Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry NCERT Solutions in Hindi | त्रिकोणमिति का परिचय – सूत्र, उदाहरण व प्रश्न उत्तर

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Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry NCERT Solutions in Hindi

Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry – त्रिकोणमिति का परिचय

Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry (त्रिकोणमिति का परिचय) हमें सिखाता है कि बिना नापे किसी ऊँची इमारत की ऊँचाई या नदी की चौड़ाई कैसे निकाली जा सकती है। त्रिकोणमिति का अर्थ है – त्रिभुज की भुजाओं और कोणों की माप का अध्ययन।

इस अध्याय में हम समकोण त्रिभुज की भुजाओं के 6 अनुपात सीखेंगे – sin θ, cos θ, tan θ, cosec θ, sec θ और cot θ। इन्हीं अनुपातों के मान, उनके सूत्र और तीन सर्वसमिकाएँ (Identities) ही पूरा अध्याय हैं।

Bihar Board (BSEB) Class 10 की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है – हर वर्ष इससे अनेक वस्तुनिष्ठ और लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आते हैं। अध्याय 9 भी इसी की नींव पर टिका है, इसलिए यह अध्याय मज़बूत करना ज़रूरी है।

नीचे सभी प्रश्नावलियों (8.1, 8.2, 8.3, 8.4) के सभी NCERT प्रश्न क्रम से, step-by-step हल के साथ दिए गए हैं। पिछले अध्याय Class 10 Math Chapter 7 Coordinate Geometry में सीखा पाइथागोरस-आधारित दूरी सूत्र, यहाँ कर्ण निकालने में बार-बार काम आएगा।

📋 Chapter की जानकारी

Board Bihar Board (BSEB)
Textbook NCERT
Class 10
Subject Maths (गणित)
Chapter 8
Chapter Name Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry (त्रिकोणमिति का परिचय)
कुल हल किए गए प्रश्न 29 (26 अभ्यास प्रश्न + 3 NCERT उदाहरण)

📚 इस Chapter में क्या-क्या है?

  1. त्रिकोणमितीय अनुपात – sin, cos, tan, cosec, sec, cot की परिभाषा
  2. प्रश्नावली 8.1 – त्रिकोणमितीय अनुपातों पर प्रश्न
  3. प्रश्नावली 8.2 – विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) के मान
  4. प्रश्नावली 8.3 – पूरक कोणों (Complementary Angles) के अनुपात
  5. प्रश्नावली 8.4 – त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Identities)
  6. NCERT उदाहरण – किताब के मुख्य उदाहरण
  7. Case Study – केस आधारित प्रश्न (MCQ सहित)
  8. Quick Revision – मुख्य बिंदु और आम गलतियाँ
  9. MCQ Quiz – अध्याय के अंत में 15 प्रश्नों से स्वयं को जाँचें

सबसे पहले – त्रिभुज में भुजाएँ पहचानना सीखें

समकोण त्रिभुज ABC में कोण B = 90° मानते हैं और कोण A के लिए अनुपात लिखते हैं। तीनों भुजाओं के नाम इस प्रकार हैं –

  • कर्ण (Hypotenuse) – समकोण के सामने वाली सबसे लंबी भुुजा (यहाँ AC)। कर्ण कभी नहीं बदलता।
  • लंब (Perpendicular) – जिस कोण (यहाँ ∠A) के लिए अनुपात लिख रहे हैं, उसके सामने वाली भुजा (यहाँ BC)।
  • आधार (Base) – शेष बची भुजा, जो कोण A और समकोण के बीच है (यहाँ AB)।

याद रखें: लंब और आधार, चुने गए कोण के बदलते ही बदल जाते हैं – केवल कर्ण कभी नहीं बदलता। यही इस अध्याय की सबसे बड़ी कुंजी है।

Right triangle ABC - lamb, aadhar aur karn, trigonometric ratios diagram

चित्र: समकोण त्रिभुज ABC (B पर समकोण) – कोण A के लिए सम्मुख भुजा (लंब) = BC, आसन्न भुजा (आधार) = AB और कर्ण (Hypotenuse) = AC।

📊 Important Formulas – 6 अनुपात और 3 सर्वसमिकाएँ

कोण A के लिए छहों अनुपात (लंब = BC, आधार = AB, कर्ण = AC मानकर) –

अनुपात परिभाषा पारस्परिक संबंध
sin A लंब / कर्ण sin A = 1 / cosec A
cos A आधार / कर्ण cos A = 1 / sec A
tan A लंब / आधार tan A = sin A / cos A = 1 / cot A
cosec A कर्ण / लंब cosec A = 1 / sin A
sec A कर्ण / आधार sec A = 1 / cos A
cot A आधार / लंब cot A = cos A / sin A = 1 / tan A

तीनों मूल सर्वसमिकाएँ (Fundamental Identities) –

1. sin²θ + cos²θ = 1    2. 1 + tan²θ = sec²θ    3. 1 + cot²θ = cosec²θ

इन तीनों से कई रूप बनते हैं, जैसे sin²θ = 1 − cos²θ, sec²θ − tan²θ = 1 और cosec²θ − cot²θ = 1 – यही रूप परीक्षा में सबसे अधिक प्रयोग होते हैं।

नोट: sin²θ का अर्थ है (sin θ)² – वर्ग अनुपात पर लगता है, कोण पर नहीं।

विशिष्ट कोणों के मान – पूरी सारणी (Standard Angles Table)

कोण θ 0° 30° 45° 60° 90°
sin θ 0 1/2 1/√2 √3/2 1
cos θ 1 √3/2 1/√2 1/2 0
tan θ 0 1/√3 1 √3 परिभाषित नहीं
cosec θ परिभाषित नहीं 2 √2 2/√3 1
sec θ 1 2/√3 √2 2 परिभाषित नहीं
cot θ परिभाषित नहीं √3 1 1/√3 0

सारणी याद करने की trick: sin θ की पंक्ति में 0°, 30°, 45°, 60°, 90° के लिए √0/2, √1/2, √2/2, √3/2, √4/2 लिखें – अर्थात 0, 1/2, 1/√2, √3/2, 1। cos θ की पंक्ति इसका उल्टा क्रम है और tan θ = sin θ ÷ cos θ से सब बन जाता है।

Standard angles sin cos values helper diagram - 0 30 45 60 90 degrees

चित्र: विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) पर sin θ और cos θ के मानों की सहायक आकृति।

पूरक कोणों (Complementary Angles) के सूत्र

दो कोणों का योग 90° हो तो वे पूरक कोण कहलाते हैं। उनके लिए ये सूत्र लगते हैं –

sin(90° − θ) = cos θ   cos(90° − θ) = sin θ   tan(90° − θ) = cot θ   cot(90° − θ) = tan θ   sec(90° − θ) = cosec θ   cosec(90° − θ) = sec θ

उदाहरण: sin 75° = cos 15° और tan 62° = cot 28°। पूरक जोड़ों का गुणनफल 1 होता है, इसलिए ऐसे गुणनफल वाले प्रश्न चुटकियों में हल होते हैं।

