परिचय – सांख्यिकी बोर्ड परीक्षा में क्यों ज़रूरी है?
Class 10 Math Chapter 14 Statistics यानी सांख्यिकी में हम आँकड़ों (Data) को समझने की तीन मुख्य मापें सीखते हैं — माध्य (Mean), माध्यक (Median) और बहुलक (Mode)।
कक्षा 9 में आपने अवर्गीकृत आँकड़ों (Ungrouped Data) की ये मापें निकाली थीं; कक्षा 10 में यही काम वर्गीकृत आँकड़ों (Grouped Data) यानी बारंबारता सारणी वाले आँकड़ों के लिए करना है।
Bihar Board (BSEB) Class 10 की परीक्षा में सांख्यिकी से हर साल एक 5 अंक वाला दीर्घ प्रश्न (माध्य या माध्यक का) और 1–2 वस्तुनिष्ठ प्रश्न निश्चित आते हैं। यह अध्याय पूरी तरह गणना पर आधारित है — सूत्र याद हो और सारणी ठीक बन जाए, तो पूरे अंक मिलते हैं। इसीलिए इसे सबसे scoring अध्यायों में गिना जाता है।
इस लेख में चारों प्रश्नावलियों (14.1–14.4) के सभी 25 प्रश्न सारणी सहित step-by-step हल किए गए हैं। साथ में NCERT उदाहरण, Case Study, 15 MCQ का Quiz और FAQ भी है। हर गणना दोबारा जाँचकर लिखी गई है।
जानकारी – एक नज़र में यह अध्याय
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| Board | Bihar Board (BSEB) |
| Textbook | NCERT |
| Class | 10 |
| Subject | Maths (गणित) |
| Chapter | 14 |
| Chapter Name | Class 10 Math Chapter 14 Statistics (सांख्यिकी) |
| कुल हल किए गए प्रश्न | 25 (प्रश्नावली 14.1 के 9 + 14.2 के 6 + 14.3 के 7 + 14.4 के 3) |
इस Chapter में क्या-क्या है? (Topics)
- वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य – प्रत्यक्ष, कल्पित माध्य और पद-विचलन विधि (प्रश्नावली 14.1)
- वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक (प्रश्नावली 14.2)
- वर्गीकृत आँकड़ों का माध्यक और अनुभवजन्य संबंध (प्रश्नावली 14.3)
- संचयी बारंबारता वक्र – तोरण (Ogive) (प्रश्नावली 14.4)
- NCERT उदाहरण, Case Study, MCQ Quiz और FAQ
शब्दावली: बारंबारता (Frequency) = कोई मान कितनी बार आया। वर्ग चिह्न (Class Mark) = किसी वर्ग का मध्य मान। संचयी बारंबारता (Cumulative Frequency) = बारंबारताओं का क्रमिक योग।
📊 Important Formulas – महत्वपूर्ण सूत्रों की तालिका
| क्र. | राशि | सूत्र |
|---|---|---|
| 1 | वर्ग चिह्न (Class Mark) | xᵢ = (ऊपरी सीमा + निम्न सीमा) / 2 |
| 2 | माध्य – प्रत्यक्ष विधि | x̄ = Σfᵢxᵢ / Σfᵢ |
| 3 | माध्य – कल्पित माध्य विधि | x̄ = a + (Σfᵢdᵢ / Σfᵢ), जहाँ dᵢ = xᵢ − a |
| 4 | माध्य – पद-विचलन विधि | x̄ = a + (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ) × h, जहाँ uᵢ = (xᵢ − a) / h |
| 5 | माध्यक (Median) | माध्यक = l + [(n/2 − cf) / f] × h |
| 6 | बहुलक (Mode) | बहुलक = l + [(f₁ − f₀) / (2f₁ − f₀ − f₂)] × h |
| 7 | अनुभवजन्य संबंध (Empirical Relation) | 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य |
संकेतों का अर्थ: माध्यक के सूत्र में l = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा, n = कुल बारंबारता, cf = माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता, f = माध्यक वर्ग की बारंबारता और h = वर्ग अंतराल। बहुलक के सूत्र में l = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, f₁ = बहुलक वर्ग की बारंबारता, f₀ = बहुलक वर्ग से पहले वाले वर्ग की बारंबारता और f₂ = बहुलक वर्ग के बाद वाले वर्ग की बारंबारता है।
याद रखें: माध्य की तीनों विधियों से उत्तर हमेशा एक ही आता है — विधि केवल गणना को आसान बनाती है।
प्रश्नावली 14.1 – वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य (हल सहित)
प्रश्न 1. विद्यार्थियों के एक समूह द्वारा अपने पर्यावरण संचेतना अभियान के अंतर्गत एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें एक मोहल्ले के 20 घरों में लगे पौधों से संबंधित निम्नलिखित आँकड़े एकत्रित किए गए। प्रति घर पौधों की औसत (माध्य) संख्या ज्ञात कीजिए।
| पौधों की संख्या | 0–2 | 2–4 | 4–6 | 6–8 | 8–10 | 10–12 | 12–14 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| घरों की संख्या | 1 | 2 | 1 | 5 | 6 | 2 | 3 |
हल (प्रत्यक्ष विधि):
चरण 1: हर वर्ग का वर्ग चिह्न xᵢ निकालकर fᵢxᵢ ज्ञात करें —
| पौधे (वर्ग) | fᵢ | xᵢ | fᵢxᵢ |
|---|---|---|---|
| 0–2 | 1 | 1 | 1 |
| 2–4 | 2 | 3 | 6 |
| 4–6 | 1 | 5 | 5 |
| 6–8 | 5 | 7 | 35 |
| 8–10 | 6 | 9 | 54 |
| 10–12 | 2 | 11 | 22 |
| 12–14 | 3 | 13 | 39 |
| योग | Σfᵢ = 20 | — | Σfᵢxᵢ = 162 |
चरण 2: माध्य = Σfᵢxᵢ / Σfᵢ = 162 / 20 = 8.1।
उत्तर: प्रति घर पौधों की माध्य संख्या = 8.1
प्रश्न 2. एक फैक्टरी के 50 श्रमिकों की दैनिक मज़दूरी के निम्नलिखित बंटन पर विचार कीजिए। एक उपयुक्त विधि का प्रयोग करके माध्य दैनिक मज़दूरी ज्ञात कीजिए।
| दैनिक मज़दूरी (₹) | 500–520 | 520–540 | 540–560 | 560–580 | 580–600 |
|---|---|---|---|---|---|
| श्रमिकों की संख्या | 12 | 14 | 8 | 6 | 10 |
हल (पद-विचलन विधि — कल्पित माध्य a = 550, h = 20):
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| मज़दूरी (₹) | fᵢ | xᵢ | uᵢ = (xᵢ − 550)/20 | fᵢuᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 500–520 | 12 | 510 | −2 | −24 |
