MgO की परत हटा दी जाती है, ताकि मैग्नीशियम आसानी से जल सके।

प्रश्न 2. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए: (i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड (ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड (iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

हल:

(i) ढाँचा समीकरण: H2 + Cl2 → HCl। दाईं ओर H व Cl एक-एक हैं, बाईं ओर दो-दो; HCl के आगे 2 लगाएँ:

H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)

(ii) ढाँचा समीकरण: BaCl2 + Al2(SO4)3 → BaSO4 + AlCl3। SO4 समूह को एक इकाई मानकर गिनें — बाईं ओर 3 हैं, इसलिए BaSO4 के आगे 3; फिर Ba के लिए BaCl2 के आगे 3; अंत में Al व Cl के लिए AlCl3 के आगे 2:

3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s)↓ + 2AlCl3(aq)

(iii) ढाँचा समीकरण: Na + H2O → NaOH + H2। H को संतुलित करने के लिए H2O व NaOH के आगे 2 और फिर Na के आगे 2 लगाएँ:

2Na(s) + 2H2O(l) → 2NaOH(aq) + H2(g)↑

प्रश्न 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण अवस्था संकेतों सहित लिखिए: (i) बेरियम क्लोराइड का जलीय विलयन सोडियम सल्फ़ेट के जलीय विलयन से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन और अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट बनाता है। (ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के जलीय विलयन से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन और जल बनाता है।

हल:

(i) बेरियम सल्फ़ेट जल में अघुलनशील है, अतः वह अवक्षेप के रूप में बनेगा और उसकी अवस्था (s) होगी:

BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)

(ii) यह अम्ल-क्षारक उदासीनीकरण अभिक्रिया है — समीकरण पहले से लगभग संतुलित रूप में है:

NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)

(ख) अनुच्छेद 1.2 पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1. किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफ़ेदी (white washing) के लिए होता है। (i) पदार्थ ‘X’ का नाम व सूत्र लिखिए। (ii) पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।

हल:

(i) सफ़ेदी में जिस पदार्थ का विलयन (घोल) लगाया जाता है, वह बुझे चूने का होता है, और वह बनता है पदार्थ ‘X’ से।

उत्तर (i): पदार्थ ‘X’ = कैल्सियम ऑक्साइड, सूत्र — CaO। इसे बिना बुझा चूना (quick lime) भी कहते हैं।

(ii) CaO जल से तीव्र क्रिया करके बुझा चूना बनाता है और बहुत ऊष्मा निकलती है (ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया):

CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
(बिना बुझा चूना + जल → बुझा चूना)

📌 जानकारी के लिए: दीवार पर लगाया गया बुझा चूना धीरे-धीरे वायु की CO2 से क्रिया करके Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O के अनुसार कैल्सियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है — यही परत 2–3 दिन बाद दीवार को चमक देती है।

प्रश्न 2. क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी परखनली की अपेक्षा दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

हल:

चरण 1: क्रियाकलाप 1.7 में जल का विद्युत अपघटन किया जाता है: 2H2O →(विद्युत) 2H2 + O2।

चरण 2: समीकरण से स्पष्ट है कि जल के 2 अणु टूटने पर हाइड्रोजन के 2 अणु और ऑक्सीजन का 1 अणु बनता है। अतः आयतन के अनुसार H2 : O2 = 2 : 1 होता है।

उत्तर: इसलिए कैथोड वाली परखनली में गैस दोगुनी मात्रा में एकत्रित होती है, और वह गैस है — हाइड्रोजन (H2)। (दूसरी परखनली में ऑक्सीजन एकत्रित होती है।)

(ग) अनुच्छेद 1.2.3–1.3 पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1. लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोने पर विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

हल:

चरण 1: लोहा (Fe), कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह CuSO4 से कॉपर को विस्थापित कर देता है — यह विस्थापन अभिक्रिया है।

चरण 2: अभिक्रिया में आयरन सल्फ़ेट (FeSO4) बनता है, जिसका रंग हल्का हरा होता है। इसलिए विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे हरा हो जाता है।

चरण 3: विस्थापित हुआ कॉपर कील पर भूरी परत के रूप में जम जाता है।

Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
(नीला विलयन → हल्का हरा विलयन; कील पर भूरी परत)

प्रश्न 2. क्रियाकलाप 1.10 में दिए गए उदाहरण से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

हल: क्रियाकलाप 1.10 में सोडियम सल्फ़ेट व बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया दी गई थी। इससे भिन्न उदाहरण है — सिल्वर नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड की अभिक्रिया, जिसमें सिल्वर क्लोराइड का सफ़ेद अवक्षेप बनता है:

AgNO3(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s)↓ + NaNO3(aq)

प्रश्न 3. निम्नलिखित अभिक्रियाओं में उपचयित और अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए: (i) 4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s) (ii) CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)

हल:

(i) सोडियम ऑक्सीजन ग्रहण कर रहा है, अतः Na का उपचयन हुआ है। इसी कारण O2 को अपचयित पदार्थ (के रूप में कार्य करने वाला) माना जाता है — सरल शब्दों में: Na उपचयित, O2 अपचयित।

(ii) CuO ऑक्सीजन खो रहा है, अतः CuO अपचयित हुआ है। H2 ऑक्सीजन ग्रहण करके जल बनाती है, अतः H2 उपचयित हुई है।

उत्तर: (i) उपचयित — Na; अपचयित — O2  |  (ii) उपचयित — H2; अपचयित — CuO

इस भाग में हमने सीखा — InText प्रश्न ही अध्याय की आत्मा हैं; इन 8 प्रश्नों को तैयार कर लिया तो अध्याय आधा तैयार समझिए।

📗 NCERT उदाहरण (Examples)

किताब में दिए गए ये उदाहरण अक्सर परीक्षा में थोड़े बदलाव के साथ आ जाते हैं। हर उदाहरण के साथ उसका प्रकार भी याद रखिए।

उदाहरण 1. फ़ेरस सल्फ़ेट (FeSO4) के क्रिस्टलों को परखनली में गरम करने पर क्या होता है?

हल:

चरण 1: फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल हरे रंग के होते हैं। गरम करने पर पहले उनका क्रिस्टलन-जल उड़ जाता है और रंग हल्का हो जाता है।

चरण 2: और गरम करने पर FeSO4 का वियोजन होकर फ़ेरिक ऑक्साइड (Fe2O3) बनता है, जो भूरे रंग का होता है, तथा सल्फ़र डाइऑक्साइड (SO2) और सल्फ़र ट्राइऑक्साइड (SO3) गैसें निकलती हैं।

2FeSO4(s) →(ऊष्मा) Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)
प्रकार: वियोजन अभिक्रिया (रंग हरा → भूरा)

उदाहरण 2. लेड (सीसा) नाइट्रेट के पाउडर को गरम करने पर क्या प्रेक्षण होता है?

हल: गरम करने पर लेड नाइट्रेट का वियोजन होता है — भूरे रंग की नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) गैस के बादल निकलते हैं और पीले रंग का लेड ऑक्साइड (PbO) बचता है।

2Pb(NO3)2(s) →(ऊष्मा) 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g)
प्रकार: वियोजन अभिक्रिया (भूरी गैस NO2 इसकी पहचान है)

उदाहरण 3. चूना पत्थर (CaCO3) को गरम करने की अभिक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?

हल: चूना पत्थर को तेज़ गरम करने पर वह बिना बुझे चूने (CaO) और कार्बन डाइऑक्साइड में टूट जाता है। CaO सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है, इसलिए यह वियोजन अभिक्रिया उद्योग में बहुत उपयोगी है।

CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)
प्रकार: वियोजन अभिक्रिया (ऊष्माशोषी)

उदाहरण 4. जल का विद्युत अपघटन क्या दर्शाता है?

हल: अम्लीय जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर जल अपने अवयवों — हाइड्रोजन व ऑक्सीजन — में टूट जाता है। कैथोड पर हाइड्रोजन और ऐनोड पर ऑक्सीजन, 2 : 1 के आयतन अनुपात में एकत्रित होती है।

2H2O(l) →(विद्युत) 2H2(g) + O2(g)
प्रकार: वियोजन अभिक्रिया (विद्युत ऊर्जा द्वारा)

✏️ प्रश्नावली (Exercise) – सभी 20 प्रश्नों के हल

प्रश्न 1. नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)
(i) सीसा अपचयित हो रहा है। (ii) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रही है। (iii) कार्बन उपचयित हो रहा है। (iv) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
विकल्प: (a) (i) एवं (ii) (b) (i) एवं (iii) (c) (i), (ii) एवं (iii) (d) ये सभी

हल:

चरण 1: अभिक्रिया को ध्यान से देखिए — PbO ऑक्सीजन खोकर Pb बन रहा है, अर्थात लेड ऑक्साइड (PbO) अपचयित हो रहा है। कथन (iv) सत्य है। ध्यान दें, अपचयित होने वाला पदार्थ PbO है, “सीसा (Pb)” नहीं — Pb तो उत्पाद है। इसलिए कथन (i) “सीसा अपचयित हो रहा है” असत्य है।

चरण 2: कार्बन (C) ऑक्सीजन पाकर CO2 बन रहा है, अर्थात कार्बन उपचयित हो रहा है — कथन (iii) सत्य है। CO2 तो बना हुआ उत्पाद है, उसका उपचयन नहीं हो रहा; इसलिए कथन (ii) असत्य है।

उत्तर: (a) (i) एवं (ii) — असत्य कथन (i) और (ii) हैं।

प्रश्न 2. Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe — ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

हल: ऐलुमिनियम (Al), लोहे (Fe) से अधिक क्रियाशील है। वह Fe2O3 से लोहे को विस्थापित करके स्वयं Al2O3 बना लेता है।

उत्तर: यह विस्थापन अभिक्रिया है। इसे थर्मिट अभिक्रिया भी कहते हैं — इसमें इतनी ऊष्मा निकलती है कि बना हुआ लोहा पिघल जाता है, जिसका उपयोग रेल की पटरियों व मशीनों की दरारों को जोड़ने (वेल्डिंग) में होता है।

प्रश्न 3. लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन(II) क्लोराइड बनता है। (b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है। (c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है। (d) आयरन लवण एवं जल बनता है।

हल: लोहा तनु HCl से क्रिया करके हाइड्रोजन को विस्थापित कर देता है। फ़ेरस क्लोराइड यानी आयरन(II) क्लोराइड (FeCl2) बनता है और हाइड्रोजन गैस बुदबुदाहट के साथ निकलती है।

उत्तर: (a) — Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl2(aq) + H2(g)↑

प्रश्न 4. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

हल:

चरण 1: जिस रासायनिक समीकरण में तीर के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।

चरण 2: संतुलन इसलिए आवश्यक है क्योंकि समीकरण को द्रव्यमान संरक्षण के नियम (लेवोज़िए / Lavoisier द्वारा प्रतिपादित) का पालन करना चाहिए — अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट। असंतुलित समीकरण इस नियम का उल्लंघन करता है।

उदाहरण: 2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) — दोनों ओर H = 4 और O = 2; यही संतुलित समीकरण है।

प्रश्न 5. निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में बदलिए और संतुलित कीजिए: (a) नाइट्रोजन, हाइड्रोजन से संयोग करके अमोनिया बनाती है। (b) हाइड्रोजन सल्फ़ाइड वायु में जलकर जल व सल्फ़र डाइऑक्साइड देती है। (c) बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम सल्फ़ेट से अभिक्रिया करके बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप व ऐलुमिनियम क्लोराइड देता है। (d) पोटैशियम धातु जल से क्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड व हाइड्रोजन गैस देती है।

हल:

(a) ढाँचा: N2 + H2 → NH3। N संतुलित करने के लिए NH3 के आगे 2, फिर H के लिए H2 के आगे 3:

N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)

(b) ढाँचा: H2S + O2 → H2O + SO2। H2S व SO2 के आगे 2 लगाने पर O दाईं ओर 6 हो जाता है, अतः O2 के आगे 3:

2H2S(g) + 3O2(g) → 2H2O(l) + 2SO2(g)

(c) यह InText प्रश्न 2(ii) जैसा ही है — SO4 को इकाई मानकर संतुलित करें:

3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s)↓ + 2AlCl3(aq)

(d) ढाँचा: K + H2O → KOH + H2। H संतुलित करने के लिए H2O व KOH के आगे 2, फिर K के आगे 2:

2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g)↑

प्रश्न 6. निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए: (a) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O (b) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O (c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3 (d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl

हल:

(a) दाईं ओर NO3 समूह 2 हैं, अतः HNO3 के आगे 2; फिर H व O अपने आप संतुलित हो जाते हैं और H2O के आगे 2 आता है:

2HNO3(aq) + Ca(OH)2(aq) → Ca(NO3)2(aq) + 2H2O(l)

(b) दाईं ओर Na = 2 है, अतः NaOH के आगे 2; फिर H2O के आगे 2 लगाने से H व O भी संतुलित:

2NaOH(aq) + H2SO4(aq) → Na2SO4(aq) + 2H2O(l)

(c) दोनों ओर गिनिए — Na = 1, Cl = 1, Ag = 1, NO3 = 1। हर तत्व पहले से बराबर है:

NaCl(aq) + AgNO3(aq) → AgCl(s)↓ + NaNO3(aq)  (पहले से संतुलित है)

(d) दाईं ओर Cl = 1 परंतु बाईं ओर 2 है, अतः HCl के आगे 2; बाकी सब संतुलित हो जाते हैं:

BaCl2(aq) + H2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2HCl(aq)

प्रश्न 7. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए: (a) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल (b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर (c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर (d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + पोटैशियम क्लोराइड

हल:

(a) यही अभिक्रिया सफ़ेदी की चमक का कारण है:

Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l)

(b) जिंक, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है — विस्थापन अभिक्रिया:

Zn(s) + 2AgNO3(aq) → Zn(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

(c) ऐलुमिनियम, कॉपर से अधिक क्रियाशील है। AlCl3 में Cl = 3 और CuCl2 में Cl = 2 है — ल.स. 6 लेकर संतुलित करें:

2Al(s) + 3CuCl2(aq) → 2AlCl3(aq) + 3Cu(s)

(d) BaSO4 अवक्षेप बनेगा — द्विविस्थापन अभिक्रिया:

BaCl2(aq) + K2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2KCl(aq)

प्रश्न 8. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण लिखिए तथा प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार भी बताइए: (a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s) (b) जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g) (c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g) (d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

हल:

(a) आयनों की अदला-बदली हुई है — KBr के आगे 2 और KI के आगे 2 लगेगा:

2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s)  प्रकार: द्विविस्थापन अभिक्रिया

(b) एक अभिकारक टूटकर दो उत्पाद बना रहा है:

ZnCO3(s) →(ऊष्मा) ZnO(s) + CO2(g)  प्रकार: वियोजन अभिक्रिया

(c) दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बना रहे हैं:

H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)  प्रकार: संयोजन अभिक्रिया

(d) Mg ने अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित किया है:

Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)↑  प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया

प्रश्न 9. ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

हल:

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: जिस अभिक्रिया में उत्पादों के निर्माण के साथ ऊष्मा मुक्त होती है। उदाहरण — प्राकृतिक गैस का दहन:

CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊष्मा

ऊष्माशोषी अभिक्रिया: जिस अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण (बाहर से ऊर्जा लेना) होता है। उदाहरण — चूना पत्थर का वियोजन, जिसके लिए लगातार ऊष्मा देनी पड़ती है:

CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)

प्रश्न 10. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

हल:

चरण 1: हम जो भोजन खाते हैं, उससे शरीर को ग्लूकोज़ मिलता है। श्वसन में ग्लूकोज़ कोशिकाओं के अंदर ऑक्सीजन से क्रिया करके धीरे-धीरे टूटता है।

चरण 2: इस क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड व जल के साथ ऊर्जा मुक्त होती है — यही ऊर्जा शरीर के सारे कामों में उपयोग होती है।

उत्तर: चूँकि श्वसन में ऊष्मा/ऊर्जा मुक्त होती है, इसलिए श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है: C6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O + ऊर्जा

प्रश्न 11. वियोजन अभिक्रियाओं को संयोजन अभिक्रियाओं के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

हल: संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, जबकि वियोजन अभिक्रिया में एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है। दोनों क्रियाएँ एक-दूसरे की ठीक उलटी हैं, इसलिए वियोजन को संयोजन के विपरीत कहा जाता है।

संयोजन: CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
वियोजन: CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)

प्रश्न 12. उन वियोजन अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण लिखिए, जिनमें ऊर्जा — ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में दी जाती है।

हल:

(a) ऊष्मा द्वारा वियोजन — चूना पत्थर को गरम करने पर:

CaCO3(s) →(ऊष्मा) CaO(s) + CO2(g)

(b) प्रकाश द्वारा वियोजन — सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश में धूसर हो जाता है:

2AgCl(s) →(सूर्य का प्रकाश) 2Ag(s) + Cl2(g)

(c) विद्युत द्वारा वियोजन — जल का विद्युत अपघटन:

2H2O(l) →(विद्युत) 2H2(g) + O2(g)

प्रश्न 13. विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

हल:

विस्थापन अभिक्रिया: इसमें अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है। केवल एक तत्व बाहर आता है।

Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)

द्विविस्थापन अभिक्रिया: इसमें दो यौगिकों के बीच आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है और दो नए यौगिक बनते हैं — प्रायः अवक्षेप भी बनता है।

BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)

📌 अंतर याद रखें: विस्थापन में “एक तत्व बनाम एक यौगिक” होता है; द्विविस्थापन में “दो यौगिक बनाम दो यौगिक” होते हैं।

प्रश्न 14. सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

हल: कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह AgNO3 के विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है और विलयन नीला (Cu(NO3)2 के कारण) हो जाता है।

Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

प्रश्न 15. अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

हल: वह अभिक्रिया जिसमें उत्पाद के रूप में जल में अघुलनशील ठोस पदार्थ (अवक्षेप) बनता है, अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है। अवक्षेप प्रायः द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में बनता है और समीकरण में उसके साथ ↓ का चिह्न लगाया जाता है।

उदाहरण: सोडियम सल्फ़ेट व बेरियम क्लोराइड के विलयन मिलाने पर बेरियम सल्फ़ेट का सफ़ेद अवक्षेप तुरंत बनता है:

Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)

प्रश्न 16. ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए और प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए: (a) उपचयन (b) अपचयन

हल:

(a) उपचयन (Oxidation): वह अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है (अथवा हाइड्रोजन का ह्रास होता है), उपचयन कहलाती है।

उदाहरण 1: ताँबा गरम करने पर ऑक्सीजन पाकर काला CuO बनाता है:

2Cu(s) + O2(g) →(ऊष्मा) 2CuO(s)  (Cu का उपचयन)

उदाहरण 2: कार्बन ऑक्सीजन पाकर CO2 बनाता है:

C(s) + O2(g) → CO2(g)  (C का उपचयन)

(b) अपचयन (Reduction): वह अभिक्रिया जिसमें किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन का ह्रास (त्याग) होता है (अथवा हाइड्रोजन ग्रहण की जाती है), अपचयन कहलाती है।

उदाहरण 1: CuO हाइड्रोजन के साथ गरम करने पर ऑक्सीजन खोकर Cu बनता है:

CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)  (CuO का अपचयन)

उदाहरण 2: ZnO कार्बन के साथ ऑक्सीजन खोकर Zn बनता है:

ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g)  (ZnO का अपचयन)

प्रश्न 17. एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ वायु की उपस्थिति में गरम करने पर काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं बने हुए काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

हल:

चरण 1: भूरा चमकदार तत्व जो गरम करने पर काला पड़ जाए — यह पहचान कॉपर (ताँबा) की है।

चरण 2: गरम करने पर कॉपर वायु की ऑक्सीजन से क्रिया (उपचयन) करके कॉपर(II) ऑक्साइड बनाता है, जो काले रंग का होता है।

उत्तर: तत्व ‘X’ = कॉपर (Cu); काला यौगिक = कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO)
2Cu(s) + O2(g) →(ऊष्मा) 2CuO(s)

प्रश्न 18. लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

हल: लोहे की वस्तु नम वायु के संपर्क में आने पर उस पर जंग (Fe2O3·xH2O) लग जाती है, जिससे वस्तु धीरे-धीरे कमज़ोर होकर नष्ट हो जाती है। पेंट करने से लोहे की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बन जाती है, जो वायु की ऑक्सीजन और नमी को लोहे तक पहुँचने से रोक देती है।

उत्तर: पेंट लोहे को वायु व नमी से अलग रखता है, इसलिए जंग नहीं लगती और वस्तु लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

प्रश्न 19. तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित (flush) क्यों किया जाता है?

हल: तेल व वसा का वायु की ऑक्सीजन से उपचयन होने पर खाद्य पदार्थों में विकृतगंधिता आ जाती है — स्वाद व गंध बिगड़ जाते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरने से ऑक्सीजन-रहित, निष्क्रिय वातावरण बन जाता है, क्योंकि नाइट्रोजन खाद्य पदार्थों से क्रिया नहीं करती।

उत्तर: नाइट्रोजन से प्रभावित करने पर उपचयन रुक जाता है, इसलिए खाद्य पदार्थों में विकृतगंधिता नहीं होती और वे लंबे समय तक ताज़े रहते हैं।

प्रश्न 20. निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए: (a) संक्षारण (b) विकृतगंधिता

हल:

(a) संक्षारण (Corrosion): जब कोई धातु अपने आस-पास उपस्थित पदार्थों — जैसे नमी, वायु, अम्ल — से क्रिया करके धीरे-धीरे खाई जाने लगती है / उसकी सतह पर अवांछित परत बन जाती है, तो उसे संक्षारण कहते हैं।

उदाहरण: लोहे पर भूरी जंग (Fe2O3·xH2O) लगना; चाँदी का काला पड़ना; ताँबे पर हरी परत जमना।

(b) विकृतगंधिता (Rancidity): वसा एवं तेलयुक्त खाद्य पदार्थों का वायु की ऑक्सीजन द्वारा उपचयन हो जाने से उनके स्वाद व गंध का बिगड़ जाना विकृतगंधिता कहलाता है।

उदाहरण: लंबे समय तक रखे चिप्स या तले हुए खाद्य पदार्थों में अजीब-सी गंध व कड़वा स्वाद आ जाना।

इस प्रश्नावली में हमने सीखा — 20 प्रश्नों में से आधे से अधिक केवल समीकरण संतुलन और प्रकार-पहचान पर हैं; ये दो कौशल पक्के कर लिए तो प्रश्नावली आसान है।

📖 Case Study – जंग और बासी चिप्स की कहानी

रवि ने देखा कि उसके घर के आँगन में रखी लोहे की कुर्सी पर बरसात के बाद भूरे रंग की परत जम गई है और कुर्सी की चमक भी चली गई है। उसी दिन शाम को माँ ने चिप्स का एक पुराना खुला रखा पैकेट निकाला, तो उसमें से अजीब-सी गंध आई और स्वाद भी बिगड़ा हुआ लगा। माँ ने कहा — “दोनों जगह एक ही रसायन काम कर रहा है — ऑक्सीजन!” रवि सोच में पड़ गया कि धातु की कुर्सी और खाने के चिप्स, दोनों पर ऑक्सीजन का असर कैसे एक जैसा हो सकता है। इस गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

Q1. लोहे की कुर्सी पर जमी भूरी परत किस पदार्थ की है? —

(A) FeO
(B) Fe2O3·xH2O
(C) FeCO3
(D) Fe(OH)2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) Fe2O3·xH2O — जंग जलयोजित फ़ेरिक ऑक्साइड होता है, जो नम वायु में लोहे के संक्षारण से बनता है।

Q2. चिप्स के पैकेट में से अजीब गंध आना किस प्रक्रिया का उदाहरण है? —

(A) संक्षारण
(B) वियोजन
(C) विकृतगंधिता
(D) अवक्षेपण

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) विकृतगंधिता — तेल व वसा का ऑक्सीजन द्वारा उपचयन होने से स्वाद व गंध बिगड़ जाते हैं।

Q3. कुर्सी को जंग से बचाने का सबसे उपयुक्त उपाय कौन-सा है? —

(A) उसे बरसात में खुला रखना
(B) उस पर पेंट करना
(C) उसे नम कपड़े से रोज़ पोंछना
(D) उसे अम्ल से धोना

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) उस पर पेंट करना — पेंट की परत नमी व ऑक्सीजन को लोहे तक पहुँचने से रोकती है।

Q4. माँ का कथन “दोनों जगह ऑक्सीजन काम कर रहा है” क्यों सही है? —

(A) क्योंकि दोनों में दहन हो रहा है
(B) क्योंकि जंग लगना भी उपचयन है और चिप्स का खराब होना भी उपचयन है
(C) क्योंकि दोनों में अवक्षेप बनता है
(D) क्योंकि दोनों संयोजन अभिक्रियाएँ हैं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) क्योंकि जंग लगना भी उपचयन है और चिप्स का खराब होना भी उपचयन है — दोनों प्रक्रियाओं की जड़ ऑक्सीजन से क्रिया ही है।