✍️ प्रश्नावली 8.1 – त्रिकोणमितीय अनुपात

इस प्रश्नावली का नियम सरल है – पहले त्रिभुज की तीनों भुजाएँ पूरी करें (पाइथागोरस प्रमेय से), फिर अनुपात लिखें।

प्रश्न 1. त्रिभुज ABC में, जिसका कोण B समकोण है, AB = 24 cm और BC = 7 cm है। निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए – (i) sin A, cos A   (ii) sin C, cos C

हल:

चरण 1: पहले पाइथागोरस प्रमेय से कर्ण AC निकालें –

AC² = AB² + BC² = 24² + 7² = 576 + 49 = 625   ⇒   AC = √625 = 25 cm

चरण 2: कोण A के लिए लंब = BC = 7, आधार = AB = 24, कर्ण = AC = 25 है –

sin A = लंब/कर्ण = 7/25;   cos A = आधार/कर्ण = 24/25

चरण 3: कोण C के लिए लंब और आधार बदल जाएँगे – अब लंब = AB = 24 और आधार = BC = 7 है –

sin C = 24/25;   cos C = 7/25

✅ उत्तर: (i) sin A = 7/25, cos A = 24/25   (ii) sin C = 24/25, cos C = 7/25

याद रखें: 7-24-25 एक प्रसिद्ध पाइथागोरस त्रिक है। ऐसे ही त्रिक याद रखें – (3, 4, 5), (5, 12, 13), (8, 15, 17)। प्रश्न देखते ही कर्ण पता चल जाएगा।

प्रश्न 2. आकृति में दिए त्रिभुज PQR में कोण Q समकोण है, PR + QR = 25 cm और PQ = 5 cm है। sin P, cos P और tan P के मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: मान लीजिए QR = x cm, तब PR = (25 − x) cm। पाइथागोरस प्रमेय से –

PR² = PQ² + QR²   ⇒   (25 − x)² = 5² + x²

चरण 2: 625 − 50x + x² = 25 + x²   ⇒   625 − 50x = 25   ⇒   50x = 600   ⇒   x = 12

चरण 3: अतः QR = 12 cm और PR = 25 − 12 = 13 cm। कोण P के लिए लंब = QR = 12, आधार = PQ = 5, कर्ण = PR = 13 है –

sin P = 12/13;   cos P = 5/13;   tan P = 12/5

✅ उत्तर: sin P = 12/13, cos P = 5/13, tan P = 12/5

प्रश्न 3. यदि sin A = 3/4 हो, तो cos A और tan A का परिकलन कीजिए।

हल:

चरण 1: sin A = लंब/कर्ण = 3/4 है। मान लीजिए लंब = 3k और कर्ण = 4k।

चरण 2: पाइथागोरस प्रमेय से आधार निकालें –

आधार = √[(4k)² − (3k)²] = √(16k² − 9k²) = √7 k

चरण 3: अब अनुपात लिखें –

cos A = आधार/कर्ण = √7 k / 4k = √7/4;   tan A = लंब/आधार = 3k / √7 k = 3/√7

✅ उत्तर: cos A = √7/4, tan A = 3/√7

नोट: जाँच के लिए सर्वसमिका भी लगा सकते हैं – cos A = √(1 − sin²A) = √(1 − 9/16) = √(7/16) = √7/4। वही उत्तर आता है।

प्रश्न 4. यदि 15 cot A = 8 हो, तो sin A और sec A का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: cot A = 8/15 = आधार/लंब है। मान लीजिए आधार = 8k, लंब = 15k।

चरण 2: कर्ण निकालें –

कर्ण = √[(8k)² + (15k)²] = √(64k² + 225k²) = √289 k = 17k

चरण 3: sin A = लंब/कर्ण = 15k/17k = 15/17;   sec A = कर्ण/आधार = 17k/8k = 17/8

✅ उत्तर: sin A = 15/17, sec A = 17/8

प्रश्न 5. यदि sec θ = 13/12 हो, तो अन्य सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों का परिकलन कीजिए।

हल:

चरण 1: sec θ = कर्ण/आधार = 13/12 है। मान लीजिए कर्ण = 13k, आधार = 12k।

चरण 2: लंब निकालें –

लंब = √[(13k)² − (12k)²] = √(169k² − 144k²) = √25 k = 5k

चरण 3: अब सभी अनुपात एक-एक करके लिखें –

  • cos θ = आधार/कर्ण = 12/13 (sec का व्युत्क्रम)
  • sin θ = लंब/कर्ण = 5/13
  • tan θ = लंब/आधार = 5/12
  • cot θ = आधार/लंब = 12/5
  • cosec θ = कर्ण/लंब = 13/5

✅ उत्तर: cos θ = 12/13, sin θ = 5/13, tan θ = 5/12, cot θ = 12/5, cosec θ = 13/5

प्रश्न 6. यदि ∠A और ∠B न्यून कोण हों, जहाँ cos A = cos B है, तो दिखाइए कि ∠A = ∠B है।

हल:

चरण 1: मान लीजिए त्रिभुज ABC में कोण C समकोण है, तो AB कर्ण होगा। कोण A के लिए आधार = AC है, इसलिए cos A = AC/AB।

चरण 2: कोण B के लिए आधार = BC है, इसलिए cos B = BC/AB।

चरण 3: दिया है cos A = cos B, इसलिए –

AC/AB = BC/AB   ⇒   AC = BC

चरण 4: बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं। AC के सम्मुख ∠B और BC के सम्मुख ∠A है।

✅ उत्तर: अतः ∠A = ∠B – सिद्ध हुआ।

प्रश्न 7. यदि cot θ = 7/8 है, तो (i) (1 + sin θ)(1 − sin θ) / (1 + cos θ)(1 − cos θ) और (ii) cot²θ का मान निकालिए।

हल:

चरण 1: पहले व्यंजक को सरल करें। अंश = (1 + sin θ)(1 − sin θ) = 1 − sin²θ = cos²θ।

चरण 2: हर = (1 + cos θ)(1 − cos θ) = 1 − cos²θ = sin²θ।

चरण 3: अतः व्यंजक = cos²θ / sin²θ = cot²θ = (7/8)² = 49/64।

चरण 4: भाग (ii) में सीधे cot²θ = (cot θ)² = (7/8)² = 49/64 है।

✅ उत्तर: (i) 49/64   (ii) 49/64

ध्यान दें: यहाँ sin θ और cos θ अलग से निकालने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी – सर्वसमिका ने काम आसान कर दिया।

प्रश्न 8. यदि 3 cot A = 4 है, जाँच कीजिए कि (1 − tan²A) / (1 + tan²A) = cos²A − sin²A है या नहीं।

हल:

चरण 1: cot A = 4/3 है, इसलिए tan A = 3/4। साथ ही 3-4-5 त्रिक से sin A = 3/5 और cos A = 4/5 होगा।