| 520–540 | 14 | 530 | −1 | −14 |
| 540–560 | 8 | 550 | 0 | 0 |
| 560–580 | 6 | 570 | 1 | 6 |
| 580–600 | 10 | 590 | 2 | 20 |
| योग | Σfᵢ = 50 | — | — | Σfᵢuᵢ = −12 |
चरण 2: माध्य = a + (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ) × h = 550 + (−12/50) × 20 = 550 − 4.8 = 545.20।
उत्तर: माध्य दैनिक मज़दूरी = ₹545.20
प्रश्न 3. निम्नलिखित बंटन एक मोहल्ले के बच्चों के दैनिक जेब खर्च को दर्शाता है। माध्य जेब खर्च ₹18 है। लुप्त बारंबारता f ज्ञात कीजिए।
| दैनिक जेब खर्च (₹) | 11–13 | 13–15 | 15–17 | 17–19 | 19–21 | 21–23 | 23–25 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बच्चों की संख्या | 7 | 6 | 9 | 13 | f | 5 | 4 |
हल:
चरण 1: वर्ग चिह्न: 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24। अब Σfᵢ = 7 + 6 + 9 + 13 + f + 5 + 4 = 44 + f।
चरण 2: Σfᵢxᵢ = (7 × 12) + (6 × 14) + (9 × 16) + (13 × 18) + (20f) + (5 × 22) + (4 × 24) = 84 + 84 + 144 + 234 + 20f + 110 + 96 = 752 + 20f।
चरण 3: माध्य = 18 दिया है ⇒ (752 + 20f)/(44 + f) = 18 ⇒ 752 + 20f = 792 + 18f ⇒ 2f = 40 ⇒ f = 20।
उत्तर: लुप्त बारंबारता f = 20
प्रश्न 4. किसी अस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा 30 महिलाओं की जाँच की गई और उनके हृदय स्पंदन (heart beats) प्रति मिनट की संख्या नोट की गई, जिसे नीचे दर्शाया गया है। एक उपयुक्त विधि चुनकर इन महिलाओं के हृदय स्पंदन की माध्य संख्या प्रति मिनट ज्ञात कीजिए।
| स्पंदन प्रति मिनट | 65–68 | 68–71 | 71–74 | 74–77 | 77–80 | 80–83 | 83–86 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| महिलाओं की संख्या | 2 | 4 | 3 | 8 | 7 | 4 | 2 |
हल (कल्पित माध्य विधि — a = 75.5):
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| स्पंदन | fᵢ | xᵢ | dᵢ = xᵢ − 75.5 | fᵢdᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 65–68 | 2 | 66.5 | −9 | −18 |
| 68–71 | 4 | 69.5 | −6 | −24 |
| 71–74 | 3 | 72.5 | −3 | −9 |
| 74–77 | 8 | 75.5 | 0 | 0 |
| 77–80 | 7 | 78.5 | 3 | 21 |
| 80–83 | 4 | 81.5 | 6 | 24 |
| 83–86 | 2 | 84.5 | 9 | 18 |
| योग | Σfᵢ = 30 | — | — | Σfᵢdᵢ = 12 |
चरण 2: माध्य = a + (Σfᵢdᵢ / Σfᵢ) = 75.5 + 12/30 = 75.5 + 0.4 = 75.9।
उत्तर: माध्य हृदय स्पंदन = 75.9 प्रति मिनट
प्रश्न 5. किसी फुटकर बाज़ार में फल विक्रेता पेटियों में आम रखकर बेच रहे थे। पेटियों में आमों की संख्या भिन्न-भिन्न थीं। निम्नलिखित बंटन के अनुसार, आमों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए।
| आमों की संख्या | 50–52 | 53–55 | 56–58 | 59–61 | 62–64 |
|---|---|---|---|---|---|
| पेटियों की संख्या | 15 | 110 | 135 | 115 | 25 |
हल (पद-विचलन विधि):
चरण 1: वर्ग असंतत हैं (52 के बाद 53), पर माध्य के लिए वर्ग चिह्न से ही काम चलता है: xᵢ = 51, 54, 57, 60, 63। कल्पित माध्य a = 57 और वर्ग माप h = 3 लें।
| आम | fᵢ | xᵢ | uᵢ = (xᵢ − 57)/3 | fᵢuᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 50–52 | 15 | 51 | −2 | −30 |
| 53–55 | 110 | 54 | −1 | −110 |
| 56–58 | 135 | 57 | 0 | 0 |
| 59–61 | 115 | 60 | 1 | 115 |
| 62–64 | 25 | 63 | 2 | 50 |
| योग | Σfᵢ = 400 | — | — | Σfᵢuᵢ = 25 |
चरण 2: माध्य = 57 + (25/400) × 3 = 57 + 0.1875 = 57.19 (लगभग)।
उत्तर: आमों की माध्य संख्या ≈ 57.19
प्रश्न 6. निम्नलिखित सारणी 25 परिवारों के भोजन पर हुए दैनिक व्यय को दर्शाती है। एक उपयुक्त विधि द्वारा भोजन पर हुआ माध्य व्यय ज्ञात कीजिए।
| दैनिक व्यय (₹) | 100–150 | 150–200 | 200–250 | 250–300 | 300–350 |
|---|---|---|---|---|---|
| परिवारों की संख्या | 4 | 5 | 12 | 2 | 2 |
हल (कल्पित माध्य विधि — a = 225):
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| व्यय (₹) | fᵢ | xᵢ | dᵢ = xᵢ − 225 | fᵢdᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 100–150 | 4 | 125 | −100 | −400 |
| 150–200 | 5 | 175 | −50 | −250 |
| 200–250 | 12 | 225 | 0 | 0 |
| 250–300 | 2 | 275 | 50 | 100 |
| 300–350 | 2 | 325 | 100 | 200 |
| योग | Σfᵢ = 25 | — | — | Σfᵢdᵢ = −350 |
चरण 2: माध्य = 225 + (−350/25) = 225 − 14 = 211।
उत्तर: भोजन पर माध्य दैनिक व्यय = ₹211
प्रश्न 7. एक विशेष क्षेत्र में वायु में SO₂ की सांद्रता (भाग प्रति मिलियन में) ज्ञात करने के लिए 30 दिन आँकड़े एकत्र किए गए, जो नीचे दिए गए हैं। वायु में SO₂ की माध्य सांद्रता ज्ञात कीजिए।
| SO₂ की सांद्रता | 0.00–0.04 | 0.04–0.08 | 0.08–0.12 | 0.12–0.16 | 0.16–0.20 | 0.20–0.24 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता (दिन) | 4 | 9 | 9 | 2 | 4 | 2 |
हल (प्रत्यक्ष विधि):
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| सांद्रता | fᵢ | xᵢ | fᵢxᵢ |
|---|---|---|---|
| 0.00–0.04 | 4 | 0.02 | 0.08 |
| 0.04–0.08 | 9 | 0.06 | 0.54 |
| 0.08–0.12 | 9 | 0.10 | 0.90 |
| 0.12–0.16 | 2 | 0.14 | 0.28 |
| 0.16–0.20 | 4 | 0.18 | 0.72 |
| 0.20–0.24 | 2 | 0.22 | 0.44 |
| योग | Σfᵢ = 30 | — | Σfᵢxᵢ = 2.96 |
चरण 2: माध्य = 2.96 / 30 = 0.0987 ≈ 0.099 ppm।
उत्तर: SO₂ की माध्य सांद्रता ≈ 0.099 ppm
प्रश्न 8. किसी कक्षा के शिक्षक ने पूरे सत्र के लिए अपने 40 विद्यार्थियों की अनुपस्थिति का निम्नलिखित रिकॉर्ड (record) रखा। एक विद्यार्थी की अनुपस्थित दिनों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए।
| अनुपस्थित दिनों की संख्या | 0–6 | 6–10 | 10–14 | 14–20 | 20–28 | 28–38 | 38–40 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या | 11 | 10 | 7 | 4 | 4 | 3 | 1 |
हल (प्रत्यक्ष विधि):
चरण 1: सारणी बनाएँ — ध्यान दें, यहाँ वर्गों की चौड़ाई बराबर नहीं है, फिर भी प्रत्येक वर्ग का वर्ग चिह्न अलग-अलग निकालकर विधि वही रहती है।
| दिन | fᵢ | xᵢ | fᵢxᵢ |
|---|---|---|---|
| 0–6 | 11 | 3 | 33 |
| 6–10 | 10 | 8 | 80 |
| 10–14 | 7 | 12 | 84 |
| 14–20 | 4 | 17 | 68 |
| 20–28 | 4 | 24 | 96 |
| 28–38 | 3 | 33 | 99 |
| 38–40 | 1 | 39 | 39 |
| योग | Σfᵢ = 40 | — | Σfᵢxᵢ = 499 |
चरण 2: माध्य = 499 / 40 = 12.475 ≈ 12.48 दिन।
उत्तर: अनुपस्थित दिनों की माध्य संख्या ≈ 12.48
प्रश्न 9. निम्नलिखित सारणी 35 नगरों की साक्षरता दर (प्रतिशत में) दर्शाती है। माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए।
| साक्षरता दर (%) | 45–55 | 55–65 | 65–75 | 75–85 | 85–95 |
|---|---|---|---|---|---|
| नगरों की संख्या | 3 | 10 | 11 | 8 | 3 |
हल (कल्पित माध्य विधि — a = 70):
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| साक्षरता दर (%) | fᵢ | xᵢ | dᵢ = xᵢ − 70 | fᵢdᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 45–55 | 3 | 50 | −20 | −60 |
| 55–65 | 10 | 60 | −10 | −100 |
| 65–75 | 11 | 70 | 0 | 0 |
| 75–85 | 8 | 80 | 10 | 80 |
| 85–95 | 3 | 90 | 20 | 60 |
| योग | Σfᵢ = 35 | — | — | Σfᵢdᵢ = −20 |
चरण 2: माध्य = 70 + (−20/35) = 70 − 0.57 = 69.43%।
उत्तर: माध्य साक्षरता दर ≈ 69.43%
इस प्रश्नावली में हमने सीखा: xᵢ छोटे हों तो प्रत्यक्ष विधि, बड़े हों तो कल्पित माध्य विधि और बराबर वर्ग-माप के साथ बड़ी संख्याएँ हों तो पद-विचलन विधि — उत्तर तीनों से एक ही आता है।
प्रश्नावली 14.2 – वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक (हल सहित)
बहुलक निकालने के चरण: सबसे अधिक बारंबारता वाला वर्ग बहुलक वर्ग (Modal Class) होता है। फिर सूत्र में l, f₁ (बहुलक वर्ग की बारंबारता), f₀ (पहले के वर्ग की) और f₂ (बाद के वर्ग की) रखकर हल करें।
प्रश्न 1. निम्नलिखित सारणी एक वर्ष में किसी अस्पताल में भर्ती हुए रोगियों की आयु दर्शाती है। इन आँकड़ों का बहुलक और माध्य ज्ञात कीजिए। दोनों केंद्रीय प्रवृत्ति की मापों की तुलना कीजिए और उनकी व्याख्या कीजिए।
| आयु (वर्षों में) | 5–15 | 15–25 | 25–35 | 35–45 | 45–55 | 55–65 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रोगियों की संख्या | 6 | 11 | 21 | 23 | 14 | 5 |
हल:
चरण 1 (बहुलक): अधिकतम बारंबारता 23 है ⇒ बहुलक वर्ग = 35–45। यहाँ l = 35, f₁ = 23, f₀ = 21, f₂ = 14, h = 10।
बहुलक = 35 + [(23 − 21)/(2 × 23 − 21 − 14)] × 10 = 35 + (2/11) × 10 = 35 + 1.82 = 36.82 वर्ष।
चरण 2 (माध्य): वर्ग चिह्न: 10, 20, 30, 40, 50, 60। Σfᵢxᵢ = 60 + 220 + 630 + 920 + 700 + 300 = 2830 और Σfᵢ = 80, इसलिए माध्य = 2830/80 = 35.38 वर्ष (लगभग)।
चरण 3 (व्याख्या): अस्पताल में सबसे अधिक रोगी लगभग 36.8 वर्ष की आयु-वर्ग के हैं (बहुलक), जबकि औसतन रोगियों की आयु 35.38 वर्ष है (माध्य)।
उत्तर: बहुलक ≈ 36.8 वर्ष, माध्य ≈ 35.38 वर्ष
प्रश्न 2. निम्नलिखित आँकड़े 225 विद्युत उपकरणों (electrical components) के देखे गए जीवन-काल (घंटों में) की सूचना देते हैं। उपकरणों का बहुलक जीवन-काल ज्ञात कीजिए।
| जीवन-काल (घंटे) | 0–20 | 20–40 | 40–60 | 60–80 | 80–100 | 100–120 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 10 | 35 | 52 | 61 | 38 | 29 |
हल:
चरण 1: अधिकतम बारंबारता 61 है ⇒ बहुलक वर्ग = 60–80। l = 60, f₁ = 61, f₀ = 52, f₂ = 38, h = 20।
चरण 2: बहुलक = 60 + [(61 − 52)/(2 × 61 − 52 − 38)] × 20 = 60 + (9/32) × 20 = 60 + 5.625 = 65.625 घंटे।
उत्तर: बहुलक जीवन-काल = 65.625 घंटे
प्रश्न 3. निम्नलिखित आँकड़े एक गाँव के 200 परिवारों के कुल मासिक घरेलू व्यय का बंटन दर्शाते हैं। परिवारों का बहुलक मासिक व्यय और माध्य मासिक व्यय ज्ञात कीजिए।
| व्यय (₹) | 1000–1500 | 1500–2000 | 2000–2500 | 2500–3000 | 3000–3500 | 3500–4000 | 4000–4500 | 4500–5000 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| परिवारों की संख्या | 24 | 40 | 33 | 28 | 30 | 22 | 16 | 7 |
हल:
चरण 1 (बहुलक): बहुलक वर्ग = 1500–2000 (f₁ = 40), f₀ = 24, f₂ = 33, l = 1500, h = 500।
बहुलक = 1500 + [(40 − 24)/(80 − 24 − 33)] × 500 = 1500 + (16/23) × 500 = 1500 + 347.83 = 1847.83।
चरण 2 (माध्य, पद-विचलन विधि — a = 2750, h = 500): वर्ग चिह्न: 1250, 1750, 2250, 2750, 3250, 3750, 4250, 4750। uᵢ: −3, −2, −1, 0, 1, 2, 3, 4। fᵢuᵢ: −72, −80, −33, 0, 30, 44, 48, 28 ⇒ Σfᵢuᵢ = −35।
माध्य = 2750 + (−35/200) × 500 = 2750 − 87.5 = 2662.50।
उत्तर: बहुलक व्यय ≈ ₹1847.83, माध्य व्यय = ₹2662.50
प्रश्न 4. निम्नलिखित बंटन भारत के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में राज्य-वार विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात (प्रति शिक्षक विद्यार्थियों की संख्या) दर्शाता है। इन आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए।
| प्रति शिक्षक विद्यार्थियों की संख्या | 15–20 | 20–25 | 25–30 | 30–35 | 35–40 | 40–45 | 45–50 | 50–55 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| राज्यों / केंद्र-शासित प्रदेशों की संख्या | 1 | 8 | 13 | 9 | 7 | 5 | 3 | 2 |
हल:
चरण 1: अधिकतम बारंबारता 13 है ⇒ बहुलक वर्ग = 25–30। l = 25, f₁ = 13, f₀ = 8, f₂ = 9, h = 5।
चरण 2: बहुलक = 25 + [(13 − 8)/(26 − 8 − 9)] × 5 = 25 + (5/9) × 5 = 25 + 2.78 = 27.78।
उत्तर: बहुलक विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात ≈ 27.78
प्रश्न 5. दिया गया बंटन विश्व के कुछ शीर्ष बल्लेबाज़ों द्वारा एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में बनाए गए रनों को दर्शाता है। आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए।
| बनाए गए रन | 3000–4000 | 4000–5000 | 5000–6000 | 6000–7000 | 7000–8000 | 8000–9000 | 9000–10000 | 10000–11000 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बल्लेबाज़ों की संख्या | 4 | 18 | 9 | 7 | 6 | 3 | 1 | 1 |
हल:
चरण 1: अधिकतम बारंबारता 18 है ⇒ बहुलक वर्ग = 4000–5000। l = 4000, f₁ = 18, f₀ = 4, f₂ = 9, h = 1000।
चरण 2: बहुलक = 4000 + [(18 − 4)/(36 − 4 − 9)] × 1000 = 4000 + (14/23) × 1000 = 4000 + 608.70 = 4608.70 रन।
उत्तर: बहुलक रन ≈ 4608.7
प्रश्न 6. एक विद्यार्थी ने किसी सड़क पर किसी स्थान से गुज़रने वाली कारों की संख्या गिनी और 100 अवधियों (प्रत्येक 3 मिनट की) के आँकड़े नीचे दिए हैं। आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए।
| कारों की संख्या | 0–10 | 10–20 | 20–30 | 30–40 | 40–50 | 50–60 | 60–70 | 70–80 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 7 | 14 | 13 | 12 | 20 | 11 | 15 | 8 |
हल:
चरण 1: अधिकतम बारंबारता 20 है ⇒ बहुलक वर्ग = 40–50। l = 40, f₁ = 20, f₀ = 12, f₂ = 11, h = 10।
चरण 2: बहुलक = 40 + [(20 − 12)/(40 − 12 − 11)] × 10 = 40 + (8/17) × 10 = 40 + 4.71 = 44.71 कारें (लगभग)।
उत्तर: बहुलक ≈ 44.71 कारें
इस प्रश्नावली में हमने सीखा: बहुलक के लिए केवल तीन बारंबारताएँ चाहिए — f₀, f₁, f₂ — और उनका क्रम (पहले का वर्ग, बहुलक वर्ग, बाद का वर्ग) कभी न बदलें।
प्रश्नावली 14.3 – वर्गीकृत आँकड़ों का माध्यक (हल सहित)
माध्यक निकालने के चरण: (1) संचयी बारंबारता (cf) का स्तंभ बनाएँ। (2) n/2 ज्ञात करें। (3) जिस वर्ग की संचयी बारंबारता n/2 से बस बड़ी हो, वही माध्यक वर्ग है। (4) सूत्र में मान रखकर हल करें।
प्रश्न 1. एक स्थानीय टेलीफ़ोन निर्देशिका से 100 उपनामों (surnames) को यादृच्छया उठाया गया और उनमें वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का बारंबारता बंटन प्राप्त किया गया। अक्षरों की संख्या का माध्यक, माध्य और बहुलक ज्ञात कीजिए।
| अक्षरों की संख्या | 1–4 | 4–7 | 7–10 | 10–13 | 13–16 | 16–19 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| उपनामों की संख्या | 6 | 30 | 40 | 16 | 4 | 4 |
हल:
चरण 1 (माध्यक): cf: 6, 36, 76, 92, 96, 100। n = 100 ⇒ n/2 = 50। 50 से बस बड़ी cf = 76 है ⇒ माध्यक वर्ग = 7–10। l = 7, cf = 36, f = 40, h = 3।
माध्यक = 7 + [(50 − 36)/40] × 3 = 7 + 1.05 = 8.05 अक्षर।
चरण 2 (माध्य): वर्ग चिह्न: 2.5, 5.5, 8.5, 11.5, 14.5, 17.5। Σfᵢxᵢ = 15 + 165 + 340 + 184 + 58 + 70 = 832 ⇒ माध्य = 832/100 = 8.32 अक्षर।
चरण 3 (बहुलक): बहुलक वर्ग = 7–10 (f₁ = 40), f₀ = 30, f₂ = 16। बहुलक = 7 + [(40 − 30)/(80 − 30 − 16)] × 3 = 7 + (10/34) × 3 = 7 + 0.88 = 7.88 अक्षर।
उत्तर: माध्यक = 8.05, माध्य = 8.32, बहुलक = 7.88 अक्षर
प्रश्न 2. 51 लड़कियों की ऊँचाइयों के सर्वेक्षण का परिणाम ‘से कम’ प्रकार की सारणी में दिया गया है। माध्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
| ऊँचाई (cm में, इससे कम) | 140 | 145 | 150 | 155 | 160 | 165 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| लड़कियों की संख्या (cf) | 4 | 11 | 29 | 40 | 46 | 51 |
हल:
चरण 1: पहले साधारण बारंबारता निकालें — वर्ग: 135–140*: 4, 140–145: 7, 145–150: 18, 150–155: 11, 155–160: 6, 160–165: 5। (*पहला वर्ग ‘140 से कम’ है; माध्यिका के लिए उसे 5 cm चौड़ा वर्ग ही माना जाता है।)
चरण 2: n = 51 ⇒ n/2 = 25.5। 25.5 से बस बड़ी cf = 29 है ⇒ माध्यक वर्ग = 145–150। l = 145, cf = 11, f = 18, h = 5।
चरण 3: माध्यक = 145 + [(25.5 − 11)/18] × 5 = 145 + (14.5/18) × 5 = 145 + 4.03 = 149.03 cm।
उत्तर: माध्यक ऊँचाई ≈ 149.03 cm
प्रश्न 3. निम्नलिखित आँकड़ों का माध्यक 28.5 है। यदि बारंबारताओं का योग 60 है, तो x और y के मान ज्ञात कीजिए।
| वर्ग अंतराल | 0–10 | 10–20 | 20–30 | 30–40 | 40–50 | 50–60 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 5 | x | 20 | 15 | y | 5 |
हल:
चरण 1: कुल बारंबारता: 5 + x + 20 + 15 + y + 5 = 60 ⇒ x + y = 15।
चरण 2: माध्यक 28.5 वर्ग 20–30 में है ⇒ माध्यक वर्ग = 20–30। l = 20, cf = 5 + x, f = 20, h = 10, n/2 = 30।
चरण 3: 28.5 = 20 + [(30 − (5 + x))/20] × 10 ⇒ 8.5 = (25 − x)/2 ⇒ 25 − x = 17 ⇒ x = 8। तब y = 15 − 8 = 7।
उत्तर: x = 8, y = 7
प्रश्न 4. एक जीवन बीमा अभिकर्ता (agent) ने 100 पॉलिसीधारकों की आयु का बंटन प्राप्त किया। माध्यक आयु ज्ञात कीजिए, यदि पॉलिसियाँ केवल 18 वर्ष से अधिक परंतु 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को ही दी जाती हैं।
| आयु (वर्षों में) | 18–20 | 20–25 | 25–30 | 30–35 | 35–40 | 40–45 | 45–50 | 50–55 | 55–60 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पॉलिसीधारकों की संख्या | 2 | 4 | 18 | 21 | 33 | 11 | 3 | 6 | 2 |
हल:
चरण 1: वर्गों को संतत बनाएँ — 17.5–20.5, 20.5–25.5, 25.5–30.5, 30.5–35.5, 35.5–40.5, 40.5–45.5, 45.5–50.5, 50.5–55.5, 55.5–60.5। cf क्रमशः: 2, 6, 24, 45, 78, 89, 92, 98, 100।
चरण 2: n/2 = 50। 50 से बस बड़ी cf = 78 है ⇒ माध्यक वर्ग = 35.5–40.5। l = 35.5, cf = 45, f = 33, h = 5।
चरण 3: माध्यक = 35.5 + [(50 − 45)/33] × 5 = 35.5 + 0.76 = 36.26 वर्ष (लगभग)।
उत्तर: माध्यक आयु ≈ 36.26 वर्ष
ध्यान दें: इस प्रश्न में NCERT के हल के अनुसार वर्गों को पहले संतत वर्गों (17.5–20.5, 20.5–25.5, …) में बदला गया है, फिर माध्यक का सूत्र लगाया गया है। असंतत वर्ग दिखें तो यही चरण सबसे पहले करें।
प्रश्न 5. 40 पत्तों की लंबाइयाँ (mm में) मापी गईं और प्राप्त आँकड़े नीचे दिए गए हैं। पत्तों की माध्यक लंबाई ज्ञात कीजिए।
| लंबाई (mm) | 118–126 | 127–135 | 136–144 | 145–153 | 154–162 | 163–171 | 172–180 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पत्तों की संख्या | 3 | 5 | 9 | 12 | 5 | 4 | 2 |
हल:
चरण 1: वर्ग असंतत हैं (126 के बाद 127) — अंतर 1 है, इसलिए हर वर्ग में ±0.5 समायोजन करें: 117.5–126.5, 126.5–135.5, 135.5–144.5, 144.5–153.5, 153.5–162.5, 162.5–171.5, 171.5–180.5। cf: 3, 8, 17, 29, 34, 38, 40।
चरण 2: n = 40 ⇒ n/2 = 20। 20 से बस बड़ी cf = 29 है ⇒ माध्यक वर्ग = 144.5–153.5। l = 144.5, cf = 17, f = 12, h = 9।
चरण 3: माध्यक = 144.5 + [(20 − 17)/12] × 9 = 144.5 + 2.25 = 146.75 mm।
उत्तर: माध्यक लंबाई = 146.75 mm
प्रश्न 6. निम्नलिखित सारणी 400 नियॉन लैंपों के जीवन-काल को दर्शाती है। एक लैंप का माध्यक जीवन-काल ज्ञात कीजिए।
| जीवन-काल (घंटे) | 1500–2000 | 2000–2500 | 2500–3000 | 3000–3500 | 3500–4000 | 4000–4500 | 4500–5000 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| लैंपों की संख्या | 14 | 56 | 60 | 86 | 74 | 62 | 48 |
हल:
चरण 1: cf: 14, 70, 130, 216, 290, 352, 400। n = 400 ⇒ n/2 = 200।
चरण 2: 200 से बस बड़ी cf = 216 है ⇒ माध्यक वर्ग = 3000–3500। l = 3000, cf = 130, f = 86, h = 500।
चरण 3: माध्यक = 3000 + [(200 − 130)/86] × 500 = 3000 + 406.98 = 3406.98 घंटे।
उत्तर: माध्यक जीवन-काल ≈ 3406.98 घंटे
प्रश्न 7. निम्नलिखित बारंबारता बंटन एक मोहल्ले के 68 उपभोक्ताओं की मासिक बिजली खपत दर्शाता है। आँकड़ों का माध्यक, माध्य और बहुलक ज्ञात कीजिए और उनकी तुलना कीजिए।
| मासिक खपत (इकाई) | 65–85 | 85–105 | 105–125 | 125–145 | 145–165 | 165–185 | 185–205 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उपभोक्ताओं की संख्या | 4 | 5 | 13 | 20 | 14 | 8 | 4 |
हल:
चरण 1 (माध्यक): cf: 4, 9, 22, 42, 56, 64, 68। n/2 = 34। 34 से बस बड़ी cf = 42 ⇒ माध्यक वर्ग = 125–145। l = 125, cf = 22, f = 20, h = 20। माध्यक = 125 + [(34 − 22)/20] × 20 = 125 + 12 = 137 इकाई।
चरण 2 (माध्य, कल्पित माध्य a = 135): वर्ग चिह्न: 75, 95, 115, 135, 155, 175, 195। dᵢ: −60, −40, −20, 0, 20, 40, 60। fᵢdᵢ: −240, −200, −260, 0, 280, 320, 240 ⇒ Σfᵢdᵢ = 140। माध्य = 135 + 140/68 = 135 + 2.06 = 137.06 इकाई।
चरण 3 (बहुलक): बहुलक वर्ग = 125–145 (f₁ = 20), f₀ = 13, f₂ = 14। बहुलक = 125 + [(20 − 13)/(40 − 13 − 14)] × 20 = 125 + (7/13) × 20 = 125 + 10.77 = 135.77 इकाई।
चरण 4 (तुलना): तीनों मापें लगभग बराबर हैं (माध्यक 137, माध्य 137.06, बहुलक 135.77) — अर्थात् अधिकांश उपभोक्ताओं की मासिक खपत लगभग 137 इकाई के आसपास है।
उत्तर: माध्यक = 137 इकाई, माध्य ≈ 137.06 इकाई, बहुलक ≈ 135.77 इकाई
इस प्रश्नावली में हमने सीखा: माध्यक वर्ग हमेशा संचयी बारंबारता से चुना जाता है (सबसे बड़ी बारंबारता वाला वर्ग बहुलक वर्ग होता है — दोनों में भ्रम न करें), और सूत्र में cf हमेशा माध्यक वर्ग से पहले की संचयी बारंबारता होती है।
प्रश्नावली 14.4 – संचयी बारंबारता वक्र: तोरण (Ogive) (हल सहित)
तोरण (Ogive) क्या है? संचयी बारंबारता को आलेखित करके बनाया गया चिकना वक्र तोरण कहलाता है। ‘से कम प्रकार’ में बिंदु (ऊपरी सीमा, cf) और ‘से अधिक प्रकार’ में बिंदु (निम्न सीमा, cf) लिए जाते हैं। दोनों वक्रों के प्रतिच्छेद बिंदु से माध्यक मिलता है।
चित्र: ‘से कम प्रकार’ और ‘से अधिक प्रकार’ के तोरण (Ogive) — दोनों वक्रों के प्रतिच्छेद बिंदु के x-निर्देशांक से आँकड़ों का माध्यक प्राप्त होता है।
प्रश्न 1. निम्नलिखित बंटन एक फैक्टरी के 50 श्रमिकों की दैनिक आय दर्शाता है। इस बंटन को ‘से कम प्रकार’ के संचयी बारंबारता बंटन में बदलिए और उसका तोरण बनाइए।
| दैनिक आय (₹) | 100–120 | 120–140 | 140–160 | 160–180 | 180–200 |
|---|---|---|---|---|---|
| श्रमिकों की संख्या | 12 | 14 | 8 | 6 | 10 |
हल:
चरण 1: ‘से कम प्रकार’ की सारणी बनाएँ —
| दैनिक आय (₹) | संचयी बारंबारता |
|---|---|
| 120 से कम | 12 |
| 140 से कम | 12 + 14 = 26 |
| 160 से कम | 26 + 8 = 34 |
| 180 से कम | 34 + 6 = 40 |
| 200 से कम | 40 + 10 = 50 |
चरण 2: बिंदु (120, 12), (140, 26), (160, 34), (180, 40), (200, 50) को ग्राफ़ पेपर पर आलेखित करें (x-अक्ष पर आय, y-अक्ष पर संचयी बारंबारता)।
चरण 3: इन बिंदुओं को मुक्त-हस्त (free hand) से जोड़कर चिकना वक्र बनाएँ — यही ‘से कम प्रकार’ का तोरण है।
उत्तर: तोरण के बिंदु — (120, 12), (140, 26), (160, 34), (180, 40), (200, 50)
प्रश्न 2. एक कक्षा के 35 विद्यार्थियों के चिकित्सा परीक्षण में उनके भार निम्नलिखित ‘से कम’ सारणी में अभिलेखित किए गए। दिए गए आँकड़ों के लिए ‘से कम प्रकार’ का तोरण बनाइए। ग्राफ़ से माध्यक भार प्राप्त कीजिए और सूत्र द्वारा परिणाम का सत्यापन कीजिए।
| भार (kg में, इससे कम) | 38 | 40 | 42 | 44 | 46 | 48 | 50 | 52 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या (cf) | 0 | 3 | 5 | 9 | 14 | 28 | 32 | 35 |
हल:
चरण 1: बिंदु (38, 0), (40, 3), (42, 5), (44, 9), (46, 14), (48, 28), (50, 32), (52, 35) आलेखित करके मुक्त-हस्त वक्र बनाएँ — यही ‘से कम’ तोरण है।
चरण 2 (ग्राफ़ से): n = 35 है। y = n/2 = 17.5 पर क्षैतिज रेखा खींचकर तोरण से मिलने दें; उस बिंदु से x-अक्ष पर लंब डालने पर माध्यक ≈ 46.5 kg मिलता है।
चरण 3 (सूत्र से सत्यापन): साधारण बारंबारता: 38–40: 3, 40–42: 2, 42–44: 4, 44–46: 5, 46–48: 14, 48–50: 4, 50–52: 3। माध्यक वर्ग = 46–48 (cf पहली बार 17.5 से बड़ी)। l = 46, cf = 14, f = 14, h = 2।
माध्यक = 46 + [(17.5 − 14)/14] × 2 = 46 + 0.5 = 46.5 kg — ग्राफ़ और सूत्र दोनों से समान ✓
उत्तर: माध्यक भार = 46.5 kg
प्रश्न 3. निम्नलिखित सारणी किसी गाँव के 100 खेतों में प्रति हेक्टेयर गेहूँ का उत्पादन दर्शाती है। इस बंटन को ‘से अधिक प्रकार’ के बंटन में बदलिए और तोरण बनाइए।
| उत्पादन (kg/हेक्टेयर) | 50–55 | 55–60 | 60–65 | 65–70 | 70–75 | 75–80 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| खेतों की संख्या | 2 | 8 | 12 | 24 | 38 | 16 |
हल:
चरण 1: ‘से अधिक प्रकार’ की सारणी बनाएँ —
| उत्पादन (kg/हेक्टेयर) | खेतों की संख्या |
|---|---|
| 50 या उससे अधिक | 100 |
| 55 या उससे अधिक | 100 − 2 = 98 |
| 60 या उससे अधिक | 98 − 8 = 90 |
| 65 या उससे अधिक | 90 − 12 = 78 |
| 70 या उससे अधिक | 78 − 24 = 54 |
| 75 या उससे अधिक | 54 − 38 = 16 |
चरण 2: बिंदु (50, 100), (55, 98), (60, 90), (65, 78), (70, 54), (75, 16) आलेखित करें — ध्यान दें, ‘से अधिक’ में बिंदु वर्ग की निम्न सीमा पर लिए जाते हैं।
चरण 3: बिंदुओं को मुक्त-हस्त से जोड़ें — यही ‘से अधिक प्रकार’ का तोरण है (यह वक्र नीचे की ओर जाता है)।
उत्तर: ‘से अधिक’ तोरण के बिंदु — (50, 100), (55, 98), (60, 90), (65, 78), (70, 54), (75, 16)
इस प्रश्नावली में हमने सीखा: ‘से कम’ तोरण ऊपर उठता है और ‘से अधिक’ तोरण नीचे गिरता है; दोनों को एक ही ग्राफ़ पर बनाएँ तो प्रतिच्छेद बिंदु का x-मान ही माध्यक होता है।
NCERT उदाहरण – पुस्तक के मुख्य उदाहरण (हल सहित)
उदाहरण 1. कल्पित माध्य विधि से निम्न बंटन का माध्य ज्ञात कीजिए (कल्पित माध्य a = 25 लीजिए) —
| वर्ग अंतराल | 0–10 | 10–20 | 20–30 | 30–40 | 40–50 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता (fᵢ) | 7 | 10 | 15 | 8 | 10 |
हल:
चरण 1: सारणी बनाएँ —
| वर्ग | fᵢ | xᵢ | dᵢ = xᵢ − 25 | fᵢdᵢ |
|---|---|---|---|---|
| 0–10 | 7 | 5 | −20 | −140 |
| 10–20 | 10 | 15 | −10 | −100 |
| 20–30 | 15 | 25 | 0 | 0 |
| 30–40 | 8 | 35 | 10 | 80 |
| 40–50 | 10 | 45 | 20 | 200 |
| योग | Σfᵢ = 50 | — | — | Σfᵢdᵢ = 40 |
चरण 2: माध्य = 25 + (40/50) = 25 + 0.8 = 25.8। (जाँच: प्रत्यक्ष विधि से Σfᵢxᵢ = 1290 और 1290/50 = 25.8 ✓)
उत्तर: माध्य = 25.8
उदाहरण 2. निम्न बंटन का बहुलक ज्ञात कीजिए —
| वर्ग अंतराल | 0–10 | 10–20 | 20–30 | 30–40 | 40–50 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 6 | 12 | 18 | 10 | 9 |
हल:
चरण 1: अधिकतम बारंबारता 18 है ⇒ बहुलक वर्ग = 20–30। l = 20, f₁ = 18, f₀ = 12, f₂ = 10, h = 10।
चरण 2: बहुलक = 20 + [(18 − 12)/(36 − 12 − 10)] × 10 = 20 + (6/14) × 10 = 20 + 4.29 = 24.29 (लगभग)।
उत्तर: बहुलक ≈ 24.29
उदाहरण 3. किसी बंटन का माध्य 24.6 और माध्यक 25.4 है। अनुभवजन्य संबंध से बहुलक ज्ञात कीजिए।
हल:
चरण 1: संबंध लिखें — 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य।
चरण 2: बहुलक = 3 × 25.4 − 2 × 24.6 = 76.2 − 49.2 = 27.0।
उत्तर: बहुलक = 27.0
याद रखें: यह संबंध MCQ में बहुत पूछा जाता है — दो मापें मालूम हों तो तीसरी तुरंत निकल आती है।
📖 Case Study – गणित की इकाई परीक्षा
एक विद्यालय में Class 10 के 25 विद्यार्थियों की गणित इकाई परीक्षा (50 अंकों में) के प्राप्तांक इस प्रकार हैं:
| प्राप्तांक | 0–10 | 10–20 | 20–30 | 30–40 | 40–50 |
|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या | 3 | 5 | 9 | 6 | 2 |
Q1. कुल विद्यार्थियों की संख्या (Σfᵢ) है —
(A) 20
(B) 25
(C) 30
(D) 9
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) Σfᵢ = 3 + 5 + 9 + 6 + 2 = 25।
Q2. प्राप्तांकों का माध्य है —
(A) 22.6
(B) 25.0
(C) 24.6
(D) 26.4
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) वर्ग चिह्न 5, 15, 25, 35, 45 लेने पर Σfᵢxᵢ = 15 + 75 + 225 + 210 + 90 = 615, इसलिए माध्य = 615/25 = 24.6।
Q3. माध्यक वर्ग (Median Class) है —
(A) 10–20
(B) 20–30
(C) 30–40
(D) 0–10
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) n/2 = 12.5 और संचयी बारंबारता 3, 8, 17, … है; 12.5 से बस बड़ी cf = 17 वर्ग 20–30 की है।
Q4. बहुलक वर्ग (Modal Class) है —
(A) 20–30
(B) 30–40
(C) 10–20
(D) 40–50
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (A) सबसे अधिक बारंबारता 9 वर्ग 20–30 की है, इसलिए वही बहुलक वर्ग है।
⭐ Quick Revision – Important Points और आम गलतियाँ
Important Points (दोहराने योग्य बातें)
- माध्य की तीनों विधियों से उत्तर एक ही आता है; बड़ी संख्याओं में पद-विचलन विधि सबसे आसान है।
- कल्पित माध्य (a) प्रायः बीच वाले वर्ग का वर्ग चिह्न लेते हैं — dᵢ छोटे और सममित बनते हैं।
- बहुलक वर्ग = अधिकतम बारंबारता वाला वर्ग; f₀ पीछे वाला और f₂ आगे वाला वर्ग है।
- अनुभवजन्य संबंध: 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य।
- दोनों तोरणों के प्रतिच्छेद बिंदु का x-निर्देशांक ही माध्यक होता है।
- हर प्रेक्षण में k जोड़ने/घटाने से तीनों मापों में उतना ही बदलाव होता है; k से गुणा करने पर तीनों k गुना हो जाते हैं।
आम गलतियाँ (Common Mistakes)
- माध्यक वर्ग की जगह बहुलक वर्ग चुनना — माध्यक वर्ग cf से, बहुलक वर्ग अधिकतम बारंबारता से चुनते हैं।
- cf में गलत मान रखना — सूत्र में cf हमेशा माध्यक वर्ग से पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता होती है।
- पद-विचलन विधि में अंत में h से गुणा भूलना — सूत्र है x̄ = a + (Σfᵢuᵢ/Σfᵢ) × h।
- असंतत वर्गों को संतत न बनाना — माध्यक/बहुलक से पहले ±0.5 का समायोजन अवश्य करें।
- Σfᵢ की जाँच न करना — एक बारंबारता छूट जाए तो पूरा उत्तर गलत हो जाता है।
🎯 Bihar Board Exam Tips
- सारणी साफ़-सुथरी बनाएँ: सांख्यिकी में अधिकांश अंक सारणी और सूत्र के होते हैं — हर स्तंभ का शीर्षक (fᵢ, xᵢ, fᵢxᵢ) अवश्य लिखें।
- विधि का नाम लिखें: 5 अंक वाले प्रश्न में “पद-विचलन विधि द्वारा” लिखकर सूत्र पहले लिखने से प्रस्तुति बेहतर होती है।
- उत्तर की सार्थक जाँच: माध्य, माध्यक और बहुलक हमेशा आँकड़ों की सीमा के अंदर आते हैं — बाहर आएँ तो गणना दोबारा जाँचें।
- MCQ की तैयारी: वर्ग चिह्न, अनुभवजन्य संबंध और सूत्र-पहचान वाले प्रश्न सबसे अधिक आते हैं — नीचे का Quiz उसी पैटर्न पर है।
📝 Class 10 Math Chapter 14 Statistics MCQ Quiz – स्वयं को परखें (15 प्रश्न)
पहले बिना देखे हल करें, फिर “✅ उत्तर देखें” खोलकर उत्तर मिलाएँ।
Q1. वर्गीकृत आँकड़ों के माध्य का सूत्र है —
(A) x̄ = Σxᵢ / n
(B) x̄ = Σfᵢxᵢ / Σfᵢ
(C) x̄ = Σfᵢ / Σxᵢ
(D) x̄ = Σfᵢxᵢ / n
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य = Σfᵢxᵢ / Σfᵢ।
Q2. वर्ग अंतराल 10–25 का वर्ग चिह्न (Class Mark) है —
(A) 15
(B) 17
(C) 17.5
(D) 35
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) वर्ग चिह्न = (10 + 25)/2 = 17.5।
Q3. आँकड़ों में सबसे अधिक बार आने वाला मान कहलाता है —
(A) माध्य
(B) माध्यक
(C) बहुलक
(D) परिसर
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) सबसे अधिक बारंबारता वाला मान बहुलक (Mode) कहलाता है।
Q4. अनुभवजन्य संबंध के अनुसार —
(A) बहुलक = 3 माध्य − 2 माध्यक
(B) बहुलक = 3 माध्यक − 2 माध्य
(C) माध्यक = 3 बहुलक − 2 माध्य
(D) बहुलक = माध्य + माध्यक
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य से बहुलक = 3 माध्यक − 2 माध्य।
Q5. यदि किसी बंटन का माध्य 20 और माध्यक 22 है, तो बहुलक होगा —
(A) 21
(B) 24
(C) 26
(D) 42
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) बहुलक = 3 × 22 − 2 × 20 = 66 − 40 = 26।
Q6. यदि Σfᵢ = 50 और Σfᵢxᵢ = 1250 हो, तो माध्य है —
(A) 20
(B) 25
(C) 30
(D) 12.5
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) माध्य = 1250/50 = 25।
Q7. माध्यक ज्ञात करने के लिए सबसे पहले कौन-सी सारणी बनाई जाती है? —
(A) बारंबारता सारणी
(B) संचयी बारंबारता सारणी
(C) वर्ग चिह्न सारणी
(D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) माध्यक वर्ग चुनने के लिए संचयी बारंबारता (cf) चाहिए।
Q8. बहुलक वर्ग वह वर्ग होता है जिसकी —
(A) संचयी बारंबारता अधिकतम हो
(B) बारंबारता न्यूनतम हो
(C) बारंबारता अधिकतम हो
(D) वर्ग चिह्न अधिकतम हो
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) अधिकतम बारंबारता वाला वर्ग ही बहुलक वर्ग होता है।
Q9. पद-विचलन विधि में uᵢ का सूत्र है —
(A) uᵢ = xᵢ − a
(B) uᵢ = (xᵢ − a) × h
(C) uᵢ = (xᵢ − a) / h
(D) uᵢ = a / xᵢ
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) uᵢ = (xᵢ − a)/h होता है।
Q10. ‘से कम’ और ‘से अधिक’ प्रकार के तोरणों के प्रतिच्छेद बिंदु का x-निर्देशांक क्या देता है? —
(A) माध्य
(B) बहुलक
(C) माध्यक
(D) परिसर
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) दोनों तोरणों का प्रतिच्छेद बिंदु माध्यक (Median) देता है।
Q11. कल्पित माध्य विधि में dᵢ बराबर होता है —
(A) xᵢ + a
(B) xᵢ − a
(C) a − xᵢ
(D) xᵢ × a
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) dᵢ = xᵢ − a (वर्ग चिह्न − कल्पित माध्य)।
Q12. यदि प्रत्येक प्रेक्षण में 5 जोड़ दिया जाए, तो नया माध्य —
(A) समान रहेगा
(B) 5 कम हो जाएगा
(C) 5 बढ़ जाएगा
(D) 5 गुना हो जाएगा
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) हर प्रेक्षण बढ़ने से माध्य भी उतना ही (5) बढ़ जाता है।
Q13. माध्यक के सूत्र माध्यक = l + [(n/2 − cf)/f] × h में ‘cf’ का अर्थ है —
(A) माध्यक वर्ग की बारंबारता
(B) माध्यक वर्ग से पहले के वर्ग की संचयी बारंबारता
(C) कुल बारंबारता
(D) वर्ग अंतराल
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) cf = माध्यक वर्ग से ठीक पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता।
Q14. पद-विचलन विधि से माध्य का सूत्र है —
(A) x̄ = a + (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ)
(B) x̄ = a + (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ) × h
(C) x̄ = a × (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ)
(D) x̄ = a − (Σfᵢuᵢ / Σfᵢ) × h
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (B) अंत में h से गुणा करना न भूलें।
Q15. आँकड़े 4, 6, 8, 6, 10, 6, 12 का बहुलक है —
(A) 4
(B) 8
(C) 6
(D) 10
✅ उत्तर देखें
उत्तर: (C) 6 सबसे अधिक (3 बार) आया है।
Answer Key – उत्तरमाला
| प्रश्न | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उत्तर | B | C | C | B | C | B | B | C | C | C | B | C | B | B | C |
❓ Class 10 Math Chapter 14 Statistics – FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. Class 10 Math Chapter 14 Statistics में माध्य निकालने की तीन विधियों में से परीक्षा में कौन-सी विधि अपनाएँ?
तीनों से उत्तर समान आता है। यदि xᵢ और fᵢ छोटे हों तो प्रत्यक्ष विधि, xᵢ बड़े हों तो कल्पित माध्य विधि और वर्ग अंतराल बराबर हो तथा संख्याएँ बहुत बड़ी हों तो पद-विचलन विधि सबसे तेज़ रहती है। प्रश्न में विधि का नाम दिया हो तो वही अपनाएँ।
2. माध्यक वर्ग चुनने में सबसे आम गलती क्या होती है?
छात्र प्रायः वह वर्ग चुन लेते हैं जिसकी बारंबारता सबसे अधिक है — वह बहुलक वर्ग होता है। माध्यक वर्ग संचयी बारंबारता को n/2 से बस बड़ा देखकर चुना जाता है, और सूत्र में cf हमेशा माध्यक वर्ग से पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता होती है।
3. अनुभवजन्य संबंध (Empirical Relation) कब प्रयोग होता है?
जब तीनों मापों — माध्य, माध्यक और बहुलक — में से कोई दो दिए हों और तीसरा ज्ञात करना हो। संबंध है: 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य। यह संबंध मामूली विषम (moderately skewed) बंटनों के लिए मान्य होता है।
4. तोरण (Ogive) से माध्यक कैसे पढ़ते हैं?
‘से कम’ और ‘से अधिक’ प्रकार के दोनों तोरण एक ही ग्राफ़ पर खींचें। जहाँ दोनों वक्र एक-दूसरे को काटते हैं, उस प्रतिच्छेद बिंदु से x-अक्ष पर लंब डालें — पैर का मान ही माध्यक होता है।
5. Bihar Board में सांख्यिकी से किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
प्रायः एक दीर्घ प्रश्न (5 अंक) माध्य/माध्यक/बहुलक में से किसी एक पर, साथ में वर्ग चिह्न, सूत्र और अनुभवजन्य संबंध पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न आते हैं। सारणी-आधारित अभ्यास ही इस अध्याय में सफलता की कुंजी है।
🔗 Internal Links – अन्य अध्याय भी पढ़ें
पिछला अध्याय: Class 10 Math Chapter 13 Surface Areas and Volumes (पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन) — ठोस आकृतियों के सूत्र ज़रूर दोहरा लें।
अगला अध्याय: Class 10 Math Chapter 15 Probability (प्रायिकता) — पुस्तक का अंतिम और सबसे मज़ेदार अध्याय।
सभी अध्याय एक साथ: NCERT Class 10 Bihar Board Mathematics Book – सभी अध्याय व PDF
आधिकारिक स्रोत: NCERT की वेबसाइट से Class 10 Maths की पुस्तकें यहाँ देखें – NCERT Textbooks (ncert.nic.in)
🔚 Conclusion – निष्कर्ष
सांख्यिकी में सफलता का रहस्य केवल तीन सूत्र और साफ़ सारणी है — माध्य (तीनों विधियाँ), माध्यक और बहुलक। हर प्रश्न में पहले सारणी बनाएँ, सूत्र लिखें, मान रखें और अंत में उत्तर की सार्थकता जाँचें कि वह आँकड़ों की सीमा के अंदर है या नहीं।
ऊपर के सभी 25 हल किए गए प्रश्नों और MCQ Quiz का अभ्यास करने के बाद आप बोर्ड परीक्षा के 5 अंक वाले प्रश्न को पूरे आत्मविश्वास से हल कर पाएँगे। पूरी पुस्तक के सभी अध्यायों के नोट्स, हल और PDF के लिए हमारी Class 10 Maths Book (Bihar Board) वाली पोस्ट देखें। अगले और अंतिम अध्याय — प्रायिकता — में मिलते हैं!