⭐ Quick Revision – Important Points

  • ✅ संतुलित समीकरण में दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर होते हैं — यही द्रव्यमान संरक्षण का नियम है।
  • ✅ संतुलन में केवल गुणांक बदलें, सूत्र कभी न बदलें; सबसे अंत में दोनों ओर परमाणु फिर से गिनकर जाँचें।
  • ✅ संयोजन: कई → एक; वियोजन: एक → कई — दोनों एक-दूसरे के विपरीत हैं।
  • ✅ विस्थापन में अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील को हटाता है — Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।
  • ✅ द्विविस्थापन में आयनों की अदला-बदली होती है और प्रायः अवक्षेप (↓) बनता है — जैसे BaSO4 व AgCl।
  • ✅ ऑक्सीजन मिले तो उपचयन, ऑक्सीजन निकले तो अपचयन; दोनों हमेशा साथ-साथ होते हैं।
  • ✅ दहन और श्वसन ऊष्माक्षेपी हैं; अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी हैं।
  • ✅ जंग का सूत्र Fe2O3·xH2O है; चाँदी पर काली परत Ag2S की और ताँबे पर हरी परत क्षारकीय कॉपर कार्बोनेट की होती है।
  • ✅ जंग से बचाव — पेंट, तेल-ग्रीस, यशदलेपन (galvanization) व मिश्रधातु; विकृतगंधिता से बचाव — नाइट्रोजन फ़्लशिंग व प्रतिउपचायक।
  • ✅ जल के विद्युत अपघटन में H2 : O2 का आयतन अनुपात 2 : 1 होता है।

⚠️ Aam Galtiyan (Common Mistakes)

  • संतुलन में सूत्र बदल देना: ऐलुमिनियम सल्फ़ेट को Al2(SO4)2 लिखना गलत है — सही सूत्र Al2(SO4)3 है। संतुलन के लिए सूत्र नहीं, केवल आगे का गुणांक बदलें।
  • अमोनिया का सूत्र गलत लिखना: संतुलन करते समय 2NH3 की जगह जल्दबाज़ी में ग़लत सूत्र लिख बैठना आम गलती है — NH3 में N के साथ H तीन ही होते हैं।
  • अवस्था संकेत भूल जाना: प्रश्न में “अवस्था संकेतों सहित” लिखा हो तो (s), (l), (g), (aq) और अवक्षेप पर ↓, गैस पर ↑ लगाना न भूलें — अंक इसी पर कटते हैं।
  • उपचयन-अपचयन उलटा कर देना: याद रखें — ऑक्सीजन पाने वाले का उपचयन और ऑक्सीजन खोने वाले का अपचयन होता है। CuO + H2 में H2 उपचयित और CuO अपचयित है।
  • Fe + CuSO4 में गलत उत्पाद लिखना: यहाँ FeSO4 बनता है, Fe2(SO4)3 नहीं — लोहा यहाँ +2 संयोजकता (फ़ेरस) दिखाता है।
  • द्विविस्थापन में गुणांक चूकना: BaCl2 + Na2SO4 में NaCl के आगे 2 लगाना अक्सर छूट जाता है, जिससे Na व Cl असंतुलित रह जाते हैं।

🎯 Bihar Board Exam Tips

  • संतुलन का अभ्यास रोज़ करें: रोज़ 5 समीकरण बिना देखे संतुलित करें — यह प्रश्न लगभग निश्चित आता है और पूरे अंक देता है।
  • समीकरण के साथ अवस्था व शर्त लिखें: ऊष्मा, प्रकाश, विद्युत जैसी शर्तें तीर के ऊपर लिखने से उत्तर पूरा और प्रभावशाली बनता है।
  • प्रकार पहचानने का क्रम याद रखें: पहले अभिकारक-उत्पाद गिनें (संयोजन/वियोजन), फिर देखें कोई तत्व किसी को हटा रहा है या नहीं (विस्थापन), फिर आयनों की अदला-बदली (द्विविस्थापन) और अंत में ऑक्सीजन का लेन-देन (उपचयन-अपचयन)।
  • MCQ की तैयारी: BSEB में बड़ी संख्या में वस्तुनिष्ठ प्रश्न आते हैं — जंग का सूत्र, सफ़ेदी वाला पदार्थ ‘X’, थर्मिट अभिक्रिया और H2 : O2 = 2 : 1 जैसे तथ्य रट नहीं, समझकर याद करें।
  • पिछले वर्षों के BSEB प्रश्न-पत्रों से इस अध्याय के प्रश्न हल करके जाएँ — InText व प्रश्नावली के प्रश्न अक्सर दोहराए जाते हैं।

📝 MCQ Quiz – 15 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (स्वयं को जाँचें)

पहले बिना देखे हल करें, फिर “✅ उत्तर देखें” खोलकर मिलाएँ। अंत में Answer Key table दी गई है।

Q1. संतुलित रासायनिक समीकरण किस नियम पर आधारित होता है? —

(A) ऊर्जा संरक्षण का नियम
(B) द्रव्यमान संरक्षण का नियम
(C) निश्चित अनुपात का नियम
(D) गुणित अनुपात का नियम

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) द्रव्यमान संरक्षण का नियम — दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर रखने पड़ते हैं।

Q2. समीकरण 2Mg + O2 → 2MgO किस प्रकार की अभिक्रिया है? —

(A) वियोजन
(B) विस्थापन
(C) संयोजन
(D) द्विविस्थापन

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) संयोजन — दो अभिकारक (Mg व O2) मिलकर एक उत्पाद (MgO) बना रहे हैं।

Q3. चूना पत्थर को गरम करने पर CaCO3 → CaO + CO2 अभिक्रिया होती है। यह है —

(A) संयोजन अभिक्रिया
(B) वियोजन अभिक्रिया
(C) विस्थापन अभिक्रिया
(D) द्विविस्थापन अभिक्रिया

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) वियोजन अभिक्रिया — एक अभिकारक टूटकर दो उत्पाद बना रहा है।

Q4. Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu अभिक्रिया में विलयन का रंग कैसा हो जाता है? —

(A) नीले से रंगहीन
(B) नीले से हल्का हरा
(C) हरे से नीला
(D) कोई परिवर्तन नहीं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) नीले से हल्का हरा — नीला CuSO4 ख़त्म होकर हल्के हरे रंग का FeSO4 बनता है।

Q5. निम्न में से कौन-सी द्विविस्थापन अभिक्रिया है? —

(A) Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
(B) CaO + H2O → Ca(OH)2
(C) BaCl2 + Na2SO4 → BaSO4 + 2NaCl
(D) C + O2 → CO2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) BaCl2 + Na2SO4 वाली — दो यौगिकों के आयनों की अदला-बदली होकर BaSO4 अवक्षेप बनता है।

Q6. CuO + H2 → Cu + H2O अभिक्रिया में अपचयित होने वाला पदार्थ है —

(A) H2
(B) CuO
(C) Cu
(D) H2O

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) CuO — यह ऑक्सीजन खोकर Cu बनता है, अतः इसका अपचयन हुआ; H2 का उपचयन हुआ।

Q7. जंग का रासायनिक सूत्र है —

(A) FeO
(B) Fe2O3
(C) Fe2O3·xH2O
(D) Fe3O4

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) Fe2O3·xH2O — जंग जलयोजित फ़ेरिक ऑक्साइड होता है।

Q8. सफ़ेदी के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ ‘X’ का सूत्र है —

(A) Ca(OH)2
(B) CaCO3
(C) CaO
(D) CaCl2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) CaO — बिना बुझा चूना; जल मिलाने पर इससे बुझा चूना Ca(OH)2 बनता है, उसी का घोल सफ़ेदी में लगता है।

Q9. जल के विद्युत अपघटन में हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के आयतनों का अनुपात होता है —

(A) 1 : 2
(B) 2 : 1
(C) 1 : 1
(D) 3 : 1

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 2 : 1 — 2H2O → 2H2 + O2 के अनुसार हाइड्रोजन दोगुनी बनती है।

Q10. श्वसन किस प्रकार की अभिक्रिया है? —

(A) ऊष्माशोषी
(B) ऊष्माक्षेपी
(C) अवक्षेपण
(D) उदासीनीकरण

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) ऊष्माक्षेपी — ग्लूकोज़ के उपचयन से ऊर्जा मुक्त होती है।

Q11. सिल्वर क्लोराइड (AgCl) को सूर्य के प्रकाश में रखने पर उसका रंग हो जाता है —

(A) सफ़ेद से नीला
(B) सफ़ेद से धूसर (ग्रे)
(C) सफ़ेद से हरा
(D) कोई परिवर्तन नहीं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) सफ़ेद से धूसर — प्रकाश से वियोजन होकर चाँदी (Ag) अलग होती है: 2AgCl → 2Ag + Cl2।

Q12. चिप्स के पैकेट में विकृतगंधिता रोकने के लिए कौन-सी गैस भरी जाती है? —

(A) ऑक्सीजन
(B) कार्बन डाइऑक्साइड
(C) नाइट्रोजन
(D) हाइड्रोजन

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) नाइट्रोजन — यह निष्क्रिय वातावरण बनाकर तेल के उपचयन को रोकती है।

Q13. निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया संभव नहीं है? —

(A) Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu
(B) Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
(C) Cu + FeSO4 → CuSO4 + Fe
(D) Mg + ZnSO4 → MgSO4 + Zn

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) Cu + FeSO4 वाली — कॉपर, लोहे से कम क्रियाशील है, इसलिए वह लोहे को विस्थापित नहीं कर सकता।

Q14. समीकरण aH2 + bO2 → cH2O के संतुलित रूप में a, b, c के मान हैं —

(A) a = 1, b = 1, c = 1
(B) a = 2, b = 1, c = 2
(C) a = 1, b = 2, c = 1
(D) a = 2, b = 2, c = 2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) a = 2, b = 1, c = 2 — संतुलित समीकरण है: 2H2 + O2 → 2H2O।

Q15. थर्मिट अभिक्रिया (Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe) का उपयोग होता है —

(A) सफ़ेदी करने में
(B) फ़ोटोग्राफ़ी में
(C) रेल की पटरियों को जोड़ने (वेल्डिंग) में
(D) चिप्स पैक करने में

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) रेल की पटरियों को जोड़ने में — इसमें इतनी ऊष्मा निकलती है कि लोहा पिघलकर दरार भर देता है।

Answer Key – उत्तरमाला

प्रश्न 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15
उत्तर B C B B C B C C B B B C C B C

❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. Bihar Board परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंक के प्रश्न आते हैं?
उत्तर: प्रश्न-पत्र का पैटर्न समय-समय पर बदलता रहता है, इसलिए कोई निश्चित संख्या कहना ठीक नहीं होगा। सामान्यतः इस अध्याय से वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय और समीकरण-आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं — विशेषकर समीकरण संतुलन, अभिक्रियाओं के प्रकार और जंग-विकृतगंधिता से। अध्याय छोटा है, इसलिए इसे छोड़ना समझदारी नहीं है।

प्रश्न 2. समीकरण संतुलित करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
उत्तर: जाँच एवं त्रुटि (hit-and-trial) विधि ही सबसे आसान है। चरण याद रखें — (1) दोनों ओर परमाणु गिनें, (2) सबसे कम स्थानों पर आने वाले तत्व से शुरुआत करें, (3) धातु → अधातु → हाइड्रोजन → ऑक्सीजन के क्रम में संतुलित करें (ऑक्सीजन को प्रायः अंत में रखें), (4) केवल गुणांक बदलें, सूत्र नहीं, (5) अंत में फिर से गिनकर जाँचें। बहुपरमाणुक समूह (जैसे SO4, NO3) दोनों ओर वैसे-के-वैसे हों तो उन्हें एक इकाई मानकर गिनें, काम आसान हो जाएगा।

प्रश्न 3. उपचयन और अपचयन कैसे याद रखें, उल्टा न हो जाए?
उत्तर: एक छोटी-सी पंक्ति याद कर लीजिए — “ऑक्सीजन पाए तो उपचयन, ऑक्सीजन जाए तो अपचयन।” और यह भी याद रखें कि दोनों हमेशा साथ होते हैं — एक का उपचयन होगा तो दूसरे का अपचयन अवश्य होगा। परीक्षा से पहले CuO + H2 वाला उदाहरण एक बार लिखकर देख लें, भ्रम दूर हो जाएगा।

प्रश्न 4. क्या केवल InText और प्रश्नावली के प्रश्न तैयार करना काफ़ी है?
उत्तर: इस अध्याय के लिए लगभग हाँ — Board के अधिकांश प्रश्न इन्हीं से सीधे या हल्के बदलाव के साथ आते हैं। साथ में NCERT के उदाहरण और अध्याय के अंत का MCQ Quiz भी कर लें, तो वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी भी पूरी हो जाएगी।

प्रश्न 5. NCERT की किताब (PDF) कहाँ से मिलेगी?
उत्तर: NCERT की आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in से Class 10 Science की किताब का PDF बिल्कुल मुफ़्त डाउनलोड किया जा सकता है। वहीं से आप हर अध्याय की मूल किताब पढ़ सकते हैं।

प्रश्न 6. ढाँचा समीकरण और संतुलित समीकरण में क्या अंतर है?
उत्तर: जो समीकरण केवल सूत्रों में लिखा हो और दोनों ओर परमाणुओं की संख्या बराबर न हो, वह ढाँचा (skeletal) समीकरण है — जैसे H2 + O2 → H2O। गुणांक लगाकर परमाणु बराबर कर देने पर वही संतुलित समीकरण बन जाता है — 2H2 + O2 → 2H2O। परीक्षा में हमेशा संतुलित समीकरण ही लिखें।

🔗 Pichhla / Agla Adhyay – पिछले व अगले अध्याय पढ़ें

यह विज्ञान का पहला अध्याय है, इसलिए इससे पहले कोई अध्याय नहीं है। सभी अध्यायों की सूची यहाँ देखें: 📚 सभी अध्यायों की सूची – NCERT Class 10 Bihar Board Science Book

➡️ अगला अध्याय: अध्याय 2 — अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts) — यह अध्याय भी आपको ऊपर दिए गए Science Book पेज पर ही मिलेगा: Class 10 Science Chapter 2 Acids Bases and Salts

गणित की तैयारी भी साथ-साथ चल रही है तो गणित के chapter-wise notes भी देख लीजिए — वहाँ Class 10 Maths के सभी अध्यायों के हल इसी सरल शैली में मिलेंगे।

🔚 Conclusion – निष्कर्ष

बधाई हो! आपने विज्ञान का पहला और सबसे बुनियादी अध्याय पूरा कर लिया। अब आप जानते हैं कि अभिक्रिया पहचाननी कैसे है, समीकरण संतुलित करना क्यों और कैसे है, पाँचों प्रकार की अभिक्रियाएँ कौन-सी हैं, और जंग व विकृतगंधिता जैसी रोज़ की समस्याओं के पीछे का रसायन क्या है।

ऊपर दिए गए सभी 28 हल किए गए प्रश्नों (InText 8 + प्रश्नावली 20), NCERT उदाहरणों और 15 MCQ का अभ्यास कीजिए। किताब का मूल पाठ पढ़ने के लिए NCERT की आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in से PDF ले सकते हैं। अब अगले अध्याय — अम्ल, क्षारक एवं लवण — की तैयारी शुरू कीजिए; वहाँ यही समीकरण आपके बहुत काम आएँगे। शुभकामनाएँ, मेहनत जारी रखिए!