चरण 2: बायाँ पक्ष निकालें –

(1 − tan²A)/(1 + tan²A) = (1 − 9/16)/(1 + 9/16) = (7/16)/(25/16) = 7/25

चरण 3: दायाँ पक्ष निकालें –

cos²A − sin²A = 16/25 − 9/25 = 7/25

चरण 4: दोनों पक्ष बराबर (7/25 = 7/25) आए।

✅ उत्तर: हाँ, दोनों पक्ष बराबर हैं – कथन सत्य है।

प्रश्न 9. त्रिभुज ABC में, जिसका कोण B समकोण है, यदि tan A = 1/√3 है, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए – (i) sin A cos C + cos A sin C   (ii) cos A cos C − sin A sin C

हल:

चरण 1: tan A = 1/√3 = tan 30° है, इसलिए A = 30°। तब C = 90° − 30° = 60°।

चरण 2: भाग (i) में मान रखें –

sin 30° cos 60° + cos 30° sin 60° = (1/2)(1/2) + (√3/2)(√3/2) = 1/4 + 3/4 = 1

चरण 3: भाग (ii) में मान रखें –

cos 30° cos 60° − sin 30° sin 60° = (√3/2)(1/2) − (1/2)(√3/2) = √3/4 − √3/4 = 0

✅ उत्तर: (i) 1   (ii) 0

प्रश्न 10. त्रिभुज PQR में, जिसका कोण Q समकोण है, PQ = 3 cm और PR = 6 cm है। ∠QPR और ∠PRQ ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: कोण R के लिए सम्मुख भुजा (लंब) = PQ = 3 cm और कर्ण = PR = 6 cm है –

sin R = लंब/कर्ण = 3/6 = 1/2

चरण 2: सारणी से sin 30° = 1/2 होता है, इसलिए ∠PRQ = 30°।

चरण 3: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है –

∠QPR = 180° − 90° − 30° = 60°

✅ उत्तर: ∠QPR = 60°, ∠PRQ = 30°

प्रश्न 11. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तरों का कारण दीजिए – (i) tan A का मान सदैव 1 से कम होता है। (ii) कोण A के किसी मान के लिए sec A = 12/5 होता है। (iii) cos A, कोण A के cos के लिए प्रयुक्त एक संक्षिप्त रूप है। (iv) cot A, cot और A का गुणनफल होता है। (v) किसी कोण θ के लिए sin θ = 4/3 होता है।

हल:

चरण 1: (i) असत्य – tan 60° = √3 होता है, जो 1 से बड़ा है। tan A का मान 1 से छोटा, बराबर या बड़ा – कुछ भी हो सकता है।

चरण 2: (ii) सत्य – sec A = कर्ण/आधार में कर्ण सबसे बड़ी भुजा होती है, इसलिए sec A ≥ 1 होता है और 12/5 = 2.4 संभव है।

चरण 3: (iii) सत्य – cos A केवल एक संकेत (notation) है, जो कोण A के cosine अनुपात को दर्शाता है।

चरण 4: (iv) असत्य – cot A अपने-आप में एक अनुपात का नाम है; यह cot × A नहीं है।

चरण 5: (v) असत्य – sin θ = लंब/कर्ण में लंब हमेशा कर्ण से छोटा होता है, इसलिए sin θ कभी 1 से बड़ा नहीं हो सकता, जबकि 4/3 > 1 है।

✅ उत्तर: (i) असत्य   (ii) सत्य   (iii) सत्य   (iv) असत्य   (v) असत्य

📌 इस प्रश्नावली में हमने सीखा – एक अनुपात दिया हो तो पाइथागोरस प्रमेय या सर्वसमिका से बाकी सभी अनुपात निकालना।

✍️ प्रश्नावली 8.2 – विशिष्ट कोणों के मान

इस प्रश्नावली में केवल सारणी से मान रखने हैं। इसलिए पहले सारणी मुँहज़बानी याद करें, फिर प्रश्न पढ़ें।

प्रश्न 1. निम्नलिखित के मान निकालिए – (i) sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60°   (ii) 2 tan²45° + cos²30° − sin²60°

हल (i):

चरण 1: सारणी से मान रखें – sin 60° = √3/2, cos 30° = √3/2, sin 30° = 1/2, cos 60° = 1/2।

चरण 2: = (√3/2 × √3/2) + (1/2 × 1/2) = 3/4 + 1/4 = 1

✅ उत्तर (i): 1

हल (ii):

चरण 1: मान रखें – tan 45° = 1, cos 30° = √3/2, sin 60° = √3/2।

चरण 2: = 2 × (1)² + (√3/2)² − (√3/2)² = 2 + 3/4 − 3/4 = 2

✅ उत्तर (ii): 2

प्रश्न 2. निम्नलिखित के मान निकालिए – (i) cos 45° / (sec 30° + cosec 30°)   (ii) (sin 30° + tan 45° − cosec 60°) / (sec 30° + cos 60° + cot 45°)

हल (i):

चरण 1: मान रखें – cos 45° = 1/√2, sec 30° = 2/√3, cosec 30° = 2।

चरण 2: = (1/√2) / (2/√3 + 2) = √3 / [2√2 (√3 + 1)]

चरण 3: परिमेयकरण करें – (√3 − 1) से गुणा-भाग करने पर: = (3 − √3)/(4√2) = (3√2 − √6)/8

✅ उत्तर (i): (3√2 − √6)/8

हल (ii):

चरण 1: मान रखें – sin 30° = 1/2, tan 45° = 1, cosec 60° = 2/√3, sec 30° = 2/√3, cos 60° = 1/2, cot 45° = 1।

चरण 2: अंश = 1/2 + 1 − 2/√3 = 3/2 − 2/√3 = (3√3 − 4)/2√3

चरण 3: हर = 2/√3 + 1/2 + 1 = 2/√3 + 3/2 = (4 + 3√3)/2√3

चरण 4: अतः मान = (3√3 − 4)/(3√3 + 4)। परिमेयकरण करने पर: (3√3 − 4)² / [(3√3)² − 4²] = (27 + 16 − 24√3)/(27 − 16)

✅ उत्तर (ii): (43 − 24√3)/11

प्रश्न 3. मान निकालिए – (5 cos²60° + 4 sec²30° − tan²45°) / (sin²30° + cos²30°)

हल:

चरण 1: मान रखें – cos 60° = 1/2, sec 30° = 2/√3, tan 45° = 1, sin 30° = 1/2, cos 30° = √3/2।

चरण 2: अंश = 5 × (1/2)² + 4 × (2/√3)² − (1)² = 5/4 + 16/3 − 1 = (15 + 64 − 12)/12 = 67/12

चरण 3: हर = (1/2)² + (√3/2)² = 1/4 + 3/4 = 1 (यह sin²θ + cos²θ = 1 ही है)

चरण 4: अतः मान = (67/12) ÷ 1 = 67/12

✅ उत्तर: 67/12

प्रश्न 4. सही विकल्प चुनिए और अपने विकल्प का औचित्य दीजिए – (i) 2 tan 30° / (1 + tan²30°) बराबर है: (A) sin 60° (B) cos 60° (C) tan 60° (D) sin 30°   (ii) (1 − tan²45°) / (1 + tan²45°) बराबर है: (A) tan 90° (B) 1 (C) sin 45° (D) 0

हल (i):

चरण 1: tan 30° = 1/√3 रखें – अंश = 2/√3; हर = 1 + 1/3 = 4/3।

चरण 2: मान = (2/√3) ÷ (4/3) = (2/√3) × (3/4) = 3/(2√3) = √3/2 = sin 60°

✅ उत्तर (i): (A) sin 60°

हल (ii):

चरण 1: tan 45° = 1 रखें – (1 − 1²)/(1 + 1²) = 0/2 = 0

✅ उत्तर (ii): (D) 0

प्रश्न 5. (i) यदि tan(A + B) = √3 और tan(A − B) = 1/√3 है, जहाँ 0° < A + B ≤ 90° और A > B है, तो A और B ज्ञात कीजिए। (ii) बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य, कारण सहित – (a) sin(A + B) = sin A + sin B (b) θ में वृद्धि होने के साथ sin θ के मान में भी वृद्धि होती है (c) θ में वृद्धि होने के साथ cos θ के मान में भी वृद्धि होती है (d) सभी कोणों θ के लिए sin θ = cos θ होता है (e) A = 0° के लिए cot A परिभाषित नहीं है।

हल (i):

चरण 1: tan(A + B) = √3 = tan 60° है, इसलिए A + B = 60° …(1)

चरण 2: tan(A − B) = 1/√3 = tan 30° है, इसलिए A − B = 30° …(2)

चरण 3: (1) और (2) को जोड़ने पर 2A = 90°, इसलिए A = 45°। फिर (1) से B = 60° − 45° = 15°।

✅ उत्तर (i): A = 45°, B = 15°

हल (ii):

चरण 1: (a) असत्य – A = 30°, B = 60° लें तो sin(A + B) = sin 90° = 1, परंतु sin A + sin B = 1/2 + √3/2 ≈ 1.37, दोनों बराबर नहीं हैं।

चरण 2: (b) सत्य – sin 0° = 0 से sin 90° = 1 तक मान बढ़ता है। (c) असत्य – cos का मान θ बढ़ने पर घटता है (cos 0° = 1 से cos 90° = 0 तक)।

चरण 3: (d) असत्य – sin θ = cos θ केवल θ = 45° पर होता है, सभी कोणों पर नहीं। (e) सत्य – cot 0° = cos 0°/sin 0° = 1/0, जो परिभाषित नहीं है।

✅ उत्तर (ii): (a) असत्य (b) सत्य (c) असत्य (d) असत्य (e) सत्य

📌 इस प्रश्नावली में हमने सीखा – सारणी के मान रखकर बड़े-बड़े व्यंजकों को सरल करना और परिमेयकरण करना।

✍️ प्रश्नावली 8.3 – पूरक कोणों के अनुपात

इस प्रश्नावली की एकमात्र trick है – कोण को (90° − θ) के रूप में बदलना। जोड़ी हमेशा 90° बनाने वाली बनाएँ।

प्रश्न 1. निम्नलिखित के मान निकालिए – (i) sin 18° / cos 72°   (ii) tan 26° / cot 64°   (iii) cos 48° − sin 42°   (iv) cosec 31° − sec 59°   (v) sin 54° − cos 36°

हल:

चरण 1: (i) cos 72° = cos(90° − 18°) = sin 18° है, इसलिए sin 18°/cos 72° = sin 18°/sin 18° = 1

चरण 2: (ii) cot 64° = tan(90° − 64°) = tan 26° है, इसलिए tan 26°/cot 64° = tan 26°/tan 26° = 1

चरण 3: (iii) sin 42° = sin(90° − 48°) = cos 48° है, इसलिए cos 48° − sin 42° = cos 48° − cos 48° = 0

चरण 4: (iv) sec 59° = sec(90° − 31°) = cosec 31° है, इसलिए cosec 31° − sec 59° = 0

चरण 5: (v) cos 36° = cos(90° − 54°) = sin 54° है, इसलिए sin 54° − cos 36° = 0

✅ उत्तर: (i) 1   (ii) 1   (iii) 0   (iv) 0   (v) 0

प्रश्न 2. दिखाइए कि – (i) tan 48° tan 23° tan 42° tan 67° = 1   (ii) cos 38° cos 52° − sin 38° sin 52° = 0

हल (i):

चरण 1: पूरक जोड़ों को पहचानें – 48° + 42° = 90° और 23° + 67° = 90°।

चरण 2: tan 48° = tan(90° − 42°) = cot 42° और tan 67° = tan(90° − 23°) = cot 23° लिखें।

चरण 3: गुणनफल = cot 42° × cot 23° × tan 42° × tan 23° = (cot 42° × tan 42°) × (cot 23° × tan 23°) = 1 × 1 = 1

✅ उत्तर (i): गुणनफल = 1 – दिखाया गया।

हल (ii):

चरण 1: cos 52° = cos(90° − 38°) = sin 38° और sin 52° = sin(90° − 38°) = cos 38° लिखें।

चरण 2: व्यंजक = cos 38° × sin 38° − sin 38° × cos 38° = 0

✅ उत्तर (ii): मान = 0 – दिखाया गया।

प्रश्न 3. यदि tan 2A = cot(A − 18°) है, जहाँ 2A एक न्यून कोण है, तो A का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: cot(A − 18°) को tan में बदलें – cot(A − 18°) = tan[90° − (A − 18°)] = tan(108° − A)।

चरण 2: अब tan 2A = tan(108° − A) है, इसलिए 2A = 108° − A।

चरण 3: 3A = 108°   ⇒   A = 36°

✅ उत्तर: A = 36°

प्रश्न 4. (i) यदि tan A = cot B है, तो सिद्ध कीजिए कि A + B = 90° है। (ii) यदि sec 4A = cosec(A − 20°) है, जहाँ 4A एक न्यून कोण है, तो A का मान ज्ञात कीजिए।

हल (i):

चरण 1: cot B = tan(90° − B) होता है, इसलिए tan A = tan(90° − B)।

चरण 2: अतः A = 90° − B   ⇒   A + B = 90°

✅ उत्तर (i): A + B = 90° – सिद्ध हुआ।

हल (ii):

चरण 1: cosec(A − 20°) को sec में बदलें – cosec(A − 20°) = sec[90° − (A − 20°)] = sec(110° − A)।

चरण 2: अब sec 4A = sec(110° − A) है, इसलिए 4A = 110° − A।

चरण 3: 5A = 110°   ⇒   A = 22°

✅ उत्तर (ii): A = 22°

प्रश्न 5. (i) यदि A, B और C त्रिभुज ABC के अंतःकोण हैं, तो दिखाइए कि sin[(B + C)/2] = cos(A/2) है। (ii) sin 67° + cos 75° को 0° और 45° के बीच के कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों के पदों में व्यक्त कीजिए।

हल (i):

चरण 1: त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है, इसलिए A + B + C = 180°   ⇒   B + C = 180° − A।

चरण 2: (B + C)/2 = (180° − A)/2 = 90° − A/2।

चरण 3: अब sin[(B + C)/2] = sin(90° − A/2) = cos(A/2)

✅ उत्तर (i): sin[(B + C)/2] = cos(A/2) – सिद्ध हुआ।

हल (ii):

चरण 1: sin 67° = sin(90° − 23°) = cos 23° लिखें (23°, 45° से छोटा है)।

चरण 2: cos 75° = cos(90° − 15°) = sin 15° लिखें (15°, 45° से छोटा है)।

✅ उत्तर (ii): sin 67° + cos 75° = cos 23° + sin 15°

📌 इस प्रश्नावली में हमने सीखा – पूरक कोणों के सूत्र लगाकर कोणों को (90° − θ) के रूप में बदलना।

✍️ प्रश्नावली 8.4 – त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Identities)

सर्वसमिका (Identity) वह समीकरण है जो कोण के हर मान के लिए सत्य हो। इन्हें सिद्ध करने की सुनहरी विधि है – जटिल पक्ष से शुरू करें, सब कुछ sin θ और cos θ में बदलें, फिर sin²θ + cos²θ = 1 लगाएँ।

प्रश्न 1. त्रिकोणमितीय अनुपातों sin A, sec A और tan A को cot A के पदों में व्यक्त कीजिए।

हल:

चरण 1: sin A के लिए – सर्वसमिका 1 + cot²A = cosec²A से cosec A = √(1 + cot²A)। इसलिए –

sin A = 1/cosec A = 1/√(1 + cot²A)

चरण 2: tan A के लिए – tan A, cot A का व्युत्क्रम है –

tan A = 1/cot A

चरण 3: sec A के लिए – सर्वसमिका sec²A = 1 + tan²A = 1 + 1/cot²A = (cot²A + 1)/cot²A, इसलिए –

sec A = √(1 + cot²A)/cot A

प्रश्न 2. कोण A के अन्य सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों को sec A के पदों में लिखिए।

हल:

चरण 1: cos A, sec A का व्युत्क्रम है – cos A = 1/sec A

चरण 2: sin A के लिए – sin²A = 1 − cos²A = 1 − 1/sec²A = (sec²A − 1)/sec²A, इसलिए sin A = √(sec²A − 1)/sec A

चरण 3: tan A के लिए – sec²A − tan²A = 1 से tan A = √(sec²A − 1)

चरण 4: cot A के लिए – cot A = 1/tan A = 1/√(sec²A − 1)

चरण 5: cosec A के लिए – cosec A = 1/sin A = sec A/√(sec²A − 1)

✅ उत्तर: cos A = 1/sec A; sin A = √(sec²A − 1)/sec A; tan A = √(sec²A − 1); cot A = 1/√(sec²A − 1); cosec A = sec A/√(sec²A − 1)

प्रश्न 3. सही विकल्प चुनिए और अपने विकल्प का औचित्य दीजिए – (i) 9 sec²A − 9 tan²A बराबर है: (A) 1 (B) 9 (C) 8 (D) 0   (ii) (1 + tan θ + sec θ)(1 + cot θ − cosec θ) बराबर है: (A) 0 (B) 1 (C) 2 (D) −1   (iii) (sec A + tan A)(1 − sin A) बराबर है: (A) sec A (B) sin A (C) cosec A (D) cos A   (iv) (1 + tan²A)/(1 + cot²A) बराबर है: (A) sec²A (B) −1 (C) cot²A (D) tan²A

हल (i):

चरण 1: 9 उभयनिष्ठ लें – 9(sec²A − tan²A) = 9 × 1 = 9 (क्योंकि sec²A − tan²A = 1)

✅ उत्तर (i): (B) 9

हल (ii):

चरण 1: सब कुछ sin θ, cos θ में बदलें – पहला गुणनखंड = (cos θ + sin θ + 1)/cos θ और दूसरा = (sin θ + cos θ − 1)/sin θ।

चरण 2: गुणनफल = [(sin θ + cos θ)² − 1] / (sin θ cos θ) = [1 + 2 sin θ cos θ − 1] / (sin θ cos θ) = 2

✅ उत्तर (ii): (C) 2

हल (iii):

चरण 1: sec A + tan A = (1 + sin A)/cos A लिखें –

चरण 2: व्यंजक = [(1 + sin A)/cos A] × (1 − sin A) = (1 − sin²A)/cos A = cos²A/cos A = cos A

✅ उत्तर (iii): (D) cos A

हल (iv):

चरण 1: 1 + tan²A = sec²A और 1 + cot²A = cosec²A रखें –

चरण 2: व्यंजक = sec²A/cosec²A = (1/cos²A) ÷ (1/sin²A) = sin²A/cos²A = tan²A

✅ उत्तर (iv): (D) tan²A

प्रश्न 4. निम्नलिखित सर्वसमिकाएँ सिद्ध कीजिए, जहाँ θ और A वे न्यून कोण हैं जिनके लिए व्यंजक परिभाषित हैं – (i) (cosec θ − cot θ)² = (1 − cos θ)/(1 + cos θ)   (ii) cos A/(1 + sin A) + (1 + sin A)/cos A = 2 sec A   (iii) sin θ/(1 + cos θ) + (1 + cos θ)/sin θ = 2 cosec θ   (iv) √[(1 + sin A)/(1 − sin A)] = sec A + tan A

हल (i):

चरण 1: बायाँ पक्ष = (1/sin θ − cos θ/sin θ)² = ((1 − cos θ)/sin θ)² = (1 − cos θ)²/sin²θ

चरण 2: sin²θ = 1 − cos²θ = (1 − cos θ)(1 + cos θ) रखें –

चरण 3: = (1 − cos θ)² / [(1 − cos θ)(1 + cos θ)] = (1 − cos θ)/(1 + cos θ) = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (i): सिद्ध हुआ।

हल (ii):

चरण 1: बायाँ पक्ष का LCM लें – हर = cos A (1 + sin A) और अंश = cos²A + (1 + sin A)²

चरण 2: अंश = cos²A + 1 + 2 sin A + sin²A = (sin²A + cos²A) + 1 + 2 sin A = 2 + 2 sin A = 2(1 + sin A)

चरण 3: व्यंजक = 2(1 + sin A) / [cos A (1 + sin A)] = 2/cos A = 2 sec A = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (ii): सिद्ध हुआ।

हल (iii):

चरण 1: बायाँ पक्ष का LCM लें – अंश = sin²θ + (1 + cos θ)² और हर = sin θ (1 + cos θ)

चरण 2: अंश = sin²θ + 1 + 2 cos θ + cos²θ = 1 + 1 + 2 cos θ = 2(1 + cos θ)

चरण 3: व्यंजक = 2(1 + cos θ) / [sin θ (1 + cos θ)] = 2/sin θ = 2 cosec θ = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (iii): सिद्ध हुआ।

हल (iv):

चरण 1: वर्गमूल के अंदर अंश और हर को (1 + sin A) से गुणा करें (परिमेयकरण) –

(1 + sin A)/(1 − sin A) = (1 + sin A)² / (1 − sin²A) = (1 + sin A)² / cos²A

चरण 2: बायाँ पक्ष = √[(1 + sin A)²/cos²A] = (1 + sin A)/cos A

चरण 3: = 1/cos A + sin A/cos A = sec A + tan A = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (iv): सिद्ध हुआ।

प्रश्न 5. निम्नलिखित सर्वसमिकाएँ भी सिद्ध कीजिए – (i) tan θ/(1 − cot θ) + cot θ/(1 − tan θ) = 1 + sec θ cosec θ   (ii) (1 + sec A)/sec A = sin²A/(1 − cos A)   (iii) (cos A − sin A + 1)/(cos A + sin A − 1) = cosec A + cot A   (iv) (sin θ − 2 sin³θ)/(2 cos³θ − cos θ) = tan θ   (v) (sin A + cosec A)² + (cos A + sec A)² = 7 + tan²A + cot²A   (vi) (1 + cot A − cosec A)(1 + tan A + sec A) = 2   (vii) यदि sin θ + cos θ = √2 है, तो सिद्ध कीजिए कि tan θ + cot θ = 2

हल (i):

चरण 1: सब कुछ sin θ, cos θ में बदलें –

tan θ/(1 − cot θ) = sin²θ / [cos θ (sin θ − cos θ)] और cot θ/(1 − tan θ) = −cos²θ / [sin θ (sin θ − cos θ)]

चरण 2: उभयनिष्ठ हर sin θ cos θ (sin θ − cos θ) लेने पर अंश = sin³θ − cos³θ = (sin θ − cos θ)(sin²θ + sin θ cos θ + cos²θ)

चरण 3: (sin θ − cos θ) कट जाएगा – शेष = (1 + sin θ cos θ)/(sin θ cos θ) = 1 + 1/(sin θ cos θ) = 1 + sec θ cosec θ = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (i): सिद्ध हुआ।

हल (ii):

चरण 1: बायाँ पक्ष = (1 + sec A)/sec A = 1/sec A + sec A/sec A = cos A + 1

चरण 2: दायाँ पक्ष = sin²A/(1 − cos A) = (1 − cos²A)/(1 − cos A) = (1 − cos A)(1 + cos A)/(1 − cos A) = 1 + cos A

चरण 3: दोनों पक्ष बराबर आए – बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (ii): सिद्ध हुआ।

हल (iii):

चरण 1: अंश और हर दोनों को sin A से भाग दें – बायाँ पक्ष = (cot A − 1 + cosec A)/(cot A + 1 − cosec A) = [(cosec A + cot A) − 1] / [1 − (cosec A − cot A)]

चरण 2: सर्वसमिका cosec²A − cot²A = 1 से (cosec A − cot A)(cosec A + cot A) = 1, इसलिए (cosec A − cot A) = 1/(cosec A + cot A)।

चरण 3: हर = 1 − 1/(cosec A + cot A) = [(cosec A + cot A) − 1] / (cosec A + cot A)

चरण 4: भाग देने पर [(cosec A + cot A) − 1] कट जाएगा और शेष बचेगा = cosec A + cot A = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (iii): सिद्ध हुआ।

हल (iv):

चरण 1: अंश से sin θ और हर से cos θ उभयनिष्ठ लें –

= [sin θ (1 − 2 sin²θ)] / [cos θ (2 cos²θ − 1)]

चरण 2: ध्यान दें – 1 − 2 sin²θ = (1 − sin²θ) − sin²θ = cos²θ − sin²θ और 2 cos²θ − 1 = cos²θ − (1 − cos²θ) = cos²θ − sin²θ। दोनों कोष्ठक बराबर हैं।

चरण 3: बराबर भाग कट जाएगा – शेष = sin θ/cos θ = tan θ = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (iv): सिद्ध हुआ।

हल (v):

चरण 1: दोनों वर्ग खोलें – (sin A + cosec A)² = sin²A + 2 + cosec²A (क्योंकि 2 × sin A × cosec A = 2 × 1 = 2) और (cos A + sec A)² = cos²A + 2 + sec²A

चरण 2: योग = (sin²A + cos²A) + 4 + cosec²A + sec²A

चरण 3: cosec²A = 1 + cot²A और sec²A = 1 + tan²A रखें – योग = 1 + 4 + (1 + cot²A) + (1 + tan²A) = 7 + tan²A + cot²A = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (v): सिद्ध हुआ।

हल (vi):

चरण 1: सब कुछ sin A, cos A में बदलें – पहला गुणनखंड = (sin A + cos A − 1)/sin A और दूसरा = (cos A + sin A + 1)/cos A

चरण 2: गुणनफल = [(sin A + cos A)² − 1] / (sin A cos A)

चरण 3: (sin A + cos A)² = sin²A + cos²A + 2 sin A cos A = 1 + 2 sin A cos A है, इसलिए अंश = 2 sin A cos A और गुणनफल = 2 sin A cos A/(sin A cos A) = 2 = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (vi): सिद्ध हुआ।

हल (vii):

चरण 1: दिया है sin θ + cos θ = √2। दोनों पक्षों का वर्ग करें –

sin²θ + cos²θ + 2 sin θ cos θ = 2   ⇒   1 + 2 sin θ cos θ = 2   ⇒   sin θ cos θ = 1/2

चरण 2: अब tan θ + cot θ = sin θ/cos θ + cos θ/sin θ = (sin²θ + cos²θ)/(sin θ cos θ)

चरण 3: = 1/(1/2) = 2 = दायाँ पक्ष

✅ उत्तर (vii): सिद्ध हुआ।

📌 इस प्रश्नावली में हमने सीखा – सर्वसमिकाएँ सिद्ध करने की विधि: एक पक्ष लो, sin-cos में बदलो, sin²θ + cos²θ = 1 लगाओ।

📖 NCERT उदाहरण (Examples)

उदाहरण 1. यदि tan A = a/b है, तो (a sin A − b cos A) / (a sin A + b cos A) का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: tan A = लंब/आधार = a/b है। मान लीजिए लंब = ak और आधार = bk, तो कर्ण = √(a²k² + b²k²) = k√(a² + b²)।

चरण 2: sin A = a/√(a² + b²) और cos A = b/√(a² + b²) लिखें।

चरण 3: अंश = a × [a/√(a² + b²)] − b × [b/√(a² + b²)] = (a² − b²)/√(a² + b²)

चरण 4: हर = a × [a/√(a² + b²)] + b × [b/√(a² + b²)] = (a² + b²)/√(a² + b²)

चरण 5: भाग देने पर √(a² + b²) कट जाएगा –

✅ उत्तर: मान = (a² − b²)/(a² + b²)

उदाहरण 2. त्रिभुज PQR में कोण Q समकोण है। यदि PQ = 12 cm, QR = 5 cm और PR = 13 cm है, तो tan P − cot R का मान ज्ञात कीजिए।

हल:

चरण 1: कोण P के लिए लंब = QR = 5 और आधार = PQ = 12 है, इसलिए tan P = 5/12।

चरण 2: कोण R के लिए आधार = QR = 5 और लंब = PQ = 12 हो जाता है, इसलिए cot R = आधार/लंब = 5/12।

चरण 3: tan P − cot R = 5/12 − 5/12 = 0

✅ उत्तर: tan P − cot R = 0

उदाहरण 3. मान निकालिए – (i) (sin²63° + sin²27°) / (cos²17° + cos²73°)   (ii) sin 25° cos 65° + cos 25° sin 65°

हल (i):

चरण 1: sin 27° = sin(90° − 63°) = cos 63° और cos 73° = cos(90° − 17°) = sin 17° लिखें।

चरण 2: व्यंजक = (sin²63° + cos²63°) / (cos²17° + sin²17°) = 1/1 = 1

✅ उत्तर (i): 1

हल (ii):

चरण 1: cos 65° = cos(90° − 25°) = sin 25° और sin 65° = sin(90° − 25°) = cos 25° लिखें।

चरण 2: व्यंजक = sin²25° + cos²25° = 1

✅ उत्तर (ii): 1

📖 Case Study – केस आधारित प्रश्न

केस पढ़ें: एक मज़दूर 10 m लंबी सीढ़ी को दीवार के सहारे इस प्रकार टिकाता है कि सीढ़ी ज़मीन के साथ 60° का कोण बनाती है। सीढ़ी, दीवार और ज़मीन मिलकर एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं, जिसमें सीढ़ी कर्ण है। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

Q1. sin 60° का मान है —

(A) 1/2
(B) √3/2
(C) 1/√2
(D) 1

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) √3/2 – विशिष्ट कोणों की सारणी से।

Q2. सीढ़ी का ऊपरी सिरा दीवार को ज़मीन से कितनी ऊँचाई पर छूता है? —

(A) 5 m
(B) 10 m
(C) 5√3 m
(D) 10√3 m

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 5√3 m – ऊँचाई = कर्ण × sin 60° = 10 × (√3/2) = 5√3 m।

Q3. सीढ़ी का निचला सिरा (पाद) दीवार से कितनी दूर है? —

(A) 5 m
(B) 5√3 m
(C) 10 m
(D) 20/√3 m

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (A) 5 m – दूरी = कर्ण × cos 60° = 10 × (1/2) = 5 m।

Q4. यदि वही सीढ़ी ज़मीन से 30° का कोण बनाए, तो वह दीवार को कितनी ऊँचाई पर छुएगी? —

(A) 5√3 m
(B) 10√3 m
(C) 2.5 m
(D) 5 m

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (D) 5 m – ऊँचाई = 10 × sin 30° = 10 × (1/2) = 5 m।

⭐ Quick Revision – मुख्य बिंदु

  • sin²θ का अर्थ है (sin θ)² – वर्ग अनुपात पर लगता है, कोण पर नहीं। sin²θ + cos²θ = 1 इस अध्याय की आत्मा है।
  • 0° से 90° तक sin θ का मान 0 से 1 तक बढ़ता है, जबकि cos θ का मान 1 से 0 तक घटता है।
  • sin θ और cos θ का मान कभी 1 से अधिक नहीं होता, क्योंकि लंब और आधार हमेशा कर्ण से छोटे होते हैं। परंतु tan θ का मान 1 से अधिक भी हो सकता है।
  • tan 90°, cosec 0° और cot 0° परिभाषित नहीं होते (हर में शून्य आता है) – यह वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का पसंदीदा प्रश्न है।
  • Identity सिद्ध करने का सुनहरा नियम – सब कुछ sin और cos में बदलो, फिर sin²θ + cos²θ = 1 लगाओ।
  • प्रसिद्ध पाइथागोरस त्रिक याद रखें – (3, 4, 5), (5, 12, 13), (7, 24, 25), (8, 15, 17)।
  • पूरक कोणों में जोड़ी देखो – 48° का साथी 42°, 67° का साथी 23°। गुणनफल वाले प्रश्नों में उत्तर प्रायः 1 आता है।

⚠️ आम गलतियाँ (Common Mistakes)

  • लंब-आधार उल्टा पहचानना – कोण बदलते ही लंब और आधार बदल जाते हैं। पहले कोण तय करें, फिर उसके सामने वाली भुजा को लंब कहें।
  • सारणी के मान आपस में मिला देना – sin 30° = 1/2 होता है, cos 30° = √3/2। √-trick से सारणी बनाना सीख लें तो यह गलती नहीं होगी।
  • cot A को cot × A समझना – cot A एक ही अनुपात का नाम है, गुणनफल नहीं।
  • Identity में दोनों पक्षों को एक साथ बदलना – एक पक्ष (प्रायः बायाँ) लेकर चलें और अंत में दूसरे पक्ष से मिलान करें।
  • परिमेयकरण भूलना – हर में √ आए तो उत्तर अधूरा माना जाता है, परिमेयकरण करके सरल रूप लिखें।
  • tan 90° = ∞ लिख देना – परीक्षा में “परिभाषित नहीं” लिखना ही सही उत्तर है।

🎯 Bihar Board Exam Tips

  • मान सारणी मुँहज़बानी हो: BSEB के Objective खंड में हर साल विशिष्ट कोणों के मानों पर सीधे प्रश्न आते हैं। √-trick से सारणी बनाना सीख लें – भूलने पर भी परीक्षा भवन में बना लेंगे।
  • LHS से चलें: Identity के प्रश्न में बायाँ पक्ष लेकर step-by-step दायाँ पक्ष तक पहुँचें और हर step में प्रयोग हुआ सूत्र लिखें – step marking में पूरे अंक मिलते हैं।
  • चित्र बनाएँ: भुजाओं वाले प्रश्नों में त्रिभुज का चित्र बनाकर लंब, आधार, कर्ण अंकित करने से गलती नहीं होती।
  • परिमेयकरण का अभ्यास: हर में √ आए तो परिमेयकरण करना आना चाहिए – यह विधि अध्याय 9 में भी काम आएगी।
  • अध्याय 9 की नींव: ऊँचाई-दूरी वाले प्रश्नों की तैयारी इसी अध्याय से शुरू होती है – tan और cot के प्रयोग विशेष रूप से दोहराएँ।

📝 Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry MCQ Quiz – स्वयं को परखें (15 प्रश्न)

नीचे दिए 15 प्रश्न Bihar Board के exam pattern पर हैं। पहले स्वयं हल करें, फिर “✅ उत्तर देखें” से जाँचें।

Q1. sin 45° का मान है —

(A) 1/2
(B) 1/√2
(C) √3/2
(D) 1

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 1/√2 – सारणी से sin 45° = 1/√2 होता है।

Q2. tan 30° का मान है —

(A) √3
(B) 1
(C) 1/√3
(D) 0

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 1/√3 – सारणी से tan 30° = 1/√3 होता है।

Q3. sin²θ + cos²θ का मान होता है —

(A) 1
(B) 0
(C) 2
(D) −1

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (A) 1 – यह त्रिकोणमिति की मूल सर्वसमिका है।

Q4. यदि sin θ = 1/2 हो, तो θ का मान है —

(A) 90°
(B) 60°
(C) 45°
(D) 30°

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (D) 30° – क्योंकि sin 30° = 1/2 होता है।

Q5. cos 60° का मान है —

(A) √3/2
(B) 1/2
(C) 1/√2
(D) 0

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 1/2 – सारणी से cos 60° = 1/2 होता है।

Q6. tan θ बराबर होता है —

(A) sin θ / cos θ
(B) cos θ / sin θ
(C) sin θ × cos θ
(D) 1

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (A) sin θ / cos θ – (लंब/आधार) = (लंब/कर्ण) ÷ (आधार/कर्ण)।

Q7. sec θ किसका व्युत्क्रम (Reciprocal) है? —

(A) sin θ
(B) tan θ
(C) cos θ
(D) cot θ

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) cos θ – sec θ = 1/cos θ होता है।

Q8. tan 90° का मान है —

(A) 0
(B) 1
(C) √3
(D) परिभाषित नहीं

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (D) परिभाषित नहीं – tan 90° = sin 90°/cos 90° = 1/0, जो परिभाषित नहीं है।

Q9. यदि tan A = 1 हो, तो कोण A है —

(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 45° – tan 45° = 1 होता है।

Q10. 1 + tan²θ बराबर होता है —

(A) sec²θ
(B) cosec²θ
(C) sin²θ
(D) cos²θ

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (A) sec²θ – यह दूसरी मूल सर्वसमिका है।

Q11. sin(90° − θ) बराबर होता है —

(A) sin θ
(B) tan θ
(C) cos θ
(D) sec θ

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) cos θ – यह पूरक कोण का सूत्र है।

Q12. cosec 30° का मान है —

(A) 1/2
(B) 2
(C) √2
(D) 2/√3

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (B) 2 – cosec 30° = 1/sin 30° = 1/(1/2) = 2।

Q13. यदि sin θ = 3/5 हो, तो cos θ का मान है —

(A) 3/4
(B) 5/3
(C) 5/4
(D) 4/5

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (D) 4/5 – 3-4-5 त्रिक से आधार = 4, कर्ण = 5, अतः cos θ = 4/5।

Q14. sin 60° cos 30° − cos 60° sin 30° का मान है —

(A) 1/2
(B) 1
(C) 0
(D) √3/2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (A) 1/2 – (√3/2 × √3/2) − (1/2 × 1/2) = 3/4 − 1/4 = 1/2।

Q15. sin θ का अधिकतम संभव मान है —

(A) 2
(B) √2
(C) 1
(D) 1/2

✅ उत्तर देखें

उत्तर: (C) 1 – sin 90° = 1 ही sin का सबसे बड़ा मान है, क्योंकि लंब कभी कर्ण से बड़ा नहीं हो सकता।

✅ Answer Key – MCQ Quiz (Chapter 8)

प्रश्न Q1 Q2 Q3 Q4 Q5 Q6 Q7 Q8 Q9 Q10 Q11 Q12 Q13 Q14 Q15
उत्तर B C A D B A C D B A C B D A C

❓ Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry – FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1. Class 10 Math Chapter 8 Introduction to Trigonometry में लंब और आधार पहचानने में सबसे ज़्यादा गलती क्यों होती है?

क्योंकि लंब वह भुजा है जो चुने गए कोण के सामने होती है – कोण बदलते ही लंब और आधार बदल जाते हैं, केवल कर्ण स्थिर रहता है। इसलिए पहले कोण तय करें, फिर भुजाएँ पहचानें।

प्रश्न 2. क्या मानों की सारणी (0° से 90°) रटनी पड़ेगी?

रटने के बजाय √-trick से समझकर याद करें – sin के मान √0/2 से √4/2 के क्रम में हैं और cos के मान इनके उलटे क्रम में। tan = sin ÷ cos से निकल आता है। यह क्रम समझ आ जाए तो सारणी आप स्वयं बना सकेंगे।

प्रश्न 3. tan 90° क्यों परिभाषित नहीं होता?

क्योंकि tan 90° = sin 90°/cos 90° = 1/0 होता है, और शून्य से भाग परिभाषित नहीं है। इसी कारण cosec 0° और cot 0° भी परिभाषित नहीं होते।

प्रश्न 4. Identity (सर्वसमिका) सिद्ध करने का सबसे सरल तरीका क्या है?

तीन चरण याद रखें – (1) जटिल पक्ष (प्रायः LHS) से शुरू करें, (2) सभी अनुपातों को sin θ और cos θ में बदलें, (3) sin²θ + cos²θ = 1 लगाकर सरल करें। लगभग हर NCERT identity इन्हीं चरणों से सिद्ध होती है।

प्रश्न 5. क्या अध्याय 8 पढ़े बिना अध्याय 9 (त्रिकोणमिति के अनुप्रयोग) पढ़ सकते हैं?

नहीं। अध्याय 9 के प्रश्न tan θ व cot θ पर आधारित हैं – अध्याय 8 के अनुपात, सारणी और सूत्र उसके लिए नींव का काम करते हैं। पहले यह अध्याय पूरा करें, फिर आगे बढ़ें।

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आधिकारिक स्रोत: NCERT की वेबसाइट से Class 10 Maths की पुस्तकें यहाँ देखें – NCERT Textbooks (ncert.nic.in)

⬅️ पिछला अध्याय Class 10 Math Chapter 7 Coordinate Geometry (निर्देशांक ज्यामिति) – NCERT Solutions in Hindi
➡️ अगला अध्याय Class 10 Math Chapter 9 Some Applications of Trigonometry (त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग) – NCERT Solutions in Hindi

🔚 निष्कर्ष (Conclusion)

इस लेख में हमने Class 10 Math Chapter 8 की पूरी नींव रखी – छहों अनुपात, मान सारणी, पूरक कोणों के सूत्र और तीनों सर्वसमिकाएँ, साथ ही सभी प्रश्नावलियों के प्रश्न step-by-step हल किए गए।

याद रखिए, सफलता का सूत्र है – त्रिभुज सही पहचानो + सारणी याद रखो + सर्वसमिका लगाओ। इस लेख के प्रश्न स्वयं हल किए हों तो परीक्षा में इस अध्याय के पूरे अंक पक्के हैं।

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अगला कदम: अब Class 10 Math Chapter 9 Some Applications of Trigonometry (त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग) पढ़ें, जहाँ आप इन्हीं अनुपातों से इमारतों की ऊँचाई और दूरियाँ निकालना सीखेंगे। शुभकामनाएँ!