Class 10 Math Chapter 11 Constructions NCERT Solutions in Hindi | रचनाएँ – सूत्र, उदाहरण व प्रश्न उत्तर

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Class 10 Math Chapter 11 Constructions NCERT Solutions in Hindi

Class 10 Math Chapter 11 रचनाएँ (Constructions) – Introduction

Class 10 Math Chapter 11 Constructions के NCERT Solutions यहाँ किताब की शैली में, सरल हिंदी में दिए गए हैं। Class 10 Math Chapter 11 Constructions पूरी किताब का सबसे अलग अध्याय है — यहाँ गणना से अधिक हाथ का काम है।

परकार (compass) और स्केल (ruler) की मदद से आप सीखेंगे — किसी रेखाखंड को दिए गए अनुपात में बाँटना, दिए गए त्रिभुज के समरूप बड़ा या छोटा त्रिभुज बनाना, और वृत्त के बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ खींचना।

Bihar Board (BSEB) Class 10 की परीक्षा में इस अध्याय से आमतौर पर 4–5 अंक की एक रचना आती है। ध्यान दें — अंक केवल आकृति पर नहीं मिलते; रचना के चरण और सत्यापन (justification) साफ़ लिखने पर ही पूरे अंक मिलते हैं। इसलिए इस article में हर रचना के साथ चरण और “यह विधि सही क्यों है” दोनों दिए गए हैं।

शुरू करने से पहले Class 10 Math Chapter 10 वृत्त (Circles) के प्रमेय दोहरा लें — स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लम्ब होती है, यही बात स्पर्श रेखा वाली रचनाओं की नींव है।

Chapter 11 – पूरी जानकारी एक नज़र में

जानकारी विवरण
Board Bihar Board (BSEB)
Textbook NCERT
Class 10
Subject Maths (गणित)
Chapter 11
Chapter Name Class 10 Math Chapter 11 Constructions (रचनाएँ)
कुल हल की गई रचनाएँ 15 (प्रश्नावली 11.1 की 7 + प्रश्नावली 11.2 की 7 + 1 NCERT उदाहरण); प्रत्येक के साथ चरण व सत्यापन

इस Chapter में क्या-क्या है? (Topics)

  1. 11.1 परिचय – रचना के उपकरण और नियम
  2. 11.2 रेखाखंड को दिए गए अनुपात में विभाजित करना
  3. 11.3 दिए गए मापनी गुणक (scale factor) से समरूप त्रिभुज की रचना
  4. प्रश्नावली 11.1 – विभाजन व समरूप त्रिभुज की 7 रचनाएँ
  5. 11.4 वृत्त के बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाओं की रचना
  6. प्रश्नावली 11.2 – स्पर्श रेखाओं की 7 रचनाएँ
  7. NCERT उदाहरण – मुख्य उदाहरण का हल

📊 Important Formulas / Key Concepts

मापनी गुणक (Scale Factor): नए त्रिभुज की भुजा ÷ पुराने त्रिभुज की संगत भुजा। गुणक > 1 हो तो त्रिभुज बड़ा, < 1 हो तो छोटा बनता है।

रेखाखंड विभाजन का आधार: आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (BPT/Thales) — समांतर रेखाएँ दूसरी भुजा को उसी अनुपात में बाँटती हैं।

बिंदुओं की संख्या: अनुपात m : n के लिए किरण पर कुल m + n बराबर बिंदु चिह्नित करते हैं। समरूप त्रिभुज में किरण पर उतने बिंदु लेते हैं जितनी गुणक के अंश व हर में बड़ी संख्या है।

स्पर्श रेखा रचना का आधार: अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है — इसलिए OP को व्यास मानकर वृत्त खींचने से स्पर्श बिंदु मिलते हैं, जहाँ ∠OAP = 90° होता है।

स्पर्श रेखा की लंबाई: √(d² − r²); जैसे d = 10 cm, r = 6 cm हो तो लंबाई = √(100 − 36) = 8 cm।

झुकी हुई स्पर्श रेखाएँ: दो स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण θ हो तो केंद्र पर कोण = 180° − θ; 60° के जोड़े के लिए केंद्र पर 120° बनाना होता है।

Line segment division in ratio 5:8 construction - rekha khand ka 5:8 me vibhajan

चित्र: रेखाखंड AB को 5 : 8 के अनुपात में बाँटने की रचना — किरण AX पर 13 बराबर बिंदु और समांतर रेखाओं का प्रयोग।

💡 याद रखें: ज़रूरी उपकरण हैं — तेज़ नोक वाला परकार, स्केल, पेंसिल और डिवाइडर। परीक्षा में रचना की रेखाएँ साफ़ और गहरी रखें तथा चिह्नित बिंदुओं के नाम अवश्य लिखें।

प्रश्नावली 11.1 – रेखाखंड विभाजन और समरूप त्रिभुज (सभी 7 रचनाएँ)

रचना 1. 7.6 cm के रेखाखंड को 5 : 8 के अनुपात में बाँटना

प्रश्न: एक 7.6 cm लंबा रेखाखंड खींचिए और उसे 5 : 8 के अनुपात में विभाजित कीजिए। दोनों भागों को नापिए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: स्केल से रेखाखंड AB = 7.6 cm खींचिए।

चरण 2: बिंदु A से एक किरण AX खींचिए, जो AB के साथ न्यून कोण (acute angle) बनाए।

चरण 3: परकार में कोई सुविधाजनक दूरी लेकर AX पर एक के बाद एक 13 (= 5 + 8) बराबर बिंदु A₁, A₂, …, A₁₃ चिह्नित कीजिए।

चरण 4: अंतिम बिंदु A₁₃ को B से मिलाइए।

चरण 5: बिंदु A₅ से होकर A₁₃B के समांतर रेखा खींचिए (बराबर कोण बनाकर), जो AB को बिंदु C पर काटे।

उत्तर: बिंदु C, AB को 5 : 8 में बाँटता है; नापने पर AC ≈ 2.92 cm और CB ≈ 4.68 cm (योग = 7.6 cm ✔)

सत्यापन: ΔAA₅C और ΔAA₁₃B में A₅C ∥ A₁₃B है, इसलिए आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय से AC/CB = AA₅/A₅A₁₃ = 5/8। अतः रचना सही है।

रचना 2. भुजाएँ 4, 5, 6 cm वाला त्रिभुज और उसका 2/3 मापनी वाला समरूप त्रिभुज

प्रश्न: एक त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ 4 cm, 5 cm और 6 cm हों। फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ पहले त्रिभुज की संगत भुजाओं की 2/3 हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: आधार BC = 5 cm खींचिए। B को केंद्र मानकर 4 cm और C को केंद्र मानकर 6 cm के चाप लगाकर बिंदु A प्राप्त कीजिए — यह मूल ΔABC है।

चरण 2: B से नीचे की ओर एक किरण BX खींचिए, जो BC से न्यून कोण बनाए।

चरण 3: BX पर 3 बराबर बिंदु B₁, B₂, B₃ चिह्नित कीजिए (2 और 3 में बड़ी संख्या 3 है)।

चरण 4: B₃ को C से मिलाइए।

चरण 5: B₂ से होकर B₃C के समांतर रेखा खींचिए, जो BC को बिंदु D पर काटे।

चरण 6: D से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को बिंदु E पर काटे। ΔBDE ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: ΔBDE मूल ΔABC के समरूप है और उसकी प्रत्येक भुजा मूल भुजा की 2/3 है।

सत्यापन: B₂D ∥ B₃C होने से BD/BC = BB₂/BB₃ = 2/3 और DE ∥ CA होने से ΔBDE ~ ΔBCA मिलता है। अतः मापनी गुणक = 2/3 सिद्ध हुआ।

रचना 3. आधार 8 cm, ऊँचाई 4 cm वाला समद्विबाहु त्रिभुज और उसका 3/2 समरूप

प्रश्न: एक समद्विबाहु त्रिभुज बनाइए जिसका आधार 8 cm और ऊँचाई (altitude) 4 cm हो। फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ इस त्रिभुज की संगत भुजाओं की 1½ (3/2) गुनी हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: आधार BC = 8 cm खींचिए और उसका मध्य बिंदु D लीजिए (लम्ब-समद्विभाजक से)।

चरण 2: D पर लम्ब खींचिए और उस पर 4 cm की ऊँचाई पर बिंदु A चिह्नित कीजिए। A को B और C से मिलाइए — समद्विबाहु ΔABC तैयार है, जिसमें AB = AC है।

चरण 3: B से किरण BX खींचिए और उस पर 3 बराबर बिंदु B₁, B₂, B₃ चिह्नित कीजिए (गुणक 3/2 में बड़ी संख्या 3 है)।

चरण 4: B₂ को C से मिलाइए और B₃ से उसके समांतर रेखा खींचिए, जो BC को आगे बढ़ाने पर बिंदु C′ पर मिले (नया त्रिभुज बड़ा है, इसलिए आधार भी बढ़ेगा)।

चरण 5: C′ से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को आगे बढ़ाने पर बिंदु A′ पर मिले। ΔBA′C′ ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: ΔBA′C′ मूल त्रिभुज का 3/2 गुना बड़ा समरूप त्रिभुज है।

सत्यापन: समांतरता के कारण ΔBA′C′ ~ ΔBAC और BC′/BC = BB₃/BB₂ = 3/2 मिलता है।

रचना 4. BC = 7 cm, ∠B = 45°, ∠A = 105° वाला त्रिभुज और उसका 4/3 समरूप

प्रश्न: एक त्रिभुज ABC बनाइए जिसमें BC = 7 cm, ∠B = 45° और ∠A = 105° हो। फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ ΔABC की संगत भुजाओं की 4/3 गुनी हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: पहले तीसरा कोण निकालिए: ∠C = 180° − 105° − 45° = 30°।

चरण 2: BC = 7 cm खींचिए। बिंदु B पर 45° और बिंदु C पर 30° के कोण बनाइए; दोनों रेखाएँ जहाँ मिलें वही बिंदु A है।

चरण 3: B से किरण BX खींचिए और उस पर 4 बराबर बिंदु B₁, B₂, B₃, B₄ चिह्नित कीजिए (गुणक 4/3 में बड़ी संख्या 4 है)।

चरण 4: B₃ को C से मिलाइए और B₄ से उसके समांतर रेखा खींचिए, जो BC को आगे बढ़ाने पर C′ पर मिले।

चरण 5: C′ से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को आगे बढ़ाने पर A′ पर मिले। ΔBA′C′ ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: ΔBA′C′ की प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 4/3 गुनी है।

सत्यापन: समांतर रेखाओं से ΔBA′C′ ~ ΔBAC और BC′/BC = BB₄/BB₃ = 4/3 मिलता है।

रचना 5. BC = 6 cm, AB = 5 cm, ∠B = 60° वाला त्रिभुज और उसका 3/4 समरूप

प्रश्न: एक त्रिभुज ABC बनाइए जिसमें BC = 6 cm, AB = 5 cm और ∠ABC = 60° हो। फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ ΔABC की संगत भुजाओं की 3/4 हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: BC = 6 cm खींचिए। बिंदु B पर 60° का कोण बनाइए और उस भुजा पर BA = 5 cm काटिए। A को C से मिलाइए — ΔABC तैयार है।

चरण 2: B से किरण BX खींचिए और उस पर 4 बराबर बिंदु B₁, B₂, B₃, B₄ चिह्नित कीजिए (गुणक 3/4 में बड़ी संख्या 4 है)।

चरण 3: B₄ को C से मिलाइए।

चरण 4: B₃ से होकर B₄C के समांतर रेखा खींचिए, जो BC को बिंदु D पर काटे (गुणक 1 से छोटा है, इसलिए नया त्रिभुज मूल के अंदर बनेगा)।

चरण 5: D से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को बिंदु E पर काटे। ΔBDE ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: ΔBDE की प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 3/4 है।

सत्यापन: समांतरता से ΔBDE ~ ΔBCA और BD/BC = BB₃/BB₄ = 3/4 मिलता है।

रचना 6. भुजाएँ 3 cm, 4 cm वाला समकोण त्रिभुज और उसका 5/3 समरूप

प्रश्न: एक समकोण त्रिभुज बनाइए जिसमें कर्ण के अलावा भुजाएँ 4 cm और 3 cm हों। फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ इस त्रिभुज की संगत भुजाओं की 5/3 गुनी हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: BC = 4 cm खींचिए, B पर 90° का कोण बनाइए और उस दिशा में BA = 3 cm चिह्नित कीजिए। A को C से मिलाइए — समकोण ΔABC तैयार है (कर्ण AC = 5 cm)।

चरण 2: B से किरण BX खींचिए और उस पर 5 बराबर बिंदु B₁ से B₅ चिह्नित कीजिए (गुणक 5/3 में बड़ी संख्या 5 है)।

चरण 3: B₃ को C से मिलाइए और B₅ से उसके समांतर रेखा खींचिए, जो BC को आगे बढ़ाने पर C′ पर मिले।

चरण 4: C′ से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को आगे बढ़ाने पर A′ पर मिले। ΔBA′C′ ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: नए त्रिभुज की भुजाएँ = 5 cm, 20/3 cm ≈ 6.67 cm और कर्ण = 25/3 cm ≈ 8.33 cm।

सत्यापन: ΔBA′C′ ~ ΔBAC और अनुपात = BB₅/BB₃ = 5/3; नापने पर भी भुजाएँ 3 × 5/3 = 5 cm और 4 × 5/3 = 20/3 cm मिलती हैं।

रचना 7. भुजाएँ 5, 6, 7 cm वाला त्रिभुज और उसका 7/5 समरूप

प्रश्न: भुजाओं 5 cm, 6 cm और 7 cm वाला एक त्रिभुज बनाइए और फिर एक ऐसा त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ पहले त्रिभुज की संगत भुजाओं की 7/5 गुनी हों। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: आधार BC = 7 cm खींचिए। B से 6 cm और C से 5 cm के चाप लगाकर बिंदु A प्राप्त कीजिए — मूल ΔABC तैयार है।

चरण 2: B से किरण BX खींचिए और उस पर 7 बराबर बिंदु B₁ से B₇ चिह्नित कीजिए (गुणक 7/5 में बड़ी संख्या 7 है)।

चरण 3: B₅ को C से मिलाइए और B₇ से उसके समांतर रेखा खींचिए, जो BC को आगे बढ़ाने पर C′ पर मिले।

चरण 4: C′ से होकर CA के समांतर रेखा खींचिए, जो BA को आगे बढ़ाने पर A′ पर मिले। ΔBA′C′ ही अभीष्ट त्रिभुज है।

उत्तर: नए त्रिभुज की भुजाएँ = 7 cm, 8.4 cm और 9.8 cm (5 × 7/5, 6 × 7/5, 7 × 7/5)।

सत्यापन: समांतरता से ΔBA′C′ ~ ΔBAC और BC′/BC = BB₇/BB₅ = 7/5 मिलता है, इसलिए प्रत्येक भुजा 7/5 गुनी हो जाती है।

इस प्रश्नावली में हमने सीखा — विभाजन हो या समरूप त्रिभुज, दोनों की जान एक ही है: किरण पर बराबर बिंदु और समांतर रेखाएँ (BPT)।

प्रश्नावली 11.2 – वृत्त की स्पर्श रेखाओं की रचना (सभी 7 रचनाएँ)

Tangents from an external point to a circle construction - bahya bindu se sparsh rekhaye

चित्र: बाह्य बिंदु P से स्पर्श रेखाओं की रचना — OP को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त मूल वृत्त को स्पर्श बिंदुओं A और B पर काटता है।

रचना 1. त्रिज्या 6 cm के वृत्त पर, केंद्र से 10 cm दूर बिंदु से स्पर्श रेखाएँ

प्रश्न: 6 cm त्रिज्या का एक वृत्त बनाइए। उसके केंद्र से 10 cm दूर एक बिंदु लीजिए और उस बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखाओं का एक जोड़ा बनाइए। उनकी लंबाई भी नापिए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: केंद्र O लेकर 6 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए।

चरण 2: O से 10 cm दूर बिंदु P लीजिए और OP को मिलाइए।

चरण 3: OP का मध्य बिंदु M निकालिए (लम्ब-समद्विभाजक विधि से)।

चरण 4: M को केंद्र और MO (= MP = 5 cm) को त्रिज्या मानकर एक दूसरा वृत्त खींचिए, जो पहले वृत्त को बिंदुओं A और B पर काटे।

चरण 5: P को A से और P को B से मिलाइए — PA और PB ही दोनों स्पर्श रेखाएँ हैं।

उत्तर: नापने पर PA = PB = 8 cm मिलती है।

सत्यापन: ∠OAP अर्धवृत्त में बना कोण है, इसलिए ∠OAP = 90°, अर्थात OA ⟂ PA — और त्रिज्या पर लम्ब रेखा ही स्पर्श रेखा होती है (Chapter 10)। सूत्र से भी: √(10² − 6²) = √64 = 8 cm — दोनों मेल खाते हैं और PA = PB, प्रमेय 10.2 की भी पुष्टि होती है।

रचना 2. संकेंद्रीय वृत्तों से स्पर्श रेखा (त्रिज्या 4 cm और 6 cm)

प्रश्न: 4 cm त्रिज्या के वृत्त पर, 6 cm त्रिज्या वाले संकेंद्रीय वृत्त पर स्थित किसी बिंदु से एक स्पर्श रेखा बनाइए और उसकी लंबाई नापिए। गणना द्वारा भी सत्यापन कीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: केंद्र O से 4 cm और 6 cm त्रिज्या के दो संकेंद्रीय वृत्त खींचिए।

चरण 2: बाहरी (6 cm वाले) वृत्त पर कोई बिंदु P लीजिए और OP को मिलाइए।

चरण 3: OP का मध्य बिंदु M निकालिए और M को केंद्र मानकर OP को व्यास लेते हुए वृत्त खींचिए, जो भीतरी (4 cm वाले) वृत्त को बिंदुओं Q और R पर काटे।

चरण 4: P को Q से मिलाइए — PQ ही अभीष्ट स्पर्श रेखा है (PR दूसरी स्पर्श रेखा होगी)।

उत्तर: नापने पर PQ ≈ 4.5 cm मिलती है।

सत्यापन: ∠OQP अर्धवृत्त का कोण है, इसलिए 90° है और PQ स्पर्श रेखा है। गणना से: PQ = √(OP² − OQ²) = √(6² − 4²) = √20 = 2√5 ≈ 4.47 cm — नापी गई लंबाई से मेल खाता है।

रचना 3. त्रिज्या 3 cm के वृत्त पर P और Q से स्पर्श रेखाएँ (प्रत्येक केंद्र से 7 cm)

प्रश्न: 3 cm त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए। इसके बढ़ाए गए व्यास पर केंद्र से 7 cm की दूरी पर दो बिंदु P और Q लीजिए। इन दोनों बिंदुओं से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ खींचिए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: केंद्र O से 3 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए और एक व्यास वाली रेखा को दोनों ओर बढ़ाइए।

चरण 2: इस रेखा पर O से दोनों ओर 7 cm की दूरी पर बिंदु P और Q लीजिए (OP = OQ = 7 cm)।

चरण 3: OP का मध्य बिंदु M₁ निकालिए; M₁ को केंद्र मानकर OP को व्यास लेते हुए वृत्त खींचिए, जो मूल वृत्त को A और B पर काटे। PA और PB, बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ हैं।

चरण 4: इसी प्रकार OQ का मध्य बिंदु M₂ लेकर वृत्त खींचिए और Q से स्पर्श रेखाएँ QC और QD खींचिए।

उत्तर: P और Q प्रत्येक से दो-दो स्पर्श रेखाएँ बनती हैं; प्रत्येक की लंबाई = √(7² − 3²) = √40 = 2√10 ≈ 6.32 cm।

सत्यापन: प्रत्येक स्थिति में अर्धवृत्त का कोण 90° बनता है, इसलिए त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब है — यही स्पर्श रेखा की पहचान है।

रचना 4. त्रिज्या 5 cm के वृत्त पर 60° पर झुकी हुई स्पर्श रेखाओं का जोड़ा

प्रश्न: 5 cm त्रिज्या के वृत्त पर स्पर्श रेखाओं का एक ऐसा जोड़ा बनाइए, जो परस्पर 60° के कोण पर झुका हो। सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: केंद्र O से 5 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए और एक त्रिज्या OA बनाइए।

चरण 2: O पर OA से 120° का कोण बनाकर दूसरी त्रिज्या OB खींचिए (क्योंकि केंद्र पर कोण = 180° − 60° = 120° होगा)।

चरण 3: बिंदु A पर OA के लम्ब एक रेखा खींचिए।

चरण 4: बिंदु B पर OB के लम्ब दूसरी रेखा खींचिए।

चरण 5: दोनों लम्ब रेखाएँ एक-दूसरे को बिंदु P पर काटती हैं — यही दोनों रेखाएँ अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।

उत्तर: दोनों स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण = 60°।

सत्यापन: चतुर्भुज OAPB में ∠OAP = ∠OBP = 90° और ∠AOB = 120° है, इसलिए ∠APB = 360° − 90° − 90° − 120° = 60° — यही कोण माँगा गया था।

रचना 5. दो वृत्त — A केंद्र (त्रिज्या 4 cm) और B केंद्र (त्रिज्या 3 cm), AB = 8 cm

प्रश्न: 8 cm लंबा रेखाखंड AB खींचिए। A को केंद्र मानकर 4 cm त्रिज्या का और B को केंद्र मानकर 3 cm त्रिज्या का वृत्त बनाइए। फिर प्रत्येक वृत्त पर दूसरे वृत्त के केंद्र से स्पर्श रेखाएँ बनाइए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: AB = 8 cm खींचिए; A केंद्र से 4 cm और B केंद्र से 3 cm त्रिज्या के वृत्त बनाइए।

चरण 2: AB का मध्य बिंदु M निकालिए।

चरण 3: M को केंद्र और MA (= MB = 4 cm) को त्रिज्या मानकर वृत्त खींचिए। यह वृत्त, A वाले वृत्त को बिंदुओं P और Q पर काटता है — BP और BQ, बिंदु B से A वाले वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।

चरण 4: यही सहायक वृत्त, B वाले वृत्त को बिंदुओं S और T पर काटता है — AS और AT, बिंदु A से B वाले वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।

उत्तर: B से A वाले वृत्त की स्पर्श रेखा ≈ 6.93 cm; A से B वाले वृत्त की स्पर्श रेखा ≈ 7.42 cm।

सत्यापन: प्रत्येक बार अर्धवृत्त में बना कोण 90° आता है, अर्थात त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब है। सूत्र से: √(8² − 4²) = √48 = 4√3 ≈ 6.93 cm और √(8² − 3²) = √55 ≈ 7.42 cm — नाप से मेल खाता है।

रचना 6. समकोण त्रिभुज के बिंदुओं B, C, D से होकर जाने वाले वृत्त पर A से स्पर्श रेखाएँ

प्रश्न: मान लीजिए ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें AB = 6 cm, BC = 8 cm और ∠B = 90° है। BD, बिंदु B से AC पर डाला गया लम्ब है। बिंदुओं B, C, D से होकर एक वृत्त खींचा गया है। A से इस वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ बनाइए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: BC = 8 cm खींचिए, B पर 90° का कोण बनाकर BA = 6 cm लीजिए और A को C से मिलाइए (कर्ण AC = 10 cm)।

चरण 2: B से AC पर लम्ब BD खींचिए (D, AC पर लम्बपाद है)।

चरण 3: ध्यान दें — ∠BDC = 90° है, इसलिए बिंदु D उस वृत्त पर है जिसका व्यास BC है। अतः BC का मध्य बिंदु O′ निकालिए और O′ को केंद्र, 4 cm त्रिज्या लेकर B, C, D से होकर जाने वाला वृत्त खींचिए।

चरण 4: A को O′ से मिलाइए और AO′ का मध्य बिंदु M निकालिए।

चरण 5: M को केंद्र मानकर AO′ को व्यास लेते हुए वृत्त खींचिए, जो दिए गए वृत्त को बिंदुओं E और F पर काटे। AE और AF ही A से स्पर्श रेखाएँ हैं। (इनमें से एक स्पर्श रेखा स्वयं रेखा AB होती है, क्योंकि वह वृत्त को B पर स्पर्श करती है।)

उत्तर: A से खींची गई प्रत्येक स्पर्श रेखा की लंबाई = 6 cm।

सत्यापन: निर्देशांकों से AO′ = √(4² + 6²) = √52 और वृत्त की त्रिज्या 4 cm है, इसलिए स्पर्श रेखा की लंबाई = √(52 − 16) = √36 = 6 cm। साथ ही AB भी वृत्त को B पर स्पर्श करती है और AB = 6 cm — दोनों स्पर्श रेखाओं की बराबरी (प्रमेय 10.2) स्पष्ट दिखती है।

रचना 7. चूड़ी (bangle) की सहायता से बने वृत्त पर बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ

प्रश्न: एक चूड़ी की सहायता से एक वृत्त खींचिए। वृत्त के बाहर एक बिंदु लीजिए। इस बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखाओं का एक जोड़ा बनाइए और सत्यापन दीजिए।

रचना के चरण:

चरण 1: चूड़ी को काग़ज़ पर रखकर पेंसिल से उसकी सीमा घेरिए — एक वृत्त बन जाएगा, परंतु इसका केंद्र ज्ञात नहीं है।

चरण 2: वृत्त की दो जीवाएँ (chords) AB और CD खींचिए (दोनों समांतर न हों)।

चरण 3: AB और CD के लम्ब-समद्विभाजक खींचिए; वे जिस बिंदु पर मिलें, वही वृत्त का केंद्र O है। (जीवा का लम्ब-समद्विभाजक सदैव केंद्र से होकर जाता है।)

चरण 4: वृत्त के बाहर बिंदु P लीजिए और OP को मिलाइए।

चरण 5: OP का मध्य बिंदु M निकालकर OP को व्यास लेते हुए वृत्त खींचिए, जो दिए गए वृत्त को E और F पर काटे।

चरण 6: PE और PF को मिलाइए — यही स्पर्श रेखाओं का जोड़ा है।

उत्तर: PE और PF वृत्त की दो स्पर्श रेखाएँ हैं और PE = PF होती है।

सत्यापन: ∠OEP अर्धवृत्त का कोण होने से 90° है, इसलिए OE ⟂ PE — अर्थात PE स्पर्श रेखा है। नापने पर दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर मिलती हैं (प्रमेय 10.2)।

इस प्रश्नावली में हमने सीखा — स्पर्श रेखा की हर रचना एक ही कुंजी से खुलती है: केंद्र से बाह्य बिंदु को मिलाओ, उसे व्यास बनाओ, अर्धवृत्त का 90° कोण स्पर्श बिंदु दे देगा।

NCERT उदाहरण (Example) – संक्षिप्त हल

उदाहरण 1. 8 cm के रेखाखंड को 3 : 4 के अनुपात में बाँटना

प्रश्न: 8 cm लंबे रेखाखंड को आंतरिक रूप से 3 : 4 के अनुपात में विभाजित कीजिए।

रचना के चरण (संक्षेप में):

चरण 1: AB = 8 cm खींचिए और A से न्यून कोण बनाती किरण AX खींचिए।

चरण 2: AX पर 7 (= 3 + 4) बराबर बिंदु A₁ से A₇ चिह्नित कीजिए।

चरण 3: A₇ को B से मिलाइए और A₃ से उसके समांतर रेखा खींचिए, जो AB को बिंदु C पर काटे।

उत्तर: बिंदु C, AB को 3 : 4 में बाँटता है (AC = 24/7 ≈ 3.43 cm, CB = 32/7 ≈ 4.57 cm)। सत्यापन BPT से होता है, जैसा रचना 1 में दिखाया गया है।

💡 नोट: NCERT के अन्य मुख्य उदाहरण — समद्विबाहु त्रिभुज की रचना और वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ — क्रमशः प्रश्नावली 11.1 की रचना 3 और प्रश्नावली 11.2 की रचना 1 में विस्तार से हल हैं।

📖 Case Study – कक्षा की रचना गतिविधि

स्थिति पढ़िए: गणित की कक्षा में शिक्षक ने छात्रों को रचना कार्य दिया। सीमा ने 9 cm के रेखाखंड को 2 : 1 के अनुपात में बाँटना शुरू किया। अमन ने एक त्रिभुज की भुजा 6 cm लेकर मापनी गुणक 3/2 वाला समरूप त्रिभुज बनाना शुरू किया। नीचे के प्रश्न इसी गतिविधि पर आधारित हैं।

Q1. रेखाखंड को 2 : 1 के अनुपात में बाँटने के लिए किरण पर कुल कितने बराबर बिंदु चिह्नित होंगे?

(A) 2
(B) 1
(C) 3
(D) 4

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 3 — अनुपात m : n के लिए कुल m + n = 2 + 1 = 3 बिंदु लेते हैं।

Q2. 9 cm के रेखाखंड का बड़ा भाग कितना होगा?

(A) 3 cm
(B) 4.5 cm
(C) 6 cm
(D) 2 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 6 cm — बड़ा भाग = 9 × 2/(2 + 1) = 6 cm

Q3. मापनी गुणक 3/2 से बनने वाले समरूप त्रिभुज में 6 cm वाली भुजा की संगत भुजा होगी —

(A) 4 cm
(B) 9 cm
(C) 7.5 cm
(D) 12 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 9 cm — 6 × 3/2 = 9 cm

Q4. केंद्र से 10 cm दूर बिंदु से 6 cm त्रिज्या वाले वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई होगी —

(A) 6 cm
(B) 10 cm
(C) 8 cm
(D) 4 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 8 cm — √(10² − 6²) = √64 = 8 cm

⭐ Quick Revision – Important Points

  • अनुपात m : n में रेखाखंड बाँटने के लिए किरण पर कुल m + n बराबर बिंदु लेते हैं और m-वें बिंदु से समांतर रेखा खींचते हैं।
  • समरूप त्रिभुज की रचना में किरण पर उतने बिंदु लेते हैं जितनी मापनी गुणक के अंश और हर में बड़ी संख्या है — जैसे 5/3 के लिए 5 बिंदु।
  • मापनी गुणक < 1 हो तो नया त्रिभुज छोटा (मूल के अंदर), > 1 हो तो बड़ा (भुजाएँ आगे बढ़ाकर) बनता है।
  • स्पर्श रचना की जान है — अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है; इसलिए OP को व्यास लेकर वृत्त खींचना ही हर स्पर्श रचना का पहला कदम है।
  • रचना में चाप (arcs) मिटाएँ नहीं — मूल्यांकन में वही चाप आपके चरणों का सबूत होते हैं।
  • हर रचना के बाद सत्यापन लिखना पूरे अंक देता है; बिना सत्यापन वाली रचना BSEB में आधी मानी जाती है।

आम गलतियाँ (Common Mistakes)

  • किरण पर बिंदुओं की संख्या ग़लत लेना — विभाजन में m + n और समरूप त्रिभुज में बड़ी संख्या, दोनों में भ्रम होना आम है।
  • गुणक > 1 होने पर भी मूल त्रिभुज के अंदर ही आकृति बनाने की कोशिश करना — बड़े त्रिभुज के लिए भुजाएँ आगे बढ़ानी पड़ती हैं।
  • रचना पूरी करके चाप मिटा देना — इससे चरणों का प्रमाण मिट जाता है।
  • बिंदुओं के नाम न लिखना (A₁, A₂… B₁, B₂…) — फिर सत्यापन लिखना कठिन हो जाता है।
  • सत्यापन में केवल लंबाई नापकर लिख देना, प्रमेय (BPT या अर्धवृत्त का कोण) का नाम न लिखना।

🎯 Bihar Board Exam Tips

  • चरण क्रमांक डालकर लिखें: चरण 1, 2, 3… के रूप में साफ़ लिखी रचना पर step-marking होती है।
  • परकार की दूरी बीच में बदलें नहीं — बराबर बिंदुओं के लिए एक ही दूरी पूरी किरण पर रखें।
  • सबसे अधिक आने वाली तीन रचनाएँ सबसे पहले पक्की करें — रेखाखंड विभाजन, मापनी गुणक वाला समरूप त्रिभुज, बाह्य बिंदु से स्पर्श रेखाएँ।
  • स्पर्श रेखा की लंबाई नापकर सत्यापन में सूत्र √(d² − r²) से मिला लें — दोनों का मिलना ही सही रचना का प्रमाण है।
  • समय बचाना हो तो पहले हलकी पेंसिल से पूरी रचना की योजना बना लें, फिर साफ़ रचना करें।

📝 Class 10 Math Chapter 11 Constructions MCQ Quiz – स्वयं को परखें (15 प्रश्न)

पहले स्वयं हल करें, फिर “✅ उत्तर देखें” खोलकर मिलान करें। अंत में पूरी Answer Key दी गई है।

Q1. रेखाखंड को 3 : 5 के अनुपात में बाँटने के लिए किरण पर कुल कितने बराबर बिंदु चिह्नित करने होंगे?

(A) 3
(B) 5
(C) 8
(D) 15

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 8 — m + n = 3 + 5 = 8

Q2. मापनी गुणक 2/3 वाला समरूप त्रिभुज मूल त्रिभुज से —

(A) बड़ा होगा
(B) छोटा होगा
(C) बराबर होगा
(D) उल्टा होगा

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) छोटा होगा — मापनी गुणक 1 से कम है।

Q3. रेखाखंड विभाजन की रचना किस प्रमेय पर आधारित है?

(A) पाइथागोरस प्रमेय
(B) आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (Thales)
(C) प्रमेय 10.2
(D) हीरोन का सूत्र

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) आधारभूत समानुपातिकता प्रमेय (Thales)

Q4. बाह्य बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ खींचने के लिए OP (केंद्र से दूरी) का क्या उपयोग होता है?

(A) OP को त्रिज्या बनाते हैं
(B) OP को व्यास मानकर वृत्त खींचते हैं
(C) OP को बाँटते नहीं हैं
(D) OP पर लम्ब गिराते हैं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) OP को व्यास मानकर वृत्त खींचते हैं।

Q5. अर्धवृत्त (semicircle) में बना कोण होता है —

(A) 60°
(B) 90°
(C) 120°
(D) 45°

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 90° — यही स्पर्श रचना की कुंजी है।

Q6. केंद्र से 10 cm दूर बिंदु से 6 cm त्रिज्या वाले वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई है —

(A) 6 cm
(B) 10 cm
(C) 8 cm
(D) 4 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 8 cm — √(100 − 36) = √64 = 8 cm

Q7. दो स्पर्श रेखाएँ 60° पर झुकी हों, तो उनके स्पर्श बिंदुओं को केंद्र से मिलाने वाली त्रिज्याओं के बीच का कोण होगा —

(A) 60°
(B) 90°
(C) 120°
(D) 150°

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 120° — 180° − 60° = 120°

Q8. मापनी गुणक 5/3 के समरूप त्रिभुज की रचना में किरण पर कम से कम कितने बिंदु लेंगे?

(A) 3
(B) 5
(C) 8
(D) 2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 5 — अंश व हर में बड़ी संख्या

Q9. मूल त्रिभुज की भुजा 9 cm है। मापनी गुणक 2/3 वाले समरूप त्रिभुज की संगत भुजा होगी —

(A) 13.5 cm
(B) 6 cm
(C) 9 cm
(D) 3 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 6 cm — 9 × 2/3 = 6 cm

Q10. रेखाखंड AB को 5 : 8 में बाँटने पर छोटा भाग कुल लंबाई का कौन-सा हिस्सा है?

(A) 5/8
(B) 8/13
(C) 5/13
(D) 3/13

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 5/13

Q11. स्पर्श रेखा की रचना में स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या और स्पर्श रेखा के बीच कोण बनता है —

(A) 45°
(B) 60°
(C) 90°
(D) 180°

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 90° — प्रमेय 10.1 के अनुसार

Q12. समरूप त्रिभुज की रचना में संगत भुजा के समांतर रेखा क्यों खींचते हैं?

(A) रंग भरने के लिए
(B) समरूपता (similarity) सुनिश्चित करने के लिए
(C) लंबाई नापने के लिए
(D) कोण नापने के लिए

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) समरूपता (similarity) सुनिश्चित करने के लिए — समांतर रेखाओं से संगत कोण बराबर रहते हैं।

Q13. एक बाह्य बिंदु से वृत्त पर बनी स्पर्श रेखाओं के जोड़े की लंबाइयों का संबंध है —

(A) एक दूसरी की दोगुनी
(B) दोनों बराबर
(C) एक दूसरी की आधी
(D) कोई संबंध नहीं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) दोनों बराबर — प्रमेय 10.2 के अनुसार

Q14. 7.6 cm के रेखाखंड को 5 : 8 में बाँटने पर बड़े भाग की लंबाई लगभग है —

(A) 2.92 cm
(B) 4.68 cm
(C) 5.85 cm
(D) 3.8 cm

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 4.68 cm — 7.6 × 8/13 ≈ 4.68 cm

Q15. रचना में “सत्यापन (Justification)” का अर्थ है —

(A) रंग भरना
(B) यह बताना कि रचना सही क्यों है, प्रमेय के साथ
(C) केवल लंबाई नापना
(D) दूसरी कॉपी देखना

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) यह बताना कि रचना सही क्यों है, प्रमेय के साथ

✅ Answer Key – Chapter 11 MCQ

प्रश्न 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15
उत्तर C B B B B C C B B C C B B B B

❓ Class 10 Math Chapter 11 Constructions – FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. Class 10 Math Chapter 11 Constructions से Bihar Board में रचना के अंक किस बात पर मिलते हैं?

तीन बातों पर — सही आकृति (चाप साफ़ दिखने चाहिए), क्रमांकित रचना के चरण, और अंत में प्रमेय के साथ सत्यापन। तीनों हों तो पूरे अंक पक्के हैं।

2. किरण पर बिंदुओं की संख्या कैसे तय करें?

रेखाखंड विभाजन में m + n बिंदु, और समरूप त्रिभुज में मापनी गुणक के अंश-हर में से बड़ी संख्या के बराबर बिंदु लेते हैं।

3. मापनी गुणक 1 से बड़ा हो तो रचना में क्या बदलता है?

नया त्रिभुज मूल से बड़ा बनता है, इसलिए किरण पर छोटे क्रम वाले बिंदु को मूल शीर्ष से मिलाते हैं और बड़े क्रम वाले बिंदु से समांतर रेखा खींचते हैं — भुजाएँ आगे बढ़ाकर नए शीर्ष मिलते हैं।

4. स्पर्श रेखा रचना में OP को व्यास लेना ही क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि OP को व्यास मानकर खींचा गया वृत्त मूल वृत्त को उन्हीं बिंदुओं पर काटता है, जहाँ से P की स्पर्श रेखाएँ जाती हैं — वजह अर्धवृत्त का 90° वाला कोण है।

5. क्या रचना में स्केल से दूरी नापकर बिंदु रख सकते हैं?

विभाजन के बराबर बिंदुओं के लिए परकार की स्थिर दूरी ही सही विधि है; स्केल से नापने पर त्रुटि आती है और मूल्यांकन में अंक कट सकते हैं। मूल भुजाएँ (जैसे AB = 7.6 cm) स्केल से ही नापते हैं।

🔗 Internal Links – आस-पास के Chapters

⬅️ पिछला अध्याय: Class 10 Math Chapter 10 वृत्त (Circles)

➡️ अगला अध्याय: Class 10 Math Chapter 12 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (Areas Related to Circles)

📘 पूरी किताब: NCERT Class 10 Bihar Board Mathematics Book – सभी Chapters व PDF

आधिकारिक स्रोत: NCERT की वेबसाइट से Class 10 Maths की पुस्तकें यहाँ देखें – NCERT Textbooks (ncert.nic.in)

🔚 Conclusion

Class 10 Math Chapter 11 रचनाएँ (Constructions) में सफलता का सूत्र सरल है — विधि याद करें, चरण साफ़ लिखें और सत्यापन कभी न छोड़ें।

रेखाखंड का विभाजन Thales प्रमेय पर, समरूप त्रिभुज समांतरता पर और स्पर्श रेखाएँ अर्धवृत्त के समकोण पर टिकी हैं। एक बार ये तीन नींवें समझ आ जाएँ तो कोई भी रचना नई नहीं लगती। ऊपर दी गई सभी 14 रचनाओं को परकार-स्केल से कम से कम दो-दो बार बनाकर अभ्यास करें — परीक्षा भवन में हाथ स्वयं चलेगा।

अगला chapter वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (Areas Related to Circles) है, जिसमें वृत्त के त्रिज्यखंड (sector) और खंड (segment) के क्षेत्रफल आएँगे। पूरी किताब के सभी chapters के लिए Bihar Board Class 10 Mathematics Book page पर जाएँ। Topic Clear, तो Exam Clear